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मधुमेह भी कर रहा आंखों को कमजोर

Sat, 10 Oct 2020 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 10 Oct 2020 12:15 AM IST
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Special on World Vision Day: Diabetes is also making the eyes weak
मुजफ्फरनगर। दुनिया में बढ़ रही आंखों की बीमारियां की जड़ मधुमेह का तेजी से बढ़ना माना जा रहा है। यह कहना स्वास्थ्य मंत्रालय के एडिशनल डायरेक्टर जनरल हेल्थ के पद से सेवानिवृत्त नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. केपीएस मलिक कहा।
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डॉ. मलिक चरथावल ब्लॉक के बधाई कलां गांव के निवासी हैं। वे एम्स ऋषिकेश के पूर्व विजिटिंग ऑफिसर एवं सफदरजंग हॉस्पिटल दिल्ली के नेत्र रोग के हैड ऑफ दि डिपार्टमेंट रहे हैं। आंखों की बढ़ती बीमारियों पर उन्होंने कहा कि बदलती जीवन शैली में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मधुमेह रोग लोगों में बढ़ रहा है। यह सीधे आंखों और गुर्दों पर आक्रमण करता है। जिससे शहरों के साथ ग्रामीण अंचलों में नेत्र रोगों के मरीजों में इजाफा हो रहा है। आंखों की बीमारियों में सफेद मोतिया, काला मोतिया और शुगर और ब्लड प्रेशर घातक बन रहा है।
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जिले और ग्रामीण स्तर पर कैसे हो आंखों का उपचार
जिला स्तर और गांवों में प्राथमिक स्तर विशेषज्ञ नेत्र रोगों के सेंटर जब तक नहीं खुलेंगे, तब तक अंधता निवारण का सपना पूरा नहीं हो पाएगा। मुल्क में रेटीना स्पेशलिस्ट बहुत कम है। जिला और ब्लॉक स्तर पर आंखों के पर्दे के इलाज का माकूल व्यवस्था नहीं है। जिससे मरीज असमय में आंखों की रोशनी खो देते हैं।
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बचाव के तरीके क्या अपनाएं
पौष्टिक खानपान, ग्रामीण अंचलों में बीपी और शुगर की नियमित जांच कराएं। शुगर से बचने के लिए कम से कम एक घंटे पैदल घूमें। गांवों में आरामतलबी देश में मधुमेह बढ़ने की प्रमुख वजह है। फिटनेस में ध्यान दें और मोटापा न बढ़ने दें। नेत्र रोगों से बचा जा सकता है। कुपोषण से बचें। खेतों में छिलाई के दौरान ईख की पत्तियों से सुरक्षा जरूरी है।

अंधता निवारण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय समय पर स्कूलों में हेल्थ प्रोग्राम चलाकर बच्चों की आंखों का चेकअप कराते है। जरूरतमंदों को मुफ्त चश्मे दिए जाते हैं। इस बार कोविड के कारण कैंप लगने संभव नहीं है। अंधता निवारण के लिए ग्रामीण अंचलों में हेल्थ कैंप कारगर साबित होते हैं। 40 साल से अधिक आयु वाले रोगियों को नियमित उपचार की सलाह दी जाती है। सफेद मोतिया पाए जाने पर जिला चिकित्सालय में ऑपरेशन का निशुल्क ऑपरेशन किया जता है। मधुमेह आंखों पर प्रभाव डालता है। मरीजों को इसके नियमित उपचार की सलाह दी जाती है। - डॉ. प्रवीण चोपड़ा, जिला मुख्य चिकित्साधिकारी
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