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16800 रुपये से कम बोनस लेने को तैयार नहीं चीनी मिल कर्मी

Thu, 24 Oct 2019 07:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 24 Oct 2019 07:12 PM IST
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Sugar mill workers unwilling to take bonus less than Rs 16800
देवबंद (सहारनपुर)। बोनस की मांग को लेकर चीनी मिल कर्मियों का धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। हालांकि इस संबंध में एसडीएम राकेश कुमार सिंह भी मिल प्रबंधतंत्र और कर्मचारियों के बीच मध्यस्थता कराने पहुंचे, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही। कर्मचारी अपनी 16800 रुपये बोनस देने की मांग पर ही अड़े रहे।
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धरने पर बैठे कर्मचारियों ने कहा 2018-19 में सरकार ने कच्ची चीनी उत्पादन के लिए प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान फैक्ट्री को दिया। इसमें चीनी मिल ने 5 लाख 73 हजार क्विंटल कच्ची चीनी का उत्पादन किया। इसमें फैक्ट्री ने 58 करोड़ रुपये अनुदान के रूप में सरकार से प्राप्त किया। इसे फैक्ट्री ने अपने ग्रुप की बैलेंस सीट पर लाभ दिखाया है। उन्होंने कहा कि त्रिवेणी ग्रुप की सात में से पांच फैक्ट्रियों को 20 प्रतिशत यानि 16800 के हिसाब से बोनस दिया, लेकिन देवबंद यूनिट के प्रबंधतंत्र द्वारा मनमाने तरीके से 8.33 प्रतिशत के हिसाब से बोनस देना चाहता है। इसलिए भेदभाव वाली नीति को कर्मचारी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस मौके पर भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री मदन सिंह, कर्मचारी यूनियन के महामंत्री प्रमोद शाही, विरेंद्र सिंह, प्रतीश शर्मा, सुरेंद्र पाल, बलदेव राज, बीर सिंह, संजय त्यागी, राम प्रसाद, सुशील सिंह, सूरज, मोहम्मद हसीन, विजय टंडन, रविंद्र फौजी, नेपाल सिंह आदि रहे। वहीं, चीनी मिल के उपाध्यक्ष दीनानाथ मिश्र ने बताया कि 2018-19 की बैलेंस सीट के हिसाब से बोनस दिया जा रहा है। किसी भी कर्मचारी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया है।
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