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Muzaffarnagar News: गठबंधन की गांठ और भाजपा के टिकट बंटवारे का इम्तिहान
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- निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान अलग-थलग नजर आया गठबंधन
- भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी से निर्दलीय लड़े भाजपाई
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव के रण में राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। प्रचार में बिखरे हुए नजर आए सपा, रालोद और आसपा गठबंधन की साख का सवाल है। टिकट बंटवारे में अध्यक्ष से लेकर सभासद तक भाजपा नेताओं के बीच नाराजगी रही। कुछ दावेदार मान गए तो कुछ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाग्य आजमा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताकर प्रचारित किए गए निकाय चुनाव को लेकर सियासत खूब उफान पर रही। टिकट बंटवारे से लेकर अब तक रूठने और मनाने का सिलसिला चलता रहा। विधानसभा चुनाव में एकजुटता से कामयाबी हासिल करने वाले सपा, रालोद और आसपा गठबंधन में निकाय चुनाव के दौरान दरार दिखाई दी। सीटों के बंटवारे से लेकर प्रत्याशियों के चयन पर नाराजगी दिखी। अध्यक्ष के अलावा सभासद प्रत्याशियों में भी गठबंधन के कार्यकर्ता एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव में अब सवाल गठबंधन की साख का बन गया है। चुनाव के नतीजे गठबंधन की भविष्य की राजनीति की रूपरेखा भी तय करेंगे।
केंद्र और प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर खूब शोर-शराबा हुआ। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के सामने ही दावेदारों ने नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद जानसठ और सिसौली में भाजपा प्रत्याशियों के सामने अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा नेता ही चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के लिए भितरघात रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।
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वार्डों में एक-दूसरे के सामने आए भाजपाई
शहर पालिका सीट पर भाजपा नेता एक दूसरे के सामने ही चुनाव लड़ रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि जनता क्या फैसला करती है। जिन्हें टिकट नहीं मिला, वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस के सामने वजूद की लड़ाई
मुजफ्फरनगर शहर पालिका सीट पर पिछले दो चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार वजूद की लड़ाई है। पिछले दो चुनावों में वैश्य उम्मीदवारों दांव लगवाने वाली कांग्रेस ने इस बार मुस्लिम उम्मीदवार बिलकिश चौधरी पर भरोसा जताया। शहर के अलावा पुरकाजी, बुढ़ाना, खतौली में कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
जनता कितनी सुनेगी हाथी की चिंघाड़
निकाय चुनाव में बसपा ने पालिका और नगर पंचायतों में प्रत्याशी मैदान में उतारे। शहर पालिका सीट पर रोशन जहां चुनाव मैदान में उतरी। अब देखने वाली बात यह होगी कि मतदाता निकाय चुनाव में बसपा पर कितना भरोसा करते हैं।
सियासी लड़ाई को रोचक बना रही आप
जिले में तीन सीटों पर बुढ़ाना, पुरकाजी और शाहपुर में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थन में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रचार किया था।
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- भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर नाराजगी से निर्दलीय लड़े भाजपाई
मदन बालियान
मुजफ्फरनगर। निकाय चुनाव के रण में राजनीतिक दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। प्रचार में बिखरे हुए नजर आए सपा, रालोद और आसपा गठबंधन की साख का सवाल है। टिकट बंटवारे में अध्यक्ष से लेकर सभासद तक भाजपा नेताओं के बीच नाराजगी रही। कुछ दावेदार मान गए तो कुछ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाग्य आजमा रहे हैं।
लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल बताकर प्रचारित किए गए निकाय चुनाव को लेकर सियासत खूब उफान पर रही। टिकट बंटवारे से लेकर अब तक रूठने और मनाने का सिलसिला चलता रहा। विधानसभा चुनाव में एकजुटता से कामयाबी हासिल करने वाले सपा, रालोद और आसपा गठबंधन में निकाय चुनाव के दौरान दरार दिखाई दी। सीटों के बंटवारे से लेकर प्रत्याशियों के चयन पर नाराजगी दिखी। अध्यक्ष के अलावा सभासद प्रत्याशियों में भी गठबंधन के कार्यकर्ता एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं। निकाय चुनाव में अब सवाल गठबंधन की साख का बन गया है। चुनाव के नतीजे गठबंधन की भविष्य की राजनीति की रूपरेखा भी तय करेंगे।
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केंद्र और प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा में टिकट बंटवारे को लेकर खूब शोर-शराबा हुआ। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान और कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल के सामने ही दावेदारों ने नाराजगी जताई थी। इसके बावजूद जानसठ और सिसौली में भाजपा प्रत्याशियों के सामने अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर भाजपा नेता ही चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा के लिए भितरघात रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।
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वार्डों में एक-दूसरे के सामने आए भाजपाई
शहर पालिका सीट पर भाजपा नेता एक दूसरे के सामने ही चुनाव लड़ रहे हैं। देखने वाली बात यह होगी कि जनता क्या फैसला करती है। जिन्हें टिकट नहीं मिला, वह निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।
कांग्रेस के सामने वजूद की लड़ाई
मुजफ्फरनगर शहर पालिका सीट पर पिछले दो चुनावों में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार वजूद की लड़ाई है। पिछले दो चुनावों में वैश्य उम्मीदवारों दांव लगवाने वाली कांग्रेस ने इस बार मुस्लिम उम्मीदवार बिलकिश चौधरी पर भरोसा जताया। शहर के अलावा पुरकाजी, बुढ़ाना, खतौली में कांग्रेस प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं।
जनता कितनी सुनेगी हाथी की चिंघाड़
निकाय चुनाव में बसपा ने पालिका और नगर पंचायतों में प्रत्याशी मैदान में उतारे। शहर पालिका सीट पर रोशन जहां चुनाव मैदान में उतरी। अब देखने वाली बात यह होगी कि मतदाता निकाय चुनाव में बसपा पर कितना भरोसा करते हैं।
सियासी लड़ाई को रोचक बना रही आप
जिले में तीन सीटों पर बुढ़ाना, पुरकाजी और शाहपुर में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। प्रत्याशियों के समर्थन में राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने प्रचार किया था।