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लोक अदालत से सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय: जिला जज
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राष्ट्रीय लोक अदालत में लोगो की समस्या सुनते बैक अधिकारी।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। जनपद न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में रिकार्ड दो लाख 80 हजार 645 वादों का निस्तारण विभिन्न न्यायालयों के माध्यम से किया गया।
लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष चवन प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं, तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है।
लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज शक्ति सिंह ने कहा कि कि न्याय सबके लिए की परिकल्पना को चरितार्थ करने को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत विवादों को समझौते के माध्यम से निपटाने का एक महत्वपूर्ण मंच है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। इस बार लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जनपद में हजारों लोगों की आबादी से संवाद कायम किया गया एवं उन्हें लोक अदालत के माध्यम से होने वाले लाभों के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। बड़ी संख्या में लोक अदालत में वर्षों पुराने मामले निस्तारित हुए, जिसमें कुछ प्रकरण लगभग आठ वर्ष पुराने हैं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल दो लाख 80 हजार 645 मामलों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह द्वारा कुल 80 मामलों का निस्तारण कर दो करोड़ बयालिस लाख बारह हजार रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलायी गयी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सत्यानन्द उपाध्याय की अध्यक्षता में सभी पारिवारिक न्यायालयों ने 112 प्रकरण निस्तारित कियेे। परिवार न्यायालय से 15 जोड़ों को एक साथ रहने को विदा किया गया।
जिला अधिकारी चंद्र भूषण सिंह के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियो ने 19285 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, भारत संचार निगम लिमिटेड आदि के द्वारा सक्रिय सहभागिता की गयी। भारत संचार निगम लिमिटेड के द्वारा 27 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया तथा बैंको के द्वारा 1235 बैंक ऋण मामलों का निस्तारण कराकर लगभग 11 करोड़ 77 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
लोक अदालत में आने वाले समस्त वादकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं खान-पान की व्यवस्था भी लोक अदालत में की गयी। इस अवसर पर अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम जय सिंह पुंण्डीर, भारतीय स्टेट बैंक के आरएम दिगविजय शर्मा, सिविल बार के महासचिव सुनील कुमार मित्तल सहित समस्त न्यायिक अधिकारी एवं समस्त बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने किया।
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लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष चवन प्रकाश ने दीप प्रज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सरल, सुलभ एवं त्वरित न्याय प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि वादकारी आपसी समझौते के आधार पर वाद का निस्तारण करते हैं, तो उनके मध्य आपसी सौहार्द बना रहता है एवं उनके अमूल्य समय की बचत भी होती है।
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लोक अदालत के नोडल अधिकारी अपर जिला जज शक्ति सिंह ने कहा कि कि न्याय सबके लिए की परिकल्पना को चरितार्थ करने को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत विवादों को समझौते के माध्यम से निपटाने का एक महत्वपूर्ण मंच है तथा त्वरित न्याय प्राप्त करने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। इस बार लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जनपद में हजारों लोगों की आबादी से संवाद कायम किया गया एवं उन्हें लोक अदालत के माध्यम से होने वाले लाभों के सम्बन्ध में जागरूक किया गया। बड़ी संख्या में लोक अदालत में वर्षों पुराने मामले निस्तारित हुए, जिसमें कुछ प्रकरण लगभग आठ वर्ष पुराने हैं।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल दो लाख 80 हजार 645 मामलों का निस्तारण किया गया। पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मलखान सिंह द्वारा कुल 80 मामलों का निस्तारण कर दो करोड़ बयालिस लाख बारह हजार रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में दिलायी गयी। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सत्यानन्द उपाध्याय की अध्यक्षता में सभी पारिवारिक न्यायालयों ने 112 प्रकरण निस्तारित कियेे। परिवार न्यायालय से 15 जोड़ों को एक साथ रहने को विदा किया गया।
जिला अधिकारी चंद्र भूषण सिंह के नेतृत्व में राजस्व अधिकारियो ने 19285 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों, भारत संचार निगम लिमिटेड आदि के द्वारा सक्रिय सहभागिता की गयी। भारत संचार निगम लिमिटेड के द्वारा 27 मामलों का समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया तथा बैंको के द्वारा 1235 बैंक ऋण मामलों का निस्तारण कराकर लगभग 11 करोड़ 77 लाख 48 हजार रुपये की धनराशि का सेटलमेंट किया गया।
लोक अदालत में आने वाले समस्त वादकारियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं खान-पान की व्यवस्था भी लोक अदालत में की गयी। इस अवसर पर अपर जनपद न्यायाधीश प्रथम जय सिंह पुंण्डीर, भारतीय स्टेट बैंक के आरएम दिगविजय शर्मा, सिविल बार के महासचिव सुनील कुमार मित्तल सहित समस्त न्यायिक अधिकारी एवं समस्त बैंकों के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तौगी ने किया।