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चेयरपर्सन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर डलवाया ताला
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नगर पालिका में बंद पडा नगर स्वास्थ अधिकारी का कार्यालय।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल और नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बृजेंद्र कुमार सिंह के बीच विवाद और बढ़ गया है। चेयरपर्सन ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर ताला लगवा दिया है। इससे पहले वह उनके निलंबन की संस्तुति कर चुकी है। दिनभर स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय पर ताला लटका रहा। चेयरपर्सन ने कक्ष में कीमती सामान का हवाला दिया है।
नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर बृहस्पतिवार को चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ताला लटकवा दिया है। इससे पहले चेयरनपर्सन सीएमओ, डीएम सहित सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के निलंबन की संस्तुति कर चुकी है। चेयरपर्सन का कहना है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने अब तक के कार्यालय में न तो कोई निरीक्षण किया न ही कोई टिप्पणी लिखी है। कार्यालय में वह आते ही नहीं है। कार्यालय में कीमती सामान कम्प्यूटर आदि रखा है, इसलिए ताला लगवाया गया है।
वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि वह घर से ही ऑन लाईन काम कर रहे हैं। ऑफिस पर चेयरपर्सन ने ताला लगवा दिया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने चेयरपर्सन को भी एक पत्र लिखा है। इस पत्र में नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने नगर पालिका एक्ट का हवाला देते हुए कहा है कि चेयरपर्सन को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में हुए कुछ घोटालों के उजागर किए जाने से वह उनसे रंजिश रख रही है।
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लोकायुक्त को पत्र लिख घोटालों की जांच की मांग
नगर स्वास्थ्य अधिकारी बृजेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश के लोकायुक्त को पत्र लिखकर पालिका के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटालों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार की शिकायत किए जाने के बाद एक साजिश के तहत उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार से संबंधित दस पत्र अफसरों को लिखे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 22 दिसंबर को चार करोड़ की वाहन खरीद के मामले में नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत की थी। आपत्ति के बाद स्वास्थ्य विभाग से भुगतान संबंधी दस्तावेज बिल आदि मुझसे छुपा कर भुगतान किए जाने लगे। निदेशक स्थानीय निकाय को भी पत्र लिख चुका हूं। आउटसोर्स कर्मचारियों के कानून विपरित होने के कारण संविदा निरस्त करने का पत्र लिखा है। वित्त नियम का उल्लंघन कर प्राइवेट व्यक्तियों को भुगतान किया जा रहा है। वाहन ईंधन में गलत तैनाती को पत्र लिखा जा चुका है। षडंयत्रकारियों ने मेरा घेराव कराया और मुझे बंधक बनवाया। किसी भी बिल पर मेरे हस्ताक्षर नहीं होते हैं। एक करोड़ के लोकधन की गैर कानूनी तरीके से भुगतान की शिकायत की गई है। लगातार शिकायतों के बाद भी उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई की है।
बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर हुआ था हमला
मुजफ्फरनगर। डॉ. बिजेंद्र कुमार से पहले पालिका में नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद की जिम्मेदारी डॉ. अतुल के पास थी। बोर्ड बैठक के दौरान सभासद ने उन्हें थप्पड़ मार दिया, जिसका मुकदमा दर्ज हुआ था। डॉ. अतुल को मूल विभाग में वापस भेज दिया गया और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद की जिम्मेदारी डॉ. बिजेंद्र कुमार को सौंपी गई थी।
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नगर पालिका के नगर स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय पर बृहस्पतिवार को चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल ने ताला लटकवा दिया है। इससे पहले चेयरनपर्सन सीएमओ, डीएम सहित सभी संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी के निलंबन की संस्तुति कर चुकी है। चेयरपर्सन का कहना है कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने अब तक के कार्यालय में न तो कोई निरीक्षण किया न ही कोई टिप्पणी लिखी है। कार्यालय में वह आते ही नहीं है। कार्यालय में कीमती सामान कम्प्यूटर आदि रखा है, इसलिए ताला लगवाया गया है।
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वहीं, नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि वह घर से ही ऑन लाईन काम कर रहे हैं। ऑफिस पर चेयरपर्सन ने ताला लगवा दिया है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने चेयरपर्सन को भी एक पत्र लिखा है। इस पत्र में नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने नगर पालिका एक्ट का हवाला देते हुए कहा है कि चेयरपर्सन को उन्हें निलंबित करने का अधिकार नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में हुए कुछ घोटालों के उजागर किए जाने से वह उनसे रंजिश रख रही है।
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लोकायुक्त को पत्र लिख घोटालों की जांच की मांग
नगर स्वास्थ्य अधिकारी बृजेंद्र कुमार सिंह ने प्रदेश के लोकायुक्त को पत्र लिखकर पालिका के स्वास्थ्य विभाग में हुए घोटालों की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार की शिकायत किए जाने के बाद एक साजिश के तहत उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने भ्रष्टाचार से संबंधित दस पत्र अफसरों को लिखे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। 22 दिसंबर को चार करोड़ की वाहन खरीद के मामले में नियमों का उल्लंघन करने की शिकायत की थी। आपत्ति के बाद स्वास्थ्य विभाग से भुगतान संबंधी दस्तावेज बिल आदि मुझसे छुपा कर भुगतान किए जाने लगे। निदेशक स्थानीय निकाय को भी पत्र लिख चुका हूं। आउटसोर्स कर्मचारियों के कानून विपरित होने के कारण संविदा निरस्त करने का पत्र लिखा है। वित्त नियम का उल्लंघन कर प्राइवेट व्यक्तियों को भुगतान किया जा रहा है। वाहन ईंधन में गलत तैनाती को पत्र लिखा जा चुका है। षडंयत्रकारियों ने मेरा घेराव कराया और मुझे बंधक बनवाया। किसी भी बिल पर मेरे हस्ताक्षर नहीं होते हैं। एक करोड़ के लोकधन की गैर कानूनी तरीके से भुगतान की शिकायत की गई है। लगातार शिकायतों के बाद भी उच्चाधिकारियों ने कोई कार्रवाई की है।
बोर्ड बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर हुआ था हमला
मुजफ्फरनगर। डॉ. बिजेंद्र कुमार से पहले पालिका में नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद की जिम्मेदारी डॉ. अतुल के पास थी। बोर्ड बैठक के दौरान सभासद ने उन्हें थप्पड़ मार दिया, जिसका मुकदमा दर्ज हुआ था। डॉ. अतुल को मूल विभाग में वापस भेज दिया गया और नगर स्वास्थ्य अधिकारी पद की जिम्मेदारी डॉ. बिजेंद्र कुमार को सौंपी गई थी।