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मां, जिंदगी की अमूल्य संपदा
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मां नीता सैनी के साथ डॉक्टर बेटा लुइस।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
लॉकडाउन के संकट में मां से मिले जीवन जीने के मंत्र
मुजफ्फरनगर। भारतीय संस्कृति में मां का दर्जा सबसे ऊंचा हैं। मां से मिले संस्कारों की नींव से जीवन की भावी पहचान बनता है। कोरोना आपदा की विषम घड़ियों में मां ही तो है, जो घर-परिवार को हौसले की संजीवनी दे रही है। मदर्स डे पर बेटे-बेटियों ने मां को जिंदगी की अमूल्य संपदा बताया है। लॉकडाउन के संकट में मां से मिले अनुभव, शिक्षा और जज्बे को बच्चे जीवन जीने का मूलमंत्र मान रहे हैं। मां से जुड़ी संतान की भावनाओं पर एक रिपोर्ट...
मां ने दिखाई सफलता की सीढ़ियां
-मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली में एमबीबीएस के प्रशिक्षु छात्र लुइस सैनी साकेत कालोनी के बाशिंदे है। पापा की मृत्यु के उपरांत मां डॉ. नीता सैनी ने उन्हें दोनों का प्यार दिया। बताते हैं कि छठी कक्षा से लेकर आज तक मां ने मेरी पढ़ाई का विशेष ध्यान रखा, जिसकी वजह से सफलता की सीढ़ियां चढ़ता जा रहा हूं। दादी-दादा के आदर्श मुझे शक्ति देते हैं।
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मम्मी ने कभी नहीं टूटने दी हिम्मत
एटूजेड कालोनी की आंचल त्यागी गत वर्ष 12वीं में साइंस स्ट्रीम की जिला टॉपर बनी थी। अब डीयू के दौलत राम कालेज में पॉलिटिकल साइंस में बीए आनर्स की स्टूडेंट है। कहती है, जब भी पढ़ते-पढ़ते हिम्मत टूटने लगती है, मां रीना त्यागी हमेशा मोटिवेशन करती है। उनकी मां की समर्पित पंक्तियां- जिन्होंने मेरा हमेशा मनोबल बढ़ाया है, शब्दकोश से मेरे भटकना शब्द हटाया है।
न झिझकने और न ठिठकने की मिली शिक्षा
- शाकुंतलम निवासी शिक्षिका नीरज मलिक की बेटियों अदिति और अंशिका को फख्र है कि मां ने हमें न झिझकने और न ठिठकने की शिक्षा दी। ये बहनें शारदेन स्कूल और एमजी वर्ल्ड विजन में क्रमश: कक्षा 12 तथा आठ में पढ़ती हैं। कहती हैं, मम्मी का पढ़ाने का तरीका बेहद काम आया है।
मम्मी, मुझे बहुत प्यार करती हैं
- दक्षिणी सिविल लाइन में शारदेन स्कूल की कक्षा चार की छात्रा अनन्या व भाई अग्रिम ने मदर्स डे पर मम्मी नीतू रंधावा के लिए क्राउन बनाया और भाई अग्रिम के साथ खुशियां मनाई। बोली, मम्मी मुझे बहुत प्यार करती हैं।
निराशा में मां ने दी उत्साह की ऊर्जा
- लक्ष्मण विहार के सार्थक एलएलआरएम कालेज मेरठ में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट है। मां रेणु धीमान, ही उनका पहला प्यार है। कहते है कि पढ़ाई के परिश्रम में जब भी निराशा होती थी, मम्मी की बातें उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा देती थी। मेरी कामयाबी में सबसे अहम किरदार मम्मी ही है।
मां ने सिखाया, कभी झूठ मत बोलना
-गीता एनक्लेव निवासी गृहिणी प्रियंका की बेटी प्रियंवदा सत्यांश एसडी पब्लिक स्कूल की छात्रा है। बकौल उनके, मेरी मां मेरे लिए सबसे खास है। उन्होंने हमें सिखाया, कभी झूठ नहीं बोलना। टीचर्स का हमेशा सम्मान करो। मेहनत और अनुशासन से पढ़ाई करोगे तो सफलता कदम चूमेगी।
मां के आदर्शों से मिली कामयाबी
-पटेल नगर निवासी बुजुर्ग सरोज गुप्ता अब मां भी हैं और पिता भी। व्यापारी नेता नीरज गुप्ता कामयाबी का श्रेय मां से मिले आदर्शों को देते है। कहतें है, पांच साल पहले पिता राजेंद्र गुप्ता का आकस्मिक निधन हो गया था। अब तो मां ही परिवार की धुरी हैं। मनोज गुप्ता, अनुभव, कार्तिक कहते हैं कि मां के संग बिताया समय सबसे ज्यादा खुशी देता है।
मां ने समझाई पढ़ाई की कीमत
जाट कालोनी निवासी पिंकी सिंह की बेटी उन्नति कहती है कि जीवन में पढ़ाई और समय की कीमत मां ने समझायी। अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल में कक्षा छह में पढ़ती हूं। घर से दूर मां की बताई बातें कठिनाइयों से संघर्ष सिखाती है। बेटा युवराज सिंह होली एंजिल का स्टूडेंट है। कहता है कि मम्मी ही तो दिल की इच्छा सुनती है।
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मुजफ्फरनगर। भारतीय संस्कृति में मां का दर्जा सबसे ऊंचा हैं। मां से मिले संस्कारों की नींव से जीवन की भावी पहचान बनता है। कोरोना आपदा की विषम घड़ियों में मां ही तो है, जो घर-परिवार को हौसले की संजीवनी दे रही है। मदर्स डे पर बेटे-बेटियों ने मां को जिंदगी की अमूल्य संपदा बताया है। लॉकडाउन के संकट में मां से मिले अनुभव, शिक्षा और जज्बे को बच्चे जीवन जीने का मूलमंत्र मान रहे हैं। मां से जुड़ी संतान की भावनाओं पर एक रिपोर्ट...
मां ने दिखाई सफलता की सीढ़ियां
-मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज दिल्ली में एमबीबीएस के प्रशिक्षु छात्र लुइस सैनी साकेत कालोनी के बाशिंदे है। पापा की मृत्यु के उपरांत मां डॉ. नीता सैनी ने उन्हें दोनों का प्यार दिया। बताते हैं कि छठी कक्षा से लेकर आज तक मां ने मेरी पढ़ाई का विशेष ध्यान रखा, जिसकी वजह से सफलता की सीढ़ियां चढ़ता जा रहा हूं। दादी-दादा के आदर्श मुझे शक्ति देते हैं।
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मम्मी ने कभी नहीं टूटने दी हिम्मत
एटूजेड कालोनी की आंचल त्यागी गत वर्ष 12वीं में साइंस स्ट्रीम की जिला टॉपर बनी थी। अब डीयू के दौलत राम कालेज में पॉलिटिकल साइंस में बीए आनर्स की स्टूडेंट है। कहती है, जब भी पढ़ते-पढ़ते हिम्मत टूटने लगती है, मां रीना त्यागी हमेशा मोटिवेशन करती है। उनकी मां की समर्पित पंक्तियां- जिन्होंने मेरा हमेशा मनोबल बढ़ाया है, शब्दकोश से मेरे भटकना शब्द हटाया है।
न झिझकने और न ठिठकने की मिली शिक्षा
- शाकुंतलम निवासी शिक्षिका नीरज मलिक की बेटियों अदिति और अंशिका को फख्र है कि मां ने हमें न झिझकने और न ठिठकने की शिक्षा दी। ये बहनें शारदेन स्कूल और एमजी वर्ल्ड विजन में क्रमश: कक्षा 12 तथा आठ में पढ़ती हैं। कहती हैं, मम्मी का पढ़ाने का तरीका बेहद काम आया है।
मम्मी, मुझे बहुत प्यार करती हैं
- दक्षिणी सिविल लाइन में शारदेन स्कूल की कक्षा चार की छात्रा अनन्या व भाई अग्रिम ने मदर्स डे पर मम्मी नीतू रंधावा के लिए क्राउन बनाया और भाई अग्रिम के साथ खुशियां मनाई। बोली, मम्मी मुझे बहुत प्यार करती हैं।
निराशा में मां ने दी उत्साह की ऊर्जा
- लक्ष्मण विहार के सार्थक एलएलआरएम कालेज मेरठ में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट है। मां रेणु धीमान, ही उनका पहला प्यार है। कहते है कि पढ़ाई के परिश्रम में जब भी निराशा होती थी, मम्मी की बातें उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ा देती थी। मेरी कामयाबी में सबसे अहम किरदार मम्मी ही है।
मां ने सिखाया, कभी झूठ मत बोलना
-गीता एनक्लेव निवासी गृहिणी प्रियंका की बेटी प्रियंवदा सत्यांश एसडी पब्लिक स्कूल की छात्रा है। बकौल उनके, मेरी मां मेरे लिए सबसे खास है। उन्होंने हमें सिखाया, कभी झूठ नहीं बोलना। टीचर्स का हमेशा सम्मान करो। मेहनत और अनुशासन से पढ़ाई करोगे तो सफलता कदम चूमेगी।
मां के आदर्शों से मिली कामयाबी
-पटेल नगर निवासी बुजुर्ग सरोज गुप्ता अब मां भी हैं और पिता भी। व्यापारी नेता नीरज गुप्ता कामयाबी का श्रेय मां से मिले आदर्शों को देते है। कहतें है, पांच साल पहले पिता राजेंद्र गुप्ता का आकस्मिक निधन हो गया था। अब तो मां ही परिवार की धुरी हैं। मनोज गुप्ता, अनुभव, कार्तिक कहते हैं कि मां के संग बिताया समय सबसे ज्यादा खुशी देता है।
मां ने समझाई पढ़ाई की कीमत
जाट कालोनी निवासी पिंकी सिंह की बेटी उन्नति कहती है कि जीवन में पढ़ाई और समय की कीमत मां ने समझायी। अंबाला के चमन वाटिका गुरुकुल में कक्षा छह में पढ़ती हूं। घर से दूर मां की बताई बातें कठिनाइयों से संघर्ष सिखाती है। बेटा युवराज सिंह होली एंजिल का स्टूडेंट है। कहता है कि मम्मी ही तो दिल की इच्छा सुनती है।

मां पिंकी के साथ युवराज और उन्नति।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

बेटों के साथ मां सरोज गुप्ता।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मां रीना के साथ आंचल।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मां नीतू के साथ अनन्या और अग्रिम।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मां प्रियंका के साथ बेटी प्रियंवदना।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

मां नीरज के साथ बेटियां।- फोटो : MUZAFFARNAGAR