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आंदोलनकारी महिलाओं को मिला जमीयत का साथ
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शेखुल हिंद हॉल में जमीयत की बैठक में विचार मंथन करते पदाधिकारी
- फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद की प्रदेश स्तरीय बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि संविधान की रक्षा के लिए देश में जहां जहां भी महिलाएं आंदोलन कर रही हैं, जमीयत उनका पूर्ण समर्थन करेगी। इसके साथ ही यह संकल्प भी लिया गया कि हर हालात में जमीयत आंदोलनकारी महिलाओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी।
बृहस्पतिवार को ईदगाह रोड स्थित शेखुल हिंद हाल में आयोजित हुई जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) पश्चिमी उत्तर प्रदेश यूनिट की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद आकिल ने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार की बर्बरता और केंद्र सरकार के संविधान विरोधी फैसलों के खिलाफ जमीयत लगातार आंदोलन कर रही है, जबकि संविधान की रक्षा के लिए पूरे देश में महिलाओं ने आंदोलन चलाया हुआ है। इसलिए जमीयत उलमा ने यह निर्णय लिया है कि देश में जहां जहां भी महिलाएं आंदोलन कर रहीं हैं उनका पूर्ण समर्थन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 22 दिसंबर से लगातार मुहिम चलाते हुए जेल भरो आंदोलन चला रही है। प्रदेश सचिव मौलाना जाकिर व महासचिव मौलाना यामीन ने कहा कि लोगों को सीएए के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जमीयत गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएगी। जहीन अहमद, मौलाना अलाउद्दीन और मौलाना जहूर कासमी ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर मुफ्ती अब्दुल रहमान अमरोहवी, अब्दुल रज्जाक मुरादाबाद, मौलाना साजिद बुलंदशहरी, मुफ्ती बिन यामीन, मौलाना शाहिद समेत प्रदेश कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवबंद में बड़े पैमाने पर जल्द किया जाएगा धरना प्रदर्शन
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही देवबंद में सीएए के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके लिए जमीयत का केंद्रीय कार्यालय तिथि तय करेगा। इतना ही नहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में जागरूकता मुहिम चलाने का फैसला लिया गया। जिसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया। जिसमें कारी अमीर आजम, जहीन अहमद, मौलाना जाकिर, कारी यामीन और मौलाना आकिल को शामिल किया गया है।
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साख बचाने के लिए उठाया कदम
देवबंद। देश में मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद के द्वारा सीएए विरोधी आंदोलनों में नकारात्मक रुख अपनाने और देवबंद में महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के कारण जमीयत बैकफुट पर आई हुई है। ऐसे में बृहस्पतिवार को देवबंद की सरजमीन से जमीयत का देशभर में आंदोलनरत महिलाओं का पूर्ण समर्थन का एलान करना साख बचाने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को ईदगाह रोड स्थित शेखुल हिंद हाल में आयोजित हुई जमीयत उलमा-ए-हिंद (मौलाना महमूद मदनी गुट) पश्चिमी उत्तर प्रदेश यूनिट की बैठक में प्रदेशाध्यक्ष मौलाना मोहम्मद आकिल ने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार की बर्बरता और केंद्र सरकार के संविधान विरोधी फैसलों के खिलाफ जमीयत लगातार आंदोलन कर रही है, जबकि संविधान की रक्षा के लिए पूरे देश में महिलाओं ने आंदोलन चलाया हुआ है। इसलिए जमीयत उलमा ने यह निर्णय लिया है कि देश में जहां जहां भी महिलाएं आंदोलन कर रहीं हैं उनका पूर्ण समर्थन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ 22 दिसंबर से लगातार मुहिम चलाते हुए जेल भरो आंदोलन चला रही है। प्रदेश सचिव मौलाना जाकिर व महासचिव मौलाना यामीन ने कहा कि लोगों को सीएए के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जमीयत गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाएगी। जहीन अहमद, मौलाना अलाउद्दीन और मौलाना जहूर कासमी ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर मुफ्ती अब्दुल रहमान अमरोहवी, अब्दुल रज्जाक मुरादाबाद, मौलाना साजिद बुलंदशहरी, मुफ्ती बिन यामीन, मौलाना शाहिद समेत प्रदेश कमेटी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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देवबंद में बड़े पैमाने पर जल्द किया जाएगा धरना प्रदर्शन
देवबंद। जमीयत उलमा-ए-हिंद की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जल्द ही देवबंद में सीएए के खिलाफ बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। जिसके लिए जमीयत का केंद्रीय कार्यालय तिथि तय करेगा। इतना ही नहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में जागरूकता मुहिम चलाने का फैसला लिया गया। जिसके लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन भी किया गया। जिसमें कारी अमीर आजम, जहीन अहमद, मौलाना जाकिर, कारी यामीन और मौलाना आकिल को शामिल किया गया है।
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साख बचाने के लिए उठाया कदम
देवबंद। देश में मुसलमानों की सबसे बड़ी जमात जमीयत उलमा-ए-हिंद के द्वारा सीएए विरोधी आंदोलनों में नकारात्मक रुख अपनाने और देवबंद में महिलाओं के अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के कारण जमीयत बैकफुट पर आई हुई है। ऐसे में बृहस्पतिवार को देवबंद की सरजमीन से जमीयत का देशभर में आंदोलनरत महिलाओं का पूर्ण समर्थन का एलान करना साख बचाने के लिए उठाया गया कदम माना जा रहा है।