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बगैर मौके पर गए कर दिया गया सर्वे

Mon, 16 Mar 2020 12:27 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 16 Mar 2020 12:27 AM IST
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Survey was carried out without farms
बगैर खेतों पर गए कर दिया गया सर्वे
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छपार। क्षेत्र में हुई बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की गेहूं, सरसों व आलू की फसलों को भारी नुुकसान हुुुआ है। भाकियू कार्यकर्ताओं ने बर्बाद हुई फसलों के राजस्व विभाग द्वारा किए आंकलन को फर्जी बताया है।

रविवार को भाकियू के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मांगेराम त्यागी ने अपनी टीम के साथ गांव छपार, महरायपुर, खुड्डा, खोजा नगला, कुतुबपुर व बरला में घूमकर बारिश व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का जायजा लिया। मांगेराम त्यागी ने बताया कि सरकार ने राजस्व अधिकारियों को गांव में नष्ट हुई फसलों का आंकलन करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अधिकारियों ने अपने कार्यालय पर ही बैठकर फसलों का आंकलन कर दिया। राजस्व विभाग के आंकलन में पुरकाजी ब्लॉक में 15 से 20 प्रतिशत नुकसान दर्शाया है, जो कि गलत है। पुरकाजी क्षेत्र में फसलें 50 प्रतिशत बर्बाद हुई हैं। कोई भी लेखपाल व कानूनगो आंकलन करने मौके पर नहीं आया है। सरकार किसानों को मुआवजा देना चाह रही है, लेकिन अधिकारी बीच में रोड़ा बन रहे हैं। भाकियू आंकलन का विरोध करती है। ऐसे अधिकारियों को सबक सिखाया जाएगा। शीघ्र ही भाकियू तहसील में बेमियादी आंदोलन करेगी। शहजाद त्यागी, जोनी कुमार, बालिस्टर, उस्मान, विपिन, बाली, टीटू, मायाराम, आशु, मागेंराम आदि मौजूद रहे।
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