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सफाई कर्मियों ने शिवचौक पर लगाया जाम
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शिव चौक पर जाम लगाते सफाई कर्मचारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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सफाईकर्मियों ने शिवचौक पर लगाया जाम
मुजफ्फरनगर। सफाई कर्मचारियों ने अपने परिजनों को साथ लेकर शिव चौक पर जाम लगाकर हंगामा किया। पालिका प्रशासन पर मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने पर भी रोष जताया।
डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीएम के आदेश पर नगरपालिका परिषद ने प्राइवेट सेक्टर की कंपनी आरके कंस्ट्रक्शन से एग्रीमेंट किया था। कंपनी ने शहर में सफाई कार्य के लिए महिला और पुरुष कर्मचारियों को रखा था। कंपनी द्वारा एक महीने तक शहर में इनसे कार्य कराया गया। पालिका की शर्तों का पालन नहीं होने पर कंपनी से करार खत्म हो गया। कंपनी एक महीने बाद ही यहां से कामकाज छोड़ चली गई थी। इन कर्मचारियों को कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया था। कंपनी के साथ काम करने वाले कर्मचारी तीन महीने का वेतन बताते हुए आंदोलन कर रहे हैं। 10 नवंबर को पालिका सभाकक्ष में बोर्ड बैठक के दौरान ये कर्मचारी अंदर घुस गए थे। इन कर्मचारियों ने पालिकाध्यक्ष सहित पूरे सदन को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा था। इस मामले में कार्यवाहक ईओ एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी ने दो को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ अज्ञात में शहर कोतवाली में मुकदमा कराया था। इसी को लेकर मंगलवार को सफाई कर्मचारी परिवार सहित सड़क पर उतर गए। इन लोगों ने शिव चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पुलिस को व्यवस्था बनाने में जूझना पड़ा। सीओ सिटी राजेश द्विवेदी ने मौके पर जाकर उन्हें समझाबुझा कर शांत किया, तब धरना समाप्त हुआ। इसके बाद कर्मचारी नगर पालिका चले गए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी आरएस राठी का कहना है कि इन कर्मचारियों का कोई वेतन पालिका पर नहीं है।
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मुजफ्फरनगर। सफाई कर्मचारियों ने अपने परिजनों को साथ लेकर शिव चौक पर जाम लगाकर हंगामा किया। पालिका प्रशासन पर मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने पर भी रोष जताया।
डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीएम के आदेश पर नगरपालिका परिषद ने प्राइवेट सेक्टर की कंपनी आरके कंस्ट्रक्शन से एग्रीमेंट किया था। कंपनी ने शहर में सफाई कार्य के लिए महिला और पुरुष कर्मचारियों को रखा था। कंपनी द्वारा एक महीने तक शहर में इनसे कार्य कराया गया। पालिका की शर्तों का पालन नहीं होने पर कंपनी से करार खत्म हो गया। कंपनी एक महीने बाद ही यहां से कामकाज छोड़ चली गई थी। इन कर्मचारियों को कंपनी की ओर से वेतन नहीं दिया गया था। कंपनी के साथ काम करने वाले कर्मचारी तीन महीने का वेतन बताते हुए आंदोलन कर रहे हैं। 10 नवंबर को पालिका सभाकक्ष में बोर्ड बैठक के दौरान ये कर्मचारी अंदर घुस गए थे। इन कर्मचारियों ने पालिकाध्यक्ष सहित पूरे सदन को करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा था। इस मामले में कार्यवाहक ईओ एवं नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आरएस राठी ने दो को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ अज्ञात में शहर कोतवाली में मुकदमा कराया था। इसी को लेकर मंगलवार को सफाई कर्मचारी परिवार सहित सड़क पर उतर गए। इन लोगों ने शिव चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया और नारेबाजी की। इससे यातायात व्यवस्था ठप हो गई। पुलिस को व्यवस्था बनाने में जूझना पड़ा। सीओ सिटी राजेश द्विवेदी ने मौके पर जाकर उन्हें समझाबुझा कर शांत किया, तब धरना समाप्त हुआ। इसके बाद कर्मचारी नगर पालिका चले गए। नगर स्वास्थ्य अधिकारी आरएस राठी का कहना है कि इन कर्मचारियों का कोई वेतन पालिका पर नहीं है।
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