बेटियों को बताए आत्मरक्षा के उपाय और अधिकार
मुजफ्फरनगर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने डीएवी डिग्री कॉलेज में लड़कियों की आत्मरक्षा के उपाय व महिलाओं के अधिकार विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सलोनी रस्तोगी ने कहा कि आत्मरक्षा के लिए सर्वप्रथम आत्मविश्वास आवश्यक है, यह परिवार व समाज की भी जिम्मेदारी है कि लड़कियों, महिलाओं के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो, जिससे वह स्वयं को किसी भी प्रकार से कमजोर महसूस न करें। शारीरिक आत्मरक्षा के अंतर्गत मार्शल आर्ट, जूडो कराटे, नियमित योगा, व्यायाम आदि सिखना व करना चाहिए। आत्मरक्षा को एक विषय के तौर पर पढ़ाया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अपनी आत्मरक्षा में हमलावर या अपराध करने वाले को कोई हानि पहुंचाता है, तो इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 96 से 106 के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त होता है, परंतु आत्म रक्षा में प्रयोग किया गया बल अनुपातिक होना चाहिए, जितना आत्म रक्षा के उद्देश्य से आवश्यक है। प्राचार्या डॉ शशि शर्मा, डा संगीता श्रीवास्तव, राहूल शर्मा, मुकेश चन्द, कल्पना आदि उपस्थित रहे।