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नकल के भंडाफोड़ के लिए 22 घंटे चला ऑपरेशन
Sun, 24 Feb 2019 12:28 AM IST
Deepak Kausik
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Published by: Deepak Kausik
Updated Sun, 24 Feb 2019 12:28 AM IST
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मुजफ्फरनगर में पकड़े गए नकल कराने के आरोपी।
- फोटो : अमर उजाला
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जनता इंटर कॉलेज बाढ़ में सामूहिक नकल का भंडाफोड़ करने को एसटीएफ का ऑपरेशन करीब 22 घंटे तक चला। शुक्रवार को द्वितीय पाली में भौतिक विज्ञान का पेपर चल रहा था। अचानक चार बजकर 20 मिनट पर एसटीएफ के अफसरों की गाड़ियां कॉलेज परिसर में पहुंच गईं। पूरे परीक्षा केंद्र को पुलिस फोर्स ने सील कर दिया। रात के साढ़े तीन बजे एसटीएफ 17 आरोपियों और बरामद नकल सामग्री के साथ चरथावल थाने आई।
चरथावल ब्लाक का अंतिम गांव बाढ़ है। लगातार दूसरी बार यह संस्था यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र बनी, जिसमें जीआईसी रोनी हरजीपुर और मुथरा के छात्र-छात्रा हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा दे रहे हैं। एसटीएफ ने शुक्रवार को छापे की कार्रवाई शुरू की तो देर रात तीन बजे तक पूरा अमला बाढ़ के जनता इंटर कॉलेज में मौजूद रहा। डेढ़ किमी दूर बलवाखेड़ी गांव से ग्रामीणों से कंबल और भोजन मंगाया गया। जांच में वाइस रिकॉर्डर की आवाज बंद पाई गई। बोल-बोल कर नकल कराई जा रही थी।
एडीएम प्रशासन अमित सिंह और सीओ रिजवान अहमद की मौजूदगी में मौके पर पकड़े गए सॉल्वर और फर्जी ड्यूटी दे रहे कक्ष निरीक्षकों से पूछताछ की गई। एसटीएफ ने जिन लोगों को नकल कराते पकड़ा है, उसमें खुड्डा गांव के दो, रुड़की के तीन, छपार के दो, नसीरपुर का एक सॉल्वर शामिल हैं। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल सिंह के पास एसटीएफ के अफसरों के सवालों का कोई जवाब नहीं मिला। तीन साल पहले ही वह माध्यमिक शिक्षा आयोग से प्रधानाचार्य बने थे।
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एसटीएफ के छापे से पहले जेडी बालेंदू भूषण सिंह भी बाढ़ कॉलेज में निरीक्षण को आए थे। कितने अभ्यर्थी प्राइवेट परीक्षा दे रहे हैं, उनकी सूची केंद्र व्यवस्थापक से ली गई। खुड्डा के डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधन तंत्र से जुडे़ दो लोगों से नकल के धंधे का प्लान पूछा गया। शनिवार को बाढ़ कॉलेज आए डीआईओएस प्रवीण मिश्रा बेचैन नजर आए।
शिक्षा का मंदिर कर दिया बदनाम
चरथावल। शामली जिले के कई गांव के छात्र-छात्रा भी बाढ़ कॉलेज में पढ़ते हैं। यह क्षेत्र की मुख्य संस्था है। एसटीएफ की कार्रवाई से बलवाखेडी, हसनपुर लुहारी, इंद्रगढ, अलीपुरा, टांडा, ज्ञानामाजरा, नागल, सलेमपुर आदि गांव में हड़कंप मचा है। बाढ़ के ग्राम प्रधान डॉ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि नकल माफियाओं ने शिक्षा के मंदिर को बदनाम कर दिया। रविंद्र, ब्रिजेश ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होते ही बाढ़ में बाहरी लोगों की गतिविधियां बढ़ गई थी। बलवाखेड़ी के डॉ गोपीचंद और सुनील सिंह ने बताया कि नकल का धंधा बीते दो साल से बाढ़ कॉलेज में चल रहा है।
पकड़े गए सॉल्वर में कई बीएड
चरथावल। एसटीएफ ने परीक्षा कक्ष से जिन सॉल्वर को हिरासत में लिया है उनमें से कई बीएड उत्तीर्ण है। एक सॉल्वर लॉको पायलट की परीक्षा पास कर चुका है। थाने में रुड़की के राहुल पुत्र मैनपाल ने बताया कि डीएवी कॉलेज से बीएड उत्तीर्ण की है। लॉको पायलट की परीक्षा पास कर चुका है। इंटरव्यू होना बाकी है, सितंबर में शादी हुई थी। लालच में फंस गया। छपार के श्रीकांत शर्मा प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं, जो बीएड धारक हैं। नकल माफियाओं के चक्कर में आकर बाढ़ के परीक्षा केंद्र में ड्यूटी करते पकड़े गए।
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चरथावल ब्लाक का अंतिम गांव बाढ़ है। लगातार दूसरी बार यह संस्था यूपी बोर्ड परीक्षा केंद्र बनी, जिसमें जीआईसी रोनी हरजीपुर और मुथरा के छात्र-छात्रा हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा दे रहे हैं। एसटीएफ ने शुक्रवार को छापे की कार्रवाई शुरू की तो देर रात तीन बजे तक पूरा अमला बाढ़ के जनता इंटर कॉलेज में मौजूद रहा। डेढ़ किमी दूर बलवाखेड़ी गांव से ग्रामीणों से कंबल और भोजन मंगाया गया। जांच में वाइस रिकॉर्डर की आवाज बंद पाई गई। बोल-बोल कर नकल कराई जा रही थी।
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एडीएम प्रशासन अमित सिंह और सीओ रिजवान अहमद की मौजूदगी में मौके पर पकड़े गए सॉल्वर और फर्जी ड्यूटी दे रहे कक्ष निरीक्षकों से पूछताछ की गई। एसटीएफ ने जिन लोगों को नकल कराते पकड़ा है, उसमें खुड्डा गांव के दो, रुड़की के तीन, छपार के दो, नसीरपुर का एक सॉल्वर शामिल हैं। केंद्र व्यवस्थापक एवं प्रधानाचार्य योगेंद्र पाल सिंह के पास एसटीएफ के अफसरों के सवालों का कोई जवाब नहीं मिला। तीन साल पहले ही वह माध्यमिक शिक्षा आयोग से प्रधानाचार्य बने थे।
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एसटीएफ के छापे से पहले जेडी बालेंदू भूषण सिंह भी बाढ़ कॉलेज में निरीक्षण को आए थे। कितने अभ्यर्थी प्राइवेट परीक्षा दे रहे हैं, उनकी सूची केंद्र व्यवस्थापक से ली गई। खुड्डा के डॉ जाकिर हुसैन मेमोरियल इंटर कॉलेज के प्रबंधन तंत्र से जुडे़ दो लोगों से नकल के धंधे का प्लान पूछा गया। शनिवार को बाढ़ कॉलेज आए डीआईओएस प्रवीण मिश्रा बेचैन नजर आए।
शिक्षा का मंदिर कर दिया बदनाम
चरथावल। शामली जिले के कई गांव के छात्र-छात्रा भी बाढ़ कॉलेज में पढ़ते हैं। यह क्षेत्र की मुख्य संस्था है। एसटीएफ की कार्रवाई से बलवाखेडी, हसनपुर लुहारी, इंद्रगढ, अलीपुरा, टांडा, ज्ञानामाजरा, नागल, सलेमपुर आदि गांव में हड़कंप मचा है। बाढ़ के ग्राम प्रधान डॉ भूपेंद्र सिंह ने कहा कि नकल माफियाओं ने शिक्षा के मंदिर को बदनाम कर दिया। रविंद्र, ब्रिजेश ने कहा कि यूपी बोर्ड परीक्षा प्रारंभ होते ही बाढ़ में बाहरी लोगों की गतिविधियां बढ़ गई थी। बलवाखेड़ी के डॉ गोपीचंद और सुनील सिंह ने बताया कि नकल का धंधा बीते दो साल से बाढ़ कॉलेज में चल रहा है।
पकड़े गए सॉल्वर में कई बीएड
चरथावल। एसटीएफ ने परीक्षा कक्ष से जिन सॉल्वर को हिरासत में लिया है उनमें से कई बीएड उत्तीर्ण है। एक सॉल्वर लॉको पायलट की परीक्षा पास कर चुका है। थाने में रुड़की के राहुल पुत्र मैनपाल ने बताया कि डीएवी कॉलेज से बीएड उत्तीर्ण की है। लॉको पायलट की परीक्षा पास कर चुका है। इंटरव्यू होना बाकी है, सितंबर में शादी हुई थी। लालच में फंस गया। छपार के श्रीकांत शर्मा प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं, जो बीएड धारक हैं। नकल माफियाओं के चक्कर में आकर बाढ़ के परीक्षा केंद्र में ड्यूटी करते पकड़े गए।