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वीडियो वायरल होने के बाद से कल्लनपुर में जातीय तनाव
ब्यूरो,अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Wed, 17 Jan 2018 12:04 AM IST
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कल्लनपुर गांव में हंगामा करतीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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दलित युवक की बेरहमी से की गई पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद से इलाके में जातीय तनाव के हालात बन गए हैं। दलितों ने थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उधर, आरोपियों के नहीं मिलने पर पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में ले लिया। इससे गुस्साए आरोपी पक्ष के लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा किया। मामले की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने महिलाओं को रिहा कर दिया।
कल्लनपुर निवासी दलित युवक विपिन कुमार की पिटाई का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। विपिन भीम आर्मी से जुड़ा बताया गया है। हालांकि उसके परिजनों का कहना है कि विपिन समता सैनिक दल का ग्राम अध्यक्ष है। उत्तराखंड से बाइक से लौटते समय आसपास के गांवों के युवकों ने उसकी पिटाई की है। आरोप है कि युवक हिंदूवादी संगठन से जुड़े हैं। पुलिस ने विपिन के पिता पाल्ला की ओर से चार युवकों के विरुद्ध हमले का मुकदमा दर्ज किया है।
लाठी-डंडों से मारपीट करने के साथ ही आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया है। मंगलवार को वीडियो वायरल हो गया। भीम आर्मी के नेताओं ने दलितों के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। बढ़ते दबाव के चलते पुलिस ने गांव मेघा, शकरपुर, कल्लनपुर, नूरनगर गांव में आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिले। पुलिस ने आरोपी राहुल की मां कविता और जोधा की मां संजोगिता को हिरासत में ले लिया।
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जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया और सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को हिरासत में लेने का विरोध करने के लिए गांव के मुख्य रास्ते पर जमा हो गए। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस दूसरे रास्ते से महिलाओं को थाने ले आई, जिस पर आरोपी पक्ष के सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए और पुलिस पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ भाजपा नेता भी थाने पहुंच गए और पुलिस से महिलाओं को छोड़ने की मांग की, जिसे लेकर भाजपा नेताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद ग्रामीणों द्वारा आरोपियों को सौंपने का आश्वासन देने पर पुलिस ने महिलाओं को रिहा कर दिया। इस दौरान भाजपा नेता संजय वर्मा, जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा, सुक्कड सिंह, विनोद त्यागी, मनोज चौहान, कंवरपाल खंजाची, रूपचंद के अलावा ओमबीर, कृष्णपाल, संदीप, कुलदीप, मनोज, ओम सिंह, पंकज, राजसिंह आदि मौजूद रहे।
वीडियो वायरल के आरोपियों का कोर्ट में सरेंडर
मंसूरपुर (ब्यूरो)। गांव जड़ौदा में धार्मिक भावना भड़काने वाली वीडियो वायरल करने वाले नामजद पांच आरोपियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं। मंसूरपुर के गांव जड़ौदा में एक जनवरी को भीम युवा संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने हिंदू देवी देवताओं के चित्र फाड़कर उन पर अभद्र टिप्पणी करते हुए वीडियो वायरल कर दिया था।
वीडियो वायरल होने से पुलिस में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जड़ौदा के सात युवकों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज किया था। सभी नामजद आरोपी उसी दिन से फरार चल रहे थे। बेगराजपुर चौकी प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को नामजद आरोपी मिथुन, सोनू, जैकी, मोहित और सोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस फरार दो आरोपी परवीन और रोहित की तलाश में जुटी है।
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कल्लनपुर निवासी दलित युवक विपिन कुमार की पिटाई का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। विपिन भीम आर्मी से जुड़ा बताया गया है। हालांकि उसके परिजनों का कहना है कि विपिन समता सैनिक दल का ग्राम अध्यक्ष है। उत्तराखंड से बाइक से लौटते समय आसपास के गांवों के युवकों ने उसकी पिटाई की है। आरोप है कि युवक हिंदूवादी संगठन से जुड़े हैं। पुलिस ने विपिन के पिता पाल्ला की ओर से चार युवकों के विरुद्ध हमले का मुकदमा दर्ज किया है।
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लाठी-डंडों से मारपीट करने के साथ ही आरोपियों ने उसका वीडियो भी बनाया है। मंगलवार को वीडियो वायरल हो गया। भीम आर्मी के नेताओं ने दलितों के साथ थाने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। बढ़ते दबाव के चलते पुलिस ने गांव मेघा, शकरपुर, कल्लनपुर, नूरनगर गांव में आरोपियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन वह फरार मिले। पुलिस ने आरोपी राहुल की मां कविता और जोधा की मां संजोगिता को हिरासत में ले लिया।
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जानकारी मिलने पर ग्रामीणों में रोष फैल गया और सैकड़ों ग्रामीण महिलाओं को हिरासत में लेने का विरोध करने के लिए गांव के मुख्य रास्ते पर जमा हो गए। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए और पुलिस दूसरे रास्ते से महिलाओं को थाने ले आई, जिस पर आरोपी पक्ष के सैकड़ों लोग थाने पहुंच गए और पुलिस पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ भाजपा नेता भी थाने पहुंच गए और पुलिस से महिलाओं को छोड़ने की मांग की, जिसे लेकर भाजपा नेताओं की पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद ग्रामीणों द्वारा आरोपियों को सौंपने का आश्वासन देने पर पुलिस ने महिलाओं को रिहा कर दिया। इस दौरान भाजपा नेता संजय वर्मा, जिला पंचायत सदस्य सचिन शर्मा, सुक्कड सिंह, विनोद त्यागी, मनोज चौहान, कंवरपाल खंजाची, रूपचंद के अलावा ओमबीर, कृष्णपाल, संदीप, कुलदीप, मनोज, ओम सिंह, पंकज, राजसिंह आदि मौजूद रहे।
वीडियो वायरल के आरोपियों का कोर्ट में सरेंडर
मंसूरपुर (ब्यूरो)। गांव जड़ौदा में धार्मिक भावना भड़काने वाली वीडियो वायरल करने वाले नामजद पांच आरोपियों ने सोमवार को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। अभी दो आरोपी फरार चल रहे हैं। मंसूरपुर के गांव जड़ौदा में एक जनवरी को भीम युवा संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ताओं ने हिंदू देवी देवताओं के चित्र फाड़कर उन पर अभद्र टिप्पणी करते हुए वीडियो वायरल कर दिया था।
वीडियो वायरल होने से पुलिस में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जड़ौदा के सात युवकों के खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मुकदमा दर्ज किया था। सभी नामजद आरोपी उसी दिन से फरार चल रहे थे। बेगराजपुर चौकी प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि सोमवार को नामजद आरोपी मिथुन, सोनू, जैकी, मोहित और सोनू ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस फरार दो आरोपी परवीन और रोहित की तलाश में जुटी है।