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सोलानी नदी में पानी कम होने से ग्रामीणों में राहत
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मुजफ्फरनगर : पुरकाजी खादर क्षेत्र में नाव में बैठकर सोलानी नदी पार करते ग्रामीण।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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पुरकाजी (मुजफ्फरनगर)। सोलानी नदी में पानी कम होने के बावजूद ग्रामीणों की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। जंगलों और खेतों में पानी भरा होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दो दिन पहले उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी से शुक्रवार को सोलानी नदी उफान पर आ गई थी। पानी नदी से बाहर निकलकर गांव रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नंगला, पांचली, सुहेली, जिंदा वाला, चांचक, चमरावला, अलमावाला आदि गांवों के रास्तों सहित सैकड़ों बीघा जंगलों व खेतों में भर गया था। रास्तों से पानी हट जाने से ग्रामीणों का आवागमन तो चालू हो गया है, मगर सोलानी नदी के अंदर करीब आठ फुट पानी होने से ग्रामीण नाव में बैठकर ही नदी पार करने को मजबूर हैं।
ग्रामीण कुलवंत सिंह विर्क, देवेंद्र खालसा, गुरमीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, राजेश गुर्जर, साधू राम, बिजेंद्र सिंह, सुनील बारी, मनीष कुमार, सौरभ कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है की खेतों में पानी कम नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। ज्वार की फसल बर्बाद हो जाने से पशुओं के लिए चारे की समस्या आ गई है।
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दो दिन पहले उत्तराखंड की पहाड़ियों से छोड़े गए पानी से शुक्रवार को सोलानी नदी उफान पर आ गई थी। पानी नदी से बाहर निकलकर गांव रजगल्लापुर, रामनगर, शेरपुर नंगला, पांचली, सुहेली, जिंदा वाला, चांचक, चमरावला, अलमावाला आदि गांवों के रास्तों सहित सैकड़ों बीघा जंगलों व खेतों में भर गया था। रास्तों से पानी हट जाने से ग्रामीणों का आवागमन तो चालू हो गया है, मगर सोलानी नदी के अंदर करीब आठ फुट पानी होने से ग्रामीण नाव में बैठकर ही नदी पार करने को मजबूर हैं।
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ग्रामीण कुलवंत सिंह विर्क, देवेंद्र खालसा, गुरमीत सिंह, जोगेंद्र सिंह, राजू प्रजापति, राजेंद्र पांचली, राजेश गुर्जर, साधू राम, बिजेंद्र सिंह, सुनील बारी, मनीष कुमार, सौरभ कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है की खेतों में पानी कम नहीं होने से खेतों में खड़ी फसलें बर्बाद हो गई हैं। ज्वार की फसल बर्बाद हो जाने से पशुओं के लिए चारे की समस्या आ गई है।
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