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शाहरुख पठान ढेर: साइकिल मिस्त्री से बना शूटर, जिसे ठान लिया उसे मार दिया, बाप-बेटे की हत्या से आया चर्चा में
Tue, 15 Jul 2025 07:01 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
अमर उजाला नेटवर्क, मुजफ्फरनगर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 15 Jul 2025 07:01 PM IST
सार
Muzaffarnagar News: शाहरुख पठान को पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया। हत्या करने से पहले वह जरा भी नहीं सोचता था। संजीव जीवा व मुख्तार अंसारी गिरोह के संपर्क में आकर उसने तीन हत्याएं कीं।
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मुठभेड़ में शूटर शाहरुख पठान ढेर।
- फोटो : ANI
विस्तार
संजीव जीवा व मुख्तार अंसारी गिरोह के शार्प शूटर खालापार निवासी शाहरुख पठान ने अपनी जिंदगी की शुरुआत साइकिल मिस्त्री बनकर की थी। वह अपने पिता की दुकान पर काम करता था। इसके बाद अपराध का ऐसा पाठ पढ़ा कि माफिया संजीव जीवा व मुख्तार अंसारी तक जा पहुंचा। उसने एक के बाद एक तीन हत्याएं कीं। वर्चस्व के लिए पुलिस कस्टडी में शातिर अपराधी आसिफ जायदा की हत्या की। वह वर्तमान में अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों के गवाहों को धमका रहा था।
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एसटीएफ के एएसपी बृजेश कुमार ने बताया कि खालापार निवासी शाहरुख पठान को उसके फूफा फक्करशाह खालापार निवासी अमीर आजम ने संतान न होने के कारण गोद ले लिया था। उसने अपराध करने का सफर साइकिल की मरम्मत करने के दौरान साथी बने सोबी के साथ मिलकर वर्ष 2015 में शुरू किया।
दोनों ने नैनी जेल से कोर्ट में पेश होने के बाद वापस ले जाए जा रहे खालापार निवासी आसिफ जायदा की पुलिस कस्टडी में रेलवे स्टेशन पर गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह हत्या वर्चस्व कायम करने के लिए की थी। जीआरपी थाने में मुकदमे दर्ज कराया था। इस हत्या की गूंज पुलिस मुख्यालय लखनऊ तक पहुंची थी।
दोनों ने नैनी जेल से कोर्ट में पेश होने के बाद वापस ले जाए जा रहे खालापार निवासी आसिफ जायदा की पुलिस कस्टडी में रेलवे स्टेशन पर गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह हत्या वर्चस्व कायम करने के लिए की थी। जीआरपी थाने में मुकदमे दर्ज कराया था। इस हत्या की गूंज पुलिस मुख्यालय लखनऊ तक पहुंची थी।
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व्यापारी की हत्या में हुई थी सजा
फरारी के दौरान संजीव जीवा के कहने पर वर्ष 2017 में हरिद्वार क्षेत्र की निर्मला छावनी कालोनी में कंबल व्यापारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब यह बात सामने आई थी कि संजीव जीवा के कहने पर कनखल के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी की हत्या करने आया था लेकिन हुलिया मिलता जुलता होने के कारण अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या कर दी थी।
फरारी के दौरान संजीव जीवा के कहने पर वर्ष 2017 में हरिद्वार क्षेत्र की निर्मला छावनी कालोनी में कंबल व्यापारी अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तब यह बात सामने आई थी कि संजीव जीवा के कहने पर कनखल के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर सुभाष सैनी की हत्या करने आया था लेकिन हुलिया मिलता जुलता होने के कारण अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या कर दी थी।
फरारी के दौरान ही वर्ष 2017 में आसिफ जायदा की हत्या में गवाह आसिफ के पिता यासीन की हत्या की। तब उस पर पुलिस महानिदेशक ने 50 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया था। इसके बाद वह हरिद्वार में गिरफ्तार होकर जेल चला गया था।
हरिद्वार की रोशनाबाद जेल में रहते समय उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का विरोध करने पर बंदी रक्षक नितिन सजवाण की पिटाई की थी। अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी मर्डर केस में संजीव जीवा के साथ उसे उम्र कैद की सजा हो गई थी। इस मामले में वर्तमान में वह जमानत पर चल रहा था।
हरिद्वार की रोशनाबाद जेल में रहते समय उसने मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने का विरोध करने पर बंदी रक्षक नितिन सजवाण की पिटाई की थी। अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी मर्डर केस में संजीव जीवा के साथ उसे उम्र कैद की सजा हो गई थी। इस मामले में वर्तमान में वह जमानत पर चल रहा था।
पुलिस कस्टडी से भी भागा था
पुलिस के अनुसार, आसिफ जायदा की हत्या के बाद वह जेल गया था। वह जेल में संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गिरोह के संपर्क में आ गया। कुछ दिन जेल में रहने के पश्चात तारीख से लौटते समय वह वर्ष 2016 में मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था।
पैरोकार पर की थी फायरिंग
छह माह पूर्व जमानत पर आने के बाद वह अपने खिलाफ मुकदमों के गवाहों को धमका रहा था। आसिफ जायदा के पिता की हत्या में आसिफ की मां गवाह थी। उनका रिश्तेदार खालापार निवासी गुलजार पैरवी कर रहा था। उस पर संभल के बनियाठेर में फायरिंग की थी। इस मामले में वह वांछित चल रहा था।
पुलिस के अनुसार, आसिफ जायदा की हत्या के बाद वह जेल गया था। वह जेल में संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गिरोह के संपर्क में आ गया। कुछ दिन जेल में रहने के पश्चात तारीख से लौटते समय वह वर्ष 2016 में मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस कस्टडी से फरार हो गया था।
पैरोकार पर की थी फायरिंग
छह माह पूर्व जमानत पर आने के बाद वह अपने खिलाफ मुकदमों के गवाहों को धमका रहा था। आसिफ जायदा के पिता की हत्या में आसिफ की मां गवाह थी। उनका रिश्तेदार खालापार निवासी गुलजार पैरवी कर रहा था। उस पर संभल के बनियाठेर में फायरिंग की थी। इस मामले में वह वांछित चल रहा था।
ये मुकदमे हैं दर्ज
शाहरुख पठान के खिलाफ मुजफ्फरनगर जीआरपी थाने में दो, सिविल लाइन में दो, शहर कोतवाली में छह, संभल बनियाठेर थाने में एक व एक छपार थाने में मुकदमा दर्ज है।
एक साल पहले हुई थी शादी
खालापार में रहने वाले लोगों ने बताया कि शाहरुख पठान छह भाई बहन थे। उसे फूफा ने गोद लिया था। एक साल पहले उसकी शादी हुई थी।
शाहरुख पठान के खिलाफ मुजफ्फरनगर जीआरपी थाने में दो, सिविल लाइन में दो, शहर कोतवाली में छह, संभल बनियाठेर थाने में एक व एक छपार थाने में मुकदमा दर्ज है।
एक साल पहले हुई थी शादी
खालापार में रहने वाले लोगों ने बताया कि शाहरुख पठान छह भाई बहन थे। उसे फूफा ने गोद लिया था। एक साल पहले उसकी शादी हुई थी।
प्रॉपर्टी का कर रहा था काम
लोगों ने बताया कि वह जमानत पर आने के बाद से अपने घर पर आता जाता रहता था। पत्नी को लेकर अलग कहीं रहता था। वर्तमान में वह शहर के ही प्रॉपर्टी का काम कर रहा था।
आसिफ जायदा के परिजन बेच गए घर
पुलिस कस्टडी में पति की हत्या होने के बाद व कुछ दिन बाद ससुर की हत्या करने से आसिफ की पत्नी व परिजन दहशत में आ गए थे। इसी के चलते मृतक की पत्नी घर बेचकर चली गई थी ।
लोगों ने बताया कि वह जमानत पर आने के बाद से अपने घर पर आता जाता रहता था। पत्नी को लेकर अलग कहीं रहता था। वर्तमान में वह शहर के ही प्रॉपर्टी का काम कर रहा था।
आसिफ जायदा के परिजन बेच गए घर
पुलिस कस्टडी में पति की हत्या होने के बाद व कुछ दिन बाद ससुर की हत्या करने से आसिफ की पत्नी व परिजन दहशत में आ गए थे। इसी के चलते मृतक की पत्नी घर बेचकर चली गई थी ।
पत्नी से हुई थी रात में बात
खालापार निवासी लोगों का कहना है कि रविवार देर रात शाहरुख ने अपनी पत्नी से मोबाइल पर बात कर जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया। इस बारे में उसकी पत्नी ने परिजनों को सूचना दी थी।
पहले थे दोस्त, बाद में बने दुश्मन
पुलिस बताती है कि आसिफ जायदा व शाहरुख पठान पहले दोस्त थे। किसी बात पर उनमें रंजिश हो गई। इसके बाद आसिफ जायदा की हत्या कर दी गई।
खालापार निवासी लोगों का कहना है कि रविवार देर रात शाहरुख ने अपनी पत्नी से मोबाइल पर बात कर जल्द घर पहुंचने की बात कही थी। कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया। इस बारे में उसकी पत्नी ने परिजनों को सूचना दी थी।
पहले थे दोस्त, बाद में बने दुश्मन
पुलिस बताती है कि आसिफ जायदा व शाहरुख पठान पहले दोस्त थे। किसी बात पर उनमें रंजिश हो गई। इसके बाद आसिफ जायदा की हत्या कर दी गई।