UP: सपा जिलाध्यक्ष के बयान से मची खलबली, दिलाई राज्यसभा की याद, गठबंधन में बढ़ी दरार, जानें क्या है माजरा
Nikay Chunav 2023 : सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने राज्यसभा की याद दिलाई तो गठबंधन में दरार बढ़ गई। जानिए आखिर किस वजह से दोनों दलों के नेताओं में बात बिगड़ रही है।
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मुजफ्फरनगर में निकाय चुनाव में सपा, रालोद और आसपा गठबंधन के बीच वार्ड के प्रत्याशियों को लेकर सहमति नहीं बन सकी है। सियासी तकरार के बीच सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने एक बयान में कह दिया कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हमेशा बड़ा दिल दिखाया है। रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी को हमने राज्यसभा दी है। इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच दूरियां और बढ़ गईं। मंगलवार को दोनों दलों के रणनीतिकारों के बीच जिला स्तर पर कोई बातचीत नहीं हुई है।
जिले की बात करें तो सपा, रालोद और आसपा के बीच अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को लेकर सहमति बन गई थी। लेकिन शहर सीट पर वार्ड के प्रत्याशियों को लेकर नामांकन के आखिरी दिन बात बिगड़ गई। सपा और रालोद ने अपने-अपने प्रत्याशी उतार दिए। गठबंधन में ऊहापोह की स्थिति बन गई। सोमवार रात मामले को सुलझाने की कोशिश हुई, लेकिन बात नहीं बनी। संभावना जताई जा रही थी कि मंगलवार को दोनों दलों के प्रतिनिधि समन्वय बना लेंगे। इसी बीच सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने एक इंटरव्यू के दौरान बयान दिया कि हमने गठबंधन में हमेशा बड़ा दिल दिखाया है। साथ ही उन्होंने राज्यसभा की बात भी कही। जिसके बाद रालोद कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी दिखी। यही वजह रही कि दिनभर दोनों दलों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच कोई बातचीत नहीं हुई।
जिलाध्यक्ष बोले, हमने छोड़ दी खतौली और भोकरहेड़ी
सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि पिछले चुनाव में खतौली और भोकरहेड़ी में सपा के उम्मीदवार जीते थे। लेकिन इस बार हमने खतौली रालोद के लिए और भोकरहेड़ी आसपा के लिए छोड़ दी है।
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मुजफ्फरनगर और बुढ़ाना में लड़ रही है सपा
समाजवादी पार्टी के हिस्से में चार सीटें आई थी। मुजफ्फरनगर में लवली शर्मा और बुढ़ाना में उमा त्यागी को प्रत्याशी बनाया गया। जबकि चरथावल और मीरापुर में सपा ने प्रत्याशी नहीं उतारे है। सपा जिलाध्यक्ष का कहना है कि भले ही प्रत्याशी नहीं उतारे हैं, लेकिन यहां उनकी जीत होगी।
वार्ड प्रत्याशियों पर बिगड़ी है बात
शहर पालिका में वार्ड प्रत्याशियों को लेकर दोनों दलों के बीच बात बिगड़ी है। तीनों दलों के बीच सभासद के प्रत्याशी फाइनल नहीं हो सके। नामांकन का आखिरी दिन होने के कारण सपा-रालोद प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन करा दिए।
जयंत सिंह गठबंधन के नेता : जिया चौधरी
सपा जिलाध्यक्ष जिया चौधरी ने कहा कि रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह हमारे गठबंधन के नेता है। मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। मेरी सोच हमेशा गठबंधन को आगे बढ़ाने की रही है।
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आज हमारी कोई बात नहीं हुई : मलिक
रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक का कहना है कि सभासद प्रत्याशियों को लेकर दोनों दलों की अपनी-अपनी राय है। मंगलवार को हमारी कोई बातचीत नहीं हुई है।