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सीएम की बैठक में जाने से रोका तो रो पड़ीं चेयरपर्सन

Tue, 18 May 2021 12:13 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 18 May 2021 12:13 AM IST
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The chairperson wept when she stopped going to the CM meeting
सीएम की बैठक में जाने से रोका तो रो पड़ीं चेयरपर्सन
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मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री की जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में आमंत्रित नहीं किए जाने से आहत नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल फफक फफक कर रो पड़ीं। उधर, चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने कहा कि नाइंसाफी होने के बावजूद पार्टी की वफादार कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती रहूंगी।
भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल को अपना जनप्रतिनिधि नहीं मानती है। सोमवार को सीएम द्वारा जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाली वार्ता में उन्हें नहीं बुलाया गया। नगर पालिका चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए जिला पंचायत सभागार में पहुंचीं, तो उन्हें बाहर ही रोक लिया गया। इस अपमान पर अंजू अग्रवाल फूूट-फूट कर रोने लगीं। वह आधा घंटे तक मीडिया गैलरी में बैठी रहीं। इसके बाद सीओ सिटी कुलदीप सिंह ने उन्हें सभागार में अंदर तो पहुंचा दिया, लेकिन वह बैठक का हिस्सा नहीं बन सकीं। सभागार से बाहर निकलीं, तो वह फिर से अपने आंसू रोक नहीं सकी। मीडिया के सामने रो-रोकर अपना दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि नगर के प्रथम महिला होने के बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नहीं मिलने दिया गया। अपनी जान हथेली पर रखकर लोगों की जान बचाने में लगी रही। फिर भी भाजपा के कुछ नेताओं ने उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में निमंत्रण नहीं दिया। भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, डीएम सेल्वा कुमारी जे और एडीएम प्रशासन ने उनका फोन तक नहीं उठाया। उन्होंने राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल से भी बात की थी, जिन्होंने कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। सहारनपुर में महापौर बैठक में शामिल हुए हैं। अंजू अग्रवाल ने कहा कि ऐसा व्यवहार के होने के बावजूद वो पार्टी की वफादार कार्यकर्ता के रूप में कार्य करती रहूंगी।
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प्रोटोकॉल में काफी बड़ा है पद
-किसी भी निकाय के चेयरमैन का पद नगर पालिका एक्ट 1916 के अनुसार काफी बड़ा है। किसी बैठक में यदि प्रदेश के प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी मौजूद हैं और चेयरमैन हिस्सा ले रहे हैं, तो अध्यक्षता चेयरमैन ही करेंगे। चेयरपर्सन को उनके पद के अनुरूप सम्मान नहीं दिया गया।
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शासन से तय हुए थे नाम: शुक्ला
भाजपा जिलाध्यक्ष खुद बैठक में शामिल हुए, जबकि वह जनप्रतिनिधि नहीं है। उन्होंने बताया कि नाम शासन से आए थे कि बैठक में किसे भाग लेना है। शासन से जो पत्र आया उसमें केवल इतना लिखा है कि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे।

राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था: अमित
एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने चेयरपर्सन द्वारा प्रशासन पर लगाए आरोपों का बचाव करते हुए कहा कि यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं था। कोविड को लेकर जनप्रतिनिधियों से बातचीत थी। चेयरपर्सन को नहीं बुलाया गया था।
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