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दिव्या सीनियर टिकट कलेक्टर बनी
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दिव्या काकरान।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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दिव्या सीनियर टिकट कलेक्टर बनीं
मुजफ्फरनगर। जिले की बेटी दिव्या काकरान को रेलवे में सीनियर टिकट कलक्टर की नौकरी मिल गई है। शनिवार को उसने शाहदरा जंक्शन पर उसने ज्चाइनिंग की। इसके बाद वह लखनऊ रवाना हो गई। जहां पर वह साईं सेंटर पर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के लिए प्रशिक्षण लेगी। दिव्या के बताया कि अब वह अपनी सभी कुश्ती रेलवे की ओर से खेलेगी। उसका सपना टोक्यो ओलंपिक 2020 में देश के लिए पदक जीतना है।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव पुरबालियान निवासी महिला पहलवान दिव्या काकरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 72 पदक जीत चुकी है। उसका सपना अब 2020 के टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। वह वल्र्ड कुश्ती चैंपियनशिप के लिए चयन हो चुकी है। यह चैंपियनशिप 14 से 22 सितंबर तक कजाकिस्तान में होगी। यहां जीतने के बाद वह ओलंपिक में क्वालीफाई कर जाएगी। वह 24 अगस्त को कजाकिस्तान के लिए रवाना होगी। इससे पहले वह लखनऊ साई सेंटर में प्रशिक्षण शिविर में भाग लेगी। बेटी की रेलवे में नौकरी लगने का सपना साकार होने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
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मुजफ्फरनगर। जिले की बेटी दिव्या काकरान को रेलवे में सीनियर टिकट कलक्टर की नौकरी मिल गई है। शनिवार को उसने शाहदरा जंक्शन पर उसने ज्चाइनिंग की। इसके बाद वह लखनऊ रवाना हो गई। जहां पर वह साईं सेंटर पर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के लिए प्रशिक्षण लेगी। दिव्या के बताया कि अब वह अपनी सभी कुश्ती रेलवे की ओर से खेलेगी। उसका सपना टोक्यो ओलंपिक 2020 में देश के लिए पदक जीतना है।
मंसूरपुर क्षेत्र के गांव पुरबालियान निवासी महिला पहलवान दिव्या काकरान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब तक 72 पदक जीत चुकी है। उसका सपना अब 2020 के टोक्यो ओलंपिक में देश के लिए मेडल जीतना है। वह वल्र्ड कुश्ती चैंपियनशिप के लिए चयन हो चुकी है। यह चैंपियनशिप 14 से 22 सितंबर तक कजाकिस्तान में होगी। यहां जीतने के बाद वह ओलंपिक में क्वालीफाई कर जाएगी। वह 24 अगस्त को कजाकिस्तान के लिए रवाना होगी। इससे पहले वह लखनऊ साई सेंटर में प्रशिक्षण शिविर में भाग लेगी। बेटी की रेलवे में नौकरी लगने का सपना साकार होने पर परिवार में खुशी का माहौल है।
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