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Muzaffarnagar News: शुकतीर्थ में जली बेटे की चिता...मां ने त्रिपुरा में वीडियो काॅल से देखा
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शुकतीर्थ में जलती सुपरवाइजर की चिता : वीडियो ग्रेब
- फोटो : बहराइच में रोडवेज के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।
पुरकाजी । गंगनहर पटरी पर सिक्योरिटी कंपनी के सुपरवाइजर निवास शील (38) की हादसे में मौत के मामले में भावनाओं के ज्वार फूटे। त्रिपुरा के जिला सिपाहीजला के गांव पूर्व दुर्लभ नारायण से मां कल्पना शील ने चिट्ठी भेजी कि आर्थिक स्थिति के कारण वह शव को नहीं ले जा सकती। इसके बाद कंपनी ने शुकतीर्थ में सुपरवाइजर का अंतिम संस्कार किया। मां और परिवार के अन्य लोगों को वीडियो कॉल के जरिये अंतिम संस्कार दिखाया गया।
शुक्रवार को देहरादून की हॉक कमांडोस प्रोटेक्शन ग्रुप कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को धमात गंगनहर पटरी पर वाहन ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें पुरकाजी पीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया था। पुलिस ने मृतक के पास से मिले पते के आधार पर परिजनों को सूचना दी।
मृतक की मां ने बेटे की देहरादून की कंपनी को भावुक कर देने वाला पत्र लिखा। आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया कि आर्थिक स्थिति के कारण वह बेटे के शव को गांव लाने में असमर्थ है।
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यही नहीं परिवार के सदस्य भी देहरादून नहीं पहुंच सकते। कंपनी के माध्यम से ही बेटे के अंतिम संस्कार का अनुरोध किया गया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारी पुरकाजी थाने पहुंचे। मां के पत्र की कॉपी थाने में दी और शव को लेकर शुकतीर्थ चले गए।
यहां से करीब 17 सौ किमी दूर त्रिपुरा के गांव में वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार को लाइव दिखाया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य भी देखते रहे। बेटे के अंतिम संस्कार के दौरान मां भावुक हो गई। कंपनी के मैनेजर गोपाल सिंह ने बताया कि परिवार की सहमति के बाद ही शुकतीर्थ में अंतिम संस्कार किया गया है।
परिवार ने आर्थिक स्थिति और दूरी का हवाला देकर पत्र भेजा था। मृतक की तैनाती कंपनी की ओर से हरिद्वार में की गई थी।
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शुक्रवार को देहरादून की हॉक कमांडोस प्रोटेक्शन ग्रुप कंपनी के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को धमात गंगनहर पटरी पर वाहन ने टक्कर मार दी थी। टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें पुरकाजी पीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया था। पुलिस ने मृतक के पास से मिले पते के आधार पर परिजनों को सूचना दी।
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मृतक की मां ने बेटे की देहरादून की कंपनी को भावुक कर देने वाला पत्र लिखा। आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा गया कि आर्थिक स्थिति के कारण वह बेटे के शव को गांव लाने में असमर्थ है।
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यही नहीं परिवार के सदस्य भी देहरादून नहीं पहुंच सकते। कंपनी के माध्यम से ही बेटे के अंतिम संस्कार का अनुरोध किया गया था। इसके बाद कंपनी के अधिकारी पुरकाजी थाने पहुंचे। मां के पत्र की कॉपी थाने में दी और शव को लेकर शुकतीर्थ चले गए।
यहां से करीब 17 सौ किमी दूर त्रिपुरा के गांव में वीडियो कॉल के जरिए अंतिम संस्कार को लाइव दिखाया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य भी देखते रहे। बेटे के अंतिम संस्कार के दौरान मां भावुक हो गई। कंपनी के मैनेजर गोपाल सिंह ने बताया कि परिवार की सहमति के बाद ही शुकतीर्थ में अंतिम संस्कार किया गया है।
परिवार ने आर्थिक स्थिति और दूरी का हवाला देकर पत्र भेजा था। मृतक की तैनाती कंपनी की ओर से हरिद्वार में की गई थी।

शुकतीर्थ में जलती सुपरवाइजर की चिता : वीडियो ग्रेब- फोटो : बहराइच में रोडवेज के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।

शुकतीर्थ में जलती सुपरवाइजर की चिता : वीडियो ग्रेब- फोटो : बहराइच में रोडवेज के पास पेट्रोल भराने के लिए लगी लाइन।