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प्रजेंटेशन में डीएम ने 20 मिनट रखी उपलब्धि
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कोविड मरीजों के शव नदी में न बहाए जाएं : सीएम
मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ हुई सीएम योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में डीएम ने 20 मिनट तक प्रशासन की उपलब्धियां गिर्नाइं। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव दिए। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कोविड हॉस्पिटल में निर्धारित से ज्यादा पैसा लेने का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजों के शव किसी भी दशा में नदी में न बहाए जाएं। इसकी पूर्ण निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर सर्वे कर रही टीम के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती ने निपटा जाए।
मंगलवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे ने सीएम योगी आदित्यनाथ और जनप्रतिनिधियों के सामने 20 मिनट तक प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने कोरोना को लेकर अब तक की तैयारियों का ऐसा खाका खींचा की जनता के सामने कोई समस्या आई ही नहीं। उन्होंने बताया कि जिले में कितने लोगों का टेस्ट किया गया, कितने पॉजिटिव आए, कितना रिकवरी रेट रहा। ऑक्सीजन को लेकर प्रशासन ने क्या व्यवस्था बनाई है। अस्पतालों में बेड को लेकर क्या व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी, एंबुलेंस 24 घंटे जनता की सेवा कर रही है। डीएम ने बताया कि प्रशासन ने जिले की सभी व्यवस्था संभाल रखी है और यहां कोई समस्या नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने भी यह प्रजेंटेशन देखा और सुना। सीएम ने कहा कि कोविड मरीजों के शव किसी भी दशा में नदी में न बहाए जाएं। इसकी पूर्ण निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर सर्वे कर रही टीम के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती ने निपटा जाए।
विधायक विक्रम सैनी ने डीएम के कार्यों की तारीफ की। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित करने और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कोरोना महामारी के बीच मैदान छोड़ने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि देहात में सीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टर कम मिल मिलते हैं। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कोविड हॉस्पिटल में निर्धारित से ज्यादा रकम वसूलने की बात कही। इस पर सीएम ने कहा कि इस मामले में वह पहले ही आदेश कर चुके हैं। विधायक प्रमोद ऊटवाल ने ग्रामीण क्षेत्र में टेस्ट बढ़ाने और बीमारों को दवा उपलब्ध कराने की बात कही। विधायक उमेश मलिक ने भी बीमारी की रोकथाम की बात की।
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मुख्यमंत्री ने अफसरों कोे दिए आदेश
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में अफसरों को आदेश दिए कि जनपद में पोस्ट कोविड वार्ड व कम्युनिटी किचन संचालित किया जाए। जनपद में उपलब्ध 75 प्रतिशत एंबुलेंस को कोविड पेशेंट के लिए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस तत्काल पहुंच सके। आरआरटी घर घर जाकर विजिट कर टेस्टिग करें। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संवाद एवं उन्हें मेडिकल किट की उपलब्धता प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में मरीजों को अच्छा उपचार, गुणवत्तापरक भोजन एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से प्रभावी लड़ाई को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए मनोबल व संबल बनाए रखा जाए।
जिले में महिलाओं व बच्चों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अस्पताल में कोविड मरीज न आए। उन्होंने कहा कि थर्ड वेव के लिए अभी से तैयारी शुरू करें। 100-100 बेड के कोविड अस्पताल, जिनमें 25 बेड पर वेंटिलेटर की व्यवस्था बनाई जाए।
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मुजफ्फरनगर। जिला पंचायत सभागार में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ हुई सीएम योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में डीएम ने 20 मिनट तक प्रशासन की उपलब्धियां गिर्नाइं। जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री को कुछ सुझाव दिए। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कोविड हॉस्पिटल में निर्धारित से ज्यादा पैसा लेने का मामला उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड मरीजों के शव किसी भी दशा में नदी में न बहाए जाएं। इसकी पूर्ण निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर सर्वे कर रही टीम के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती ने निपटा जाए।
मंगलवार को डीएम सेल्वा कुमारी जे ने सीएम योगी आदित्यनाथ और जनप्रतिनिधियों के सामने 20 मिनट तक प्रजेंटेशन दिया। उन्होंने कोरोना को लेकर अब तक की तैयारियों का ऐसा खाका खींचा की जनता के सामने कोई समस्या आई ही नहीं। उन्होंने बताया कि जिले में कितने लोगों का टेस्ट किया गया, कितने पॉजिटिव आए, कितना रिकवरी रेट रहा। ऑक्सीजन को लेकर प्रशासन ने क्या व्यवस्था बनाई है। अस्पतालों में बेड को लेकर क्या व्यवस्था की गई है। इमरजेंसी, एंबुलेंस 24 घंटे जनता की सेवा कर रही है। डीएम ने बताया कि प्रशासन ने जिले की सभी व्यवस्था संभाल रखी है और यहां कोई समस्या नहीं है। जनप्रतिनिधियों ने भी यह प्रजेंटेशन देखा और सुना। सीएम ने कहा कि कोविड मरीजों के शव किसी भी दशा में नदी में न बहाए जाएं। इसकी पूर्ण निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि घर-घर जाकर सर्वे कर रही टीम के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता न हो। कानून के साथ खिलवाड़ करने वालों से सख्ती ने निपटा जाए।
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विधायक विक्रम सैनी ने डीएम के कार्यों की तारीफ की। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने ऑक्सीजन का कोटा निर्धारित करने और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने कोरोना महामारी के बीच मैदान छोड़ने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि देहात में सीएचसी और सीएचसी पर डॉक्टर कम मिल मिलते हैं। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने कोविड हॉस्पिटल में निर्धारित से ज्यादा रकम वसूलने की बात कही। इस पर सीएम ने कहा कि इस मामले में वह पहले ही आदेश कर चुके हैं। विधायक प्रमोद ऊटवाल ने ग्रामीण क्षेत्र में टेस्ट बढ़ाने और बीमारों को दवा उपलब्ध कराने की बात कही। विधायक उमेश मलिक ने भी बीमारी की रोकथाम की बात की।
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मुख्यमंत्री ने अफसरों कोे दिए आदेश
मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में अफसरों को आदेश दिए कि जनपद में पोस्ट कोविड वार्ड व कम्युनिटी किचन संचालित किया जाए। जनपद में उपलब्ध 75 प्रतिशत एंबुलेंस को कोविड पेशेंट के लिए रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में एंबुलेंस तत्काल पहुंच सके। आरआरटी घर घर जाकर विजिट कर टेस्टिग करें। होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों से निरंतर संवाद एवं उन्हें मेडिकल किट की उपलब्धता प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जाए। अस्पतालों में मरीजों को अच्छा उपचार, गुणवत्तापरक भोजन एवं स्वच्छ वातावरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी से प्रभावी लड़ाई को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए मनोबल व संबल बनाए रखा जाए।
जिले में महिलाओं व बच्चों के लिए डेडिकेटेड अस्पताल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अस्पताल में कोविड मरीज न आए। उन्होंने कहा कि थर्ड वेव के लिए अभी से तैयारी शुरू करें। 100-100 बेड के कोविड अस्पताल, जिनमें 25 बेड पर वेंटिलेटर की व्यवस्था बनाई जाए।