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टीम ने की जांच, कर्मचारियों के लिए बयान
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नलकूप खण्ड कार्यालय का अधिष्ठान विभाग।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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मुजफ्फरनगर। नलकूप खंड कार्यालय की अलमारी में जीपीएफ के दस्तावेज जलाए जाने के मामले में तीन सदस्यीय टीम ने जांच की। कर्मचारियों के बयान लिए गए। कोषागार में भी जांच शुरू हो गई है। अधिशासी अभियंता नलकूप खंड अनिल कुमार ने बताया कि मुख्य आरोपी मुंशी विशाल की गिरफ्तारी के लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया है।
अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा टीम के साथ जांच करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग छह कर्मचारियों का मामला सामने आया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। सोमवार को भी टीम पहुंचकर जांच करेगी।
अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकरी सचिन वर्मा ने गंगा और नलकूप खंड के कर्मचारियों के बयान लिए। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और तीन कर्मचारियों से रिकवरी के लिए विभाग की ओर से डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी अभिषेक यादव को पत्र लिखा गया है।
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नौ मार्च को बयान लेगी यह टीम
मंडलायुक्त सहारनपुर ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सहारनपुर के मंडलीय अपर निदेशक कोषागार गोविंद शुक्ला और नलकूप कार्यालय के मंडल अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश शर्मा की टीम गठित की है। सोमवार को यह टीम नलकूप कार्यालय के कर्मचारियों के बयान लेगी।
दो कर्मचारियों पर हो चुकी कार्रवाई
पटल देख रहे क्लर्क अंकुल को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले आरोपी मुंशी विशाल को निलंबित किया गया था। विशाल को नलकूप खंड आगरा में अटैच किया गया है।
तीन कर्मचारियों ने खर्च कर दिए रुपये
जीपीएफ के नाम पर निकाले गए रुपयों को तीन कर्मचारियों ने खर्च कर दिया। तीनों से रिकवरी की तैयारी चल रही है।
क्या है मामला
मेरठ रोड पर डीएम आवास के पास नलकूप खंड कार्यालय है। कार्यालय की एक अलमारी में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि नलकूप चालक नरेश चंद को दस्तावेजों में चौकीदार दर्शाकर नई पेंशन स्कीम के चलते 13.20 लाख का भुगतान कर दिया गया है। जबकि नरेश ने कोषागार में इस संबंध में आवेदन नहीं किया है। आग लगाने के पीछे जीपीएफ घोटाले की आशंका है। करीब 30 लाख रुपये का रकम जीपीएफ खातों से निकाली गई है।
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अधीक्षण अभियंता सहारनपुर अनिल शर्मा टीम के साथ जांच करने के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभी तक लगभग छह कर्मचारियों का मामला सामने आया है, जिसकी जांच कराई जा रही है। सोमवार को भी टीम पहुंचकर जांच करेगी।
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अधिशासी अभियंता नलकूप खंड सहारनपुर के अधिशासी अभियंता राकेश कपूर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड मुजफ्फरनगर राकेश कुमार और नलकूप खंड मुजफ्फरनगर के लेखाधिकरी सचिन वर्मा ने गंगा और नलकूप खंड के कर्मचारियों के बयान लिए। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और तीन कर्मचारियों से रिकवरी के लिए विभाग की ओर से डीएम चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी अभिषेक यादव को पत्र लिखा गया है।
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नौ मार्च को बयान लेगी यह टीम
मंडलायुक्त सहारनपुर ने एडीएम प्रशासन नरेंद्र बहादुर सिंह, सहारनपुर के मंडलीय अपर निदेशक कोषागार गोविंद शुक्ला और नलकूप कार्यालय के मंडल अधीक्षण अभियंता ओमप्रकाश शर्मा की टीम गठित की है। सोमवार को यह टीम नलकूप कार्यालय के कर्मचारियों के बयान लेगी।
दो कर्मचारियों पर हो चुकी कार्रवाई
पटल देख रहे क्लर्क अंकुल को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले आरोपी मुंशी विशाल को निलंबित किया गया था। विशाल को नलकूप खंड आगरा में अटैच किया गया है।
तीन कर्मचारियों ने खर्च कर दिए रुपये
जीपीएफ के नाम पर निकाले गए रुपयों को तीन कर्मचारियों ने खर्च कर दिया। तीनों से रिकवरी की तैयारी चल रही है।
क्या है मामला
मेरठ रोड पर डीएम आवास के पास नलकूप खंड कार्यालय है। कार्यालय की एक अलमारी में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि नलकूप चालक नरेश चंद को दस्तावेजों में चौकीदार दर्शाकर नई पेंशन स्कीम के चलते 13.20 लाख का भुगतान कर दिया गया है। जबकि नरेश ने कोषागार में इस संबंध में आवेदन नहीं किया है। आग लगाने के पीछे जीपीएफ घोटाले की आशंका है। करीब 30 लाख रुपये का रकम जीपीएफ खातों से निकाली गई है।