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राज्यसभा में गूंजा 17 छात्राओं से छेड़छाड़ और धमकी का मामला
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राज्यसभा में गूंजा 17 छात्राओं से छेड़छाड़ और धमकी का मामला
मुजफ्फरनगर। प्रयोगात्मक परीक्षा के बहाने भोपा क्षेत्र की 17 छात्राओं को पुरकाजी के स्कूल में रखकर छेड़खानी और धमकी दिए जाने के मामले की गूंज राज्यसभा में सुनाई दी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और छह महीने में प्रकरण के निस्तारण की मांग उठाई।
शुक्रवार को दिल्ली से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने यह मामला उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि प्रकरण को तारीख पर तारीख में उलझाने के बजाए छह महीने का समय निर्धारित किया जाना चाहिए। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट सरकार को बनाकर तेज गति से सुनवाई करनी चाहिए। इससे छात्राओं को इंसाफ मिलेगा। संजय सिंह ने कहा कि स्कूल संचालकों ने छात्राओं और अभिभावकों को बहला-फुसलाकर यह शर्मनाक हरकत की है। पुलिस के ढीले रवैये के कारण भी मामला देरी से खुला। लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी ने गांव में पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी। पुरकाजी विधायक प्रमोद उटवाल ने यह प्रकरण उठाया था।
ये था मामला
भोपा थाना क्षेत्र के सूर्यदेव पब्लिक स्कूल मजलिसपुर तौफिर की दसवीं कक्षा की छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने पुरकाजी क्षेत्र के जीजीएस इंटरनेशनल एकेडमी तुगलकपुर कम्हेड़ा में 18 नवंबर को लाया गया था। देर हो जाने की बात कहकर स्कूल संचालकों ने छात्राओं को रात के समय निजी स्कूल में ही रोक लिया। आरोप है कि स्कूल संचालकों ने खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर छात्राओं के साथ छेडख़ानी की। पुलिस ने प्रकरण में 17 दिन बाद रविवार को स्कूल संचालक अर्जुन सिंह और योगेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुरकाजी विधायक के हस्तक्षेप के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने एसपी सिटी और एएसपी को भेजा था। एसओ पुरकाजी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। दोनों आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
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- 18 नवंबर : छात्राओं को जीजीएस इंटरनेशनल एकेडमी तुगलकपुर कम्हेड़ा में रोका गया
- 19 नवंबर : छात्राओं को डरा धमकाकर उनके घर वापस भेज दिया गया
- 20 नवंबर : छात्राओं के परिजनों को जानकारी हुई, कई छात्राएं स्कूल नहीं पहुंची
- 04 दिसंबर : पुलिस ने स्कूल संचालक को पुरकाजी थाने से घर भेज दिया
- 05 दिसंबर : पीड़ित पक्ष की तहरीर पर दोनों स्कूल संचालकों के खिलाफ मुकदमा
- 06 दिसंबर : सूर्यदेव पब्लिक स्कूल का संचालक योगेश सिंह गिरफ्तार
- 07 दिसंबर : जीजीएस स्कूल के संचालक परिचितों के साथ पुरकाजी थाने पहुंचे
- 08 दिसंबर : छात्राओं के कोर्ट में बयान, आरोपी अर्जुन सिंह को जेल भेजा
- 09 दिसंबर : पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा बनाया
- 10 दिसंबर : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मामला सदन में उठाया
पुलिस की पांच टीमें कर रही जांच
सीओ सदर एएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुरकाजी थाने की दो टीम, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा सीओ भोपा भी जांच कर रहे हैं।
बिना मान्यता के चल रहे थे स्कूल
बीएसए मायाराम ने बताया कि दोनों स्कूलों की मान्यता आठवीं तक थी। दसवीं और 12वीं की कक्षाएं चलाने का दोनों को ही अधिकार नहीं था। विस्तृत जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
दो छात्राओं ने ही दिए बयान
झकझोर देने वाले मामले में दो छात्राओं ने ही बयान दिए हैं। अन्य छात्राएं अभी तक सामने नहीं आई है। गांव में मामले को लेकर नाराजगी है।
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मुजफ्फरनगर। प्रयोगात्मक परीक्षा के बहाने भोपा क्षेत्र की 17 छात्राओं को पुरकाजी के स्कूल में रखकर छेड़खानी और धमकी दिए जाने के मामले की गूंज राज्यसभा में सुनाई दी। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने छात्राओं को न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और छह महीने में प्रकरण के निस्तारण की मांग उठाई।
शुक्रवार को दिल्ली से आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने यह मामला उठाया। उन्होंने सदन में कहा कि प्रकरण को तारीख पर तारीख में उलझाने के बजाए छह महीने का समय निर्धारित किया जाना चाहिए। इसके लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट सरकार को बनाकर तेज गति से सुनवाई करनी चाहिए। इससे छात्राओं को इंसाफ मिलेगा। संजय सिंह ने कहा कि स्कूल संचालकों ने छात्राओं और अभिभावकों को बहला-फुसलाकर यह शर्मनाक हरकत की है। पुलिस के ढीले रवैये के कारण भी मामला देरी से खुला। लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी ने गांव में पहुंचकर मामले की जानकारी ली थी। पुरकाजी विधायक प्रमोद उटवाल ने यह प्रकरण उठाया था।
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ये था मामला
भोपा थाना क्षेत्र के सूर्यदेव पब्लिक स्कूल मजलिसपुर तौफिर की दसवीं कक्षा की छात्राओं को प्रयोगात्मक परीक्षा दिलाने के बहाने पुरकाजी क्षेत्र के जीजीएस इंटरनेशनल एकेडमी तुगलकपुर कम्हेड़ा में 18 नवंबर को लाया गया था। देर हो जाने की बात कहकर स्कूल संचालकों ने छात्राओं को रात के समय निजी स्कूल में ही रोक लिया। आरोप है कि स्कूल संचालकों ने खिचड़ी में नशीला पदार्थ मिलाकर छात्राओं के साथ छेडख़ानी की। पुलिस ने प्रकरण में 17 दिन बाद रविवार को स्कूल संचालक अर्जुन सिंह और योगेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुरकाजी विधायक के हस्तक्षेप के बाद एसएसपी अभिषेक यादव ने एसपी सिटी और एएसपी को भेजा था। एसओ पुरकाजी को लाइन हाजिर कर दिया गया था। दोनों आरोपियों को पुलिस जेल भेज चुकी है।
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- 18 नवंबर : छात्राओं को जीजीएस इंटरनेशनल एकेडमी तुगलकपुर कम्हेड़ा में रोका गया
- 19 नवंबर : छात्राओं को डरा धमकाकर उनके घर वापस भेज दिया गया
- 20 नवंबर : छात्राओं के परिजनों को जानकारी हुई, कई छात्राएं स्कूल नहीं पहुंची
- 04 दिसंबर : पुलिस ने स्कूल संचालक को पुरकाजी थाने से घर भेज दिया
- 05 दिसंबर : पीड़ित पक्ष की तहरीर पर दोनों स्कूल संचालकों के खिलाफ मुकदमा
- 06 दिसंबर : सूर्यदेव पब्लिक स्कूल का संचालक योगेश सिंह गिरफ्तार
- 07 दिसंबर : जीजीएस स्कूल के संचालक परिचितों के साथ पुरकाजी थाने पहुंचे
- 08 दिसंबर : छात्राओं के कोर्ट में बयान, आरोपी अर्जुन सिंह को जेल भेजा
- 09 दिसंबर : पुलिस ने घटनास्थल का नक्शा बनाया
- 10 दिसंबर : आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने मामला सदन में उठाया
पुलिस की पांच टीमें कर रही जांच
सीओ सदर एएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुरकाजी थाने की दो टीम, सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और स्वाट टीम मामले की जांच कर रही है। आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। इसके अलावा सीओ भोपा भी जांच कर रहे हैं।
बिना मान्यता के चल रहे थे स्कूल
बीएसए मायाराम ने बताया कि दोनों स्कूलों की मान्यता आठवीं तक थी। दसवीं और 12वीं की कक्षाएं चलाने का दोनों को ही अधिकार नहीं था। विस्तृत जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
दो छात्राओं ने ही दिए बयान
झकझोर देने वाले मामले में दो छात्राओं ने ही बयान दिए हैं। अन्य छात्राएं अभी तक सामने नहीं आई है। गांव में मामले को लेकर नाराजगी है।