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जिले में शीरा बना रहीं चीनी मिलें मालामाल
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जिले में शीरा बना रहीं चीनी मिलें मालामाल
मुजफ्फरनगर। जिले की चीनी मिलों के लिए शीरा इस बार फायदेमंद सिद्ध हो रहा है। बाजार में शीरे के दाम 500 से लेकर 525 रुपये प्रति क्विंटल तक है। जिले की आठ चीनी मिलों में 14.42 लाख क्विंटल शीरा बन चुका है। चीनी मिलों में शीरे का औसत 4.77 प्रतिशत है। वहीं, चीनी का परता 10.25 प्रतिशत आ रहा है। शीरे से शराब, सैनिटाइजर और इथेनॉल बन रहा है।
दो वर्ष पूर्व जिस शीरे को कोई पूछने वाला नहीं था। चीनी मिलों को दो से पांच रुपये क्विंटल तक बेचना पड़ रहा था। इस बार यह शीरा 500 रुपये क्विंटल से अधिक के दामों पर बिक रहा है। चीनी मिलों के मुख्य रूप से तीन प्रोडक्ट ही ऐसे हैं, जिनका चीनी मिलों को सीधा पैसा मिलता है। इनमें चीनी, शीरा और खोई शामिल है। दो वर्ष पहले चीनी मिलों को शीरा से कोई आय नहीं हो पाई थी। शीरा मिलों को दो से पांच रुपये क्विंटल तक बेचना पड़ा। हालांकि पिछले वर्ष शीरा 400 रुपये क्विंटल तक बिका है। इस बार कोरोना महामारी ने शीरे के दाम बढ़ा दिए। शीरा जहां शराब में प्रयोग होता है, वहीं इस बार यह सैनिटाइजर बनाने में भी प्रयोग हुआ। जिले की ही दो डिस्टलरी और दो फैक्टरी चार लाख 16 हजार 143 लीटर सैनिटाइजर बना चुकी हैं। जिले की दो चीनी मिल खाईखेड़ी और खतौली अपनी अन्य जनपदों में स्थापित डिस्टलरी को शीरे का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में करने के लिए भेज रही है। इस बार यहां से शीरे से इथेनॉल भी बनना शुरू हो गया है।
चीनी मिल शीरा उत्पादन शीरा प्रतिशत
खतौली 2.45 लाख क्विंटल 4.11 प्रतिशत
तितावी 1.75 लाख क्विंटल 4.75 प्रतिशत
भैसाना 1.73 लाख क्विंटल 4.78 प्रतिशत
मंसूरपुर 4.46 लाख क्विंटल 4.46 प्रतिशत
टिकौला 2.22 लाख क्विंटल 4.76 प्रतिशत
खाईखेडी 0.98 लाख क्विंटल 6.34 प्रतिशत
रोहाना 0.31 लाख क्विंटल 4.60 प्रतिशत
मोरना 0.52 लाख क्विंटल 4.32 प्रतिशत
कुल योग 14.42 लाख क्विंटल 4.77 प्रतिशत
चार लाख 16 हजार लीटर सैनिटाइजर बना
मुजफ्फरनगर। जिले में चार फैक्टरियों ने सैनिटाइज का उत्पादन किया। शीरे से बनने वाले सैनिटाइज से अब तक यहां चार लाख 16 हजार 143 लीटर सैनिटाइजर बना है। त्रिवेणी डिस्टलरी ने सबसे ज्यादा तीन लाख 28 हजार 334 लीटर सैनिटाइज बनाया है। मंसूरपुर डिस्टलरी ने 65 हजार 762 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया है। स्वेगा लिमिटेड ने नौ हजार लीटर और केशिया प्रोडक्ट्स ने 3047 लीटर सैनिटाइजर बनाया है।
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डिमांड बढ़ने से बढे़ रेट
मुजफ्फरनगर। डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी का कहना है कि शीरा चीनी मिलों का एक बाई प्रोडक्ट है। इस बार चीनी की रिकवरी कम रही है। ऐसे में शीरे के दाम अच्छे मिलने से रिकवरी कम होने से हुआ नुकसान आसानी से पूरा हो जाएगा। इथेनॉल, शराब और सैनिटाइजर में इस बार शीरे का अधिक प्रयोग हो रहा है।
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मुजफ्फरनगर। जिले की चीनी मिलों के लिए शीरा इस बार फायदेमंद सिद्ध हो रहा है। बाजार में शीरे के दाम 500 से लेकर 525 रुपये प्रति क्विंटल तक है। जिले की आठ चीनी मिलों में 14.42 लाख क्विंटल शीरा बन चुका है। चीनी मिलों में शीरे का औसत 4.77 प्रतिशत है। वहीं, चीनी का परता 10.25 प्रतिशत आ रहा है। शीरे से शराब, सैनिटाइजर और इथेनॉल बन रहा है।
दो वर्ष पूर्व जिस शीरे को कोई पूछने वाला नहीं था। चीनी मिलों को दो से पांच रुपये क्विंटल तक बेचना पड़ रहा था। इस बार यह शीरा 500 रुपये क्विंटल से अधिक के दामों पर बिक रहा है। चीनी मिलों के मुख्य रूप से तीन प्रोडक्ट ही ऐसे हैं, जिनका चीनी मिलों को सीधा पैसा मिलता है। इनमें चीनी, शीरा और खोई शामिल है। दो वर्ष पहले चीनी मिलों को शीरा से कोई आय नहीं हो पाई थी। शीरा मिलों को दो से पांच रुपये क्विंटल तक बेचना पड़ा। हालांकि पिछले वर्ष शीरा 400 रुपये क्विंटल तक बिका है। इस बार कोरोना महामारी ने शीरे के दाम बढ़ा दिए। शीरा जहां शराब में प्रयोग होता है, वहीं इस बार यह सैनिटाइजर बनाने में भी प्रयोग हुआ। जिले की ही दो डिस्टलरी और दो फैक्टरी चार लाख 16 हजार 143 लीटर सैनिटाइजर बना चुकी हैं। जिले की दो चीनी मिल खाईखेड़ी और खतौली अपनी अन्य जनपदों में स्थापित डिस्टलरी को शीरे का इस्तेमाल इथेनॉल बनाने में करने के लिए भेज रही है। इस बार यहां से शीरे से इथेनॉल भी बनना शुरू हो गया है।
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चीनी मिल शीरा उत्पादन शीरा प्रतिशत
खतौली 2.45 लाख क्विंटल 4.11 प्रतिशत
तितावी 1.75 लाख क्विंटल 4.75 प्रतिशत
भैसाना 1.73 लाख क्विंटल 4.78 प्रतिशत
मंसूरपुर 4.46 लाख क्विंटल 4.46 प्रतिशत
टिकौला 2.22 लाख क्विंटल 4.76 प्रतिशत
खाईखेडी 0.98 लाख क्विंटल 6.34 प्रतिशत
रोहाना 0.31 लाख क्विंटल 4.60 प्रतिशत
मोरना 0.52 लाख क्विंटल 4.32 प्रतिशत
कुल योग 14.42 लाख क्विंटल 4.77 प्रतिशत
चार लाख 16 हजार लीटर सैनिटाइजर बना
मुजफ्फरनगर। जिले में चार फैक्टरियों ने सैनिटाइज का उत्पादन किया। शीरे से बनने वाले सैनिटाइज से अब तक यहां चार लाख 16 हजार 143 लीटर सैनिटाइजर बना है। त्रिवेणी डिस्टलरी ने सबसे ज्यादा तीन लाख 28 हजार 334 लीटर सैनिटाइज बनाया है। मंसूरपुर डिस्टलरी ने 65 हजार 762 लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन किया है। स्वेगा लिमिटेड ने नौ हजार लीटर और केशिया प्रोडक्ट्स ने 3047 लीटर सैनिटाइजर बनाया है।
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डिमांड बढ़ने से बढे़ रेट
मुजफ्फरनगर। डीसीओ डॉ आरडी द्विवेदी का कहना है कि शीरा चीनी मिलों का एक बाई प्रोडक्ट है। इस बार चीनी की रिकवरी कम रही है। ऐसे में शीरे के दाम अच्छे मिलने से रिकवरी कम होने से हुआ नुकसान आसानी से पूरा हो जाएगा। इथेनॉल, शराब और सैनिटाइजर में इस बार शीरे का अधिक प्रयोग हो रहा है।