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बवाल का आरोपी पुलिस हिरासत से भागा
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मोरना (मुजफ्फरनगर)। ककरौली में 17 मई को खोर को लेकर हुए पथराव, मारपीट व बवाल का आरोपी शुक्रवार अलसुबह पुलिस की हिरासत से फरार हो गया। उसे काफी तलाशा गया, लेकिन कुछ पता नहीं चल सका।
ककरौली में पिछले कई माह से दो पक्षों में एक खोर को लेकर विवाद चला आ रहा है। इस खोर को लेकर कई बार कहासुनी, गर्मागमी, बहस व मारपीट हो चुकी है। दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। 17 मई की शाम को दोनों पक्ष एक बार फिर से आमने सामने आ गए थे, तब उनमें जमकर पथराव व मारपीट हुई थी। इससे गांव में अफरातफरी मच गई थी। बावजूद इसके किसी भी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी। किसी बड़ी अनहोनी की आशंका के चलते एसएसपी ने दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।
जिस पर ककरौली पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 24 नामजद, 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने यह मुकदमा अपनी तरफ से शांति बनाए रखने के मद्देनजर लिखाया था और नामजद जिला पंचायत सदस्य शाहनवाल व पूर्व प्रधान कामिल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था।
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सूत्रों ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे ककरौली निवासी एक युवक को बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस ने दबोच लिया। रात में उसे कार्यालय में मुंशी के पास बैठाया था। शुक्रवार अलसुबह उसने लघुशंका जाने को कहा। पहरे पर तैनात होमगार्ड उसे लेकर गया तब आरोपी युवक उसे धक्का देकर थाने के सामने बाग में घुसकर फरार हो गया।
इस सूचना से थाना पुलिस व अधिकारियों में हड़कंप मच गया। काफी तलाशने पर भी वह मिल नहीं सका। थाना प्रभारी अभिषेक चौधरी ने अवकाश और एसएसआई महेंद्र त्यागी ने खुद को सरकारी कार्य से बाहर होना बताया। सीओ भोपा गिरिजा शंकर ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वह मामले की जानकारी करा रहे हैं।
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ककरौली में पिछले कई माह से दो पक्षों में एक खोर को लेकर विवाद चला आ रहा है। इस खोर को लेकर कई बार कहासुनी, गर्मागमी, बहस व मारपीट हो चुकी है। दोनों ही पक्ष पीछे हटने को तैयार नहीं है। 17 मई की शाम को दोनों पक्ष एक बार फिर से आमने सामने आ गए थे, तब उनमें जमकर पथराव व मारपीट हुई थी। इससे गांव में अफरातफरी मच गई थी। बावजूद इसके किसी भी पक्ष ने पुलिस को तहरीर नहीं दी थी। किसी बड़ी अनहोनी की आशंका के चलते एसएसपी ने दोनों पक्षों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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जिस पर ककरौली पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के 24 नामजद, 35 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने यह मुकदमा अपनी तरफ से शांति बनाए रखने के मद्देनजर लिखाया था और नामजद जिला पंचायत सदस्य शाहनवाल व पूर्व प्रधान कामिल को गिरफ्तार कर चालान कर दिया था।
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सूत्रों ने बताया कि इस मामले में फरार चल रहे ककरौली निवासी एक युवक को बृहस्पतिवार देर शाम पुलिस ने दबोच लिया। रात में उसे कार्यालय में मुंशी के पास बैठाया था। शुक्रवार अलसुबह उसने लघुशंका जाने को कहा। पहरे पर तैनात होमगार्ड उसे लेकर गया तब आरोपी युवक उसे धक्का देकर थाने के सामने बाग में घुसकर फरार हो गया।
इस सूचना से थाना पुलिस व अधिकारियों में हड़कंप मच गया। काफी तलाशने पर भी वह मिल नहीं सका। थाना प्रभारी अभिषेक चौधरी ने अवकाश और एसएसआई महेंद्र त्यागी ने खुद को सरकारी कार्य से बाहर होना बताया। सीओ भोपा गिरिजा शंकर ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। वह मामले की जानकारी करा रहे हैं।