{"_id":"68540076093a3a68c80f1daf","slug":"swami-rudradev-maharaj-brahmalin-devotees-arrived-for-the-last-day-muzaffarnagar-news-c-29-1-ktl1001-148221-2025-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Muzaffarnagar News: स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन, अंतिम दिन के लिए पहुंचे श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Muzaffarnagar News: स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन, अंतिम दिन के लिए पहुंचे श्रद्धालु
विज्ञापन
-आश्रम में रहकर लोगों को धर्म, सेवा और सदाचार की प्रेरणा दी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। श्री अखंडानंद आश्रम के संरक्षक, संत शिरोमणि ब्रह्मलीन स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन हो गए। उनके अंतिम दर्शन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से संत को विदाई दी। स्वामी अपने सरल स्वभाव, गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान और समाजसेवा के कार्यों के लिए विख्यात थे। उन्होंने आश्रम में रहकर लोगों को धर्म, सेवा और सदाचार की प्रेरणा दी।
गंगनहर के समीप श्री अखंडानंद आश्रम से पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम दर्शन यात्रा निकाली गई। महराज के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नगर की सड़कों पर उमड़ पड़े। नगरवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए अनुयायियों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार शाम आश्रम के संरक्षक स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह उनकी अंतिम दर्शन यात्रा श्री अखंडानंद आश्रम परिसर से आरंभ हुई।
यह यात्रा भगवान नाम जप के साथ गंग नहर, घंटाघर, जानसठ तिराहा होते हुए कीर्ति स्तंभ के निकट भवानी मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने स्वामी रुद्रदेव के अंतिम दर्शन का लाभ लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने स्वामी जी की झांकी पर पुष्प अर्पित किए।
विज्ञापन
भवानी मंदिर पर अंतिम पूजा-अर्चना के पश्चात स्वामी जी की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया। इस दौरान अखंडानंद आश्रम समिति के अध्यक्ष अमृतलाल, महासचिव विनीत कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष केशव अग्रवाल, सुरेंद्र खीरबाट, वीरेंद्र खीरबाट, अशोक कालड़ा, इंद्रजीत, नरेश नागपाल, विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. चंद्र मोहन शर्मा, प्रदीप गुप्ता, प्रवीण कुमार, गौरी शंकर गौरी शामिल रहे।
विज्ञापन
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
खतौली। श्री अखंडानंद आश्रम के संरक्षक, संत शिरोमणि ब्रह्मलीन स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन हो गए। उनके अंतिम दर्शन यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने नम आंखों से संत को विदाई दी। स्वामी अपने सरल स्वभाव, गूढ़ आध्यात्मिक ज्ञान और समाजसेवा के कार्यों के लिए विख्यात थे। उन्होंने आश्रम में रहकर लोगों को धर्म, सेवा और सदाचार की प्रेरणा दी।
गंगनहर के समीप श्री अखंडानंद आश्रम से पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ अंतिम दर्शन यात्रा निकाली गई। महराज के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु नगर की सड़कों पर उमड़ पड़े। नगरवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आए अनुयायियों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बुधवार शाम आश्रम के संरक्षक स्वामी रुद्रदेव महाराज ब्रह्मलीन हो गए थे। बृहस्पतिवार सुबह उनकी अंतिम दर्शन यात्रा श्री अखंडानंद आश्रम परिसर से आरंभ हुई।
विज्ञापन
यह यात्रा भगवान नाम जप के साथ गंग नहर, घंटाघर, जानसठ तिराहा होते हुए कीर्ति स्तंभ के निकट भवानी मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने स्वामी रुद्रदेव के अंतिम दर्शन का लाभ लिया। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने स्वामी जी की झांकी पर पुष्प अर्पित किए।
विज्ञापन
भवानी मंदिर पर अंतिम पूजा-अर्चना के पश्चात स्वामी जी की पार्थिव देह को अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया गया। इस दौरान अखंडानंद आश्रम समिति के अध्यक्ष अमृतलाल, महासचिव विनीत कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष केशव अग्रवाल, सुरेंद्र खीरबाट, वीरेंद्र खीरबाट, अशोक कालड़ा, इंद्रजीत, नरेश नागपाल, विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. चंद्र मोहन शर्मा, प्रदीप गुप्ता, प्रवीण कुमार, गौरी शंकर गौरी शामिल रहे।