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कोहरे और शीतलहर का प्रकोप जारी, चार तक बंद हुए स्कूल
अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
Updated Tue, 02 Jan 2018 12:24 AM IST
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कोहरे के बीच शिव चौक पर आरती करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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साल के पहले दिन दोपहर तक धुंध और कोहरे के कारण अंधियारा छाया रहा। सूरज नहीं निकलने और दिनभर शीतलहर चलने से लोग दिन में भी कांपते नजर आए। मौसम ने अचानक करवट बदली तो इसका प्रभाव पूरे जनजीवन पर नजर आया। शहर के बाजार भी दोपहर बाद ही खुलते नजर आए।
नववर्ष 2018 का आगाज ठिठुरन और गलन भरी सर्दी के साथ हुआ तो जनजीवन ठहरता नजर आया। नए साल के आगाज से पहले मौसम में जहां खिली धूप के कारण गर्माहट बनी हुई थी, वहीं पहली जनवरी ने ही ठंड ने लोगों को हिलाकर रख दिया।
पूरा शहर ही कोहरे की चादर से ढका हुआ नजर आया। यह कोहरा आधे दिन तक बरसता रहा, जिस कारण लोगों को शहर में गली-मोहल्लों तक अलाव जलाकर हाथ सेंकते हुए देखा गया। धुंध और कोहरे से दोपहर तक अंधेरा सा छाया रहा। बाजार में भी ज्यादा चहल पहल नजर नहीं आई। नए साल के पहले ही दिन लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हो गए। ज्यादातर स्कूलों एवं कालेजों में विंटर वैकेशन है, इसलिए पहली जनवरी की इस ठंड को सभी ने अपने घरों पर रहकर एंजॉय किया।
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रात में जब लोग सोए थे तो आसमान साफ था, लेकिन सुबह जब उनकी नींद खुली तो घना कोहरा था। सुबह होते ही गांव-देहात के साथ ही शहर में भी घना कोहरा रिकार्ड किया गया है। कोहरे ने जनजीवन की चाल को थोड़ा धीमा कर दिया है। सोमवार से शुरू हुए इस नए साल के पहले ही दिन शहर से लेकर पूरे अंचल में सुबह से अलाव जलते हुए दिखाई दिए। लोग सुुबह जब उठे तो कोहरे और कड़कड़ाती सर्दी ने उनका स्वागत किया।
धुंध भरा कोहरा दिन भर टप-टप होता रहा, तो वहीं गलन बढ़ने से लोग कांपते रहे। सर्दी के इस भीषण प्रहार से बचने के लिए लोगों ने सुबह से ही अलाव जला दिए और गलियों व मोहल्लों में टोलियां बनाकर इन अलाव के सहारे सर्दी से जूझते नजर आये। अलाव के पास गेट-टू-गेदर हो गया। मौसम के जानकार बता रहे हैं कि हिमालय के प्रभाव से शहर में सर्दी बढ़ी है और आने वाले दिनों में भी सर्दी के तेवर ऐसे ही तीखे रहने वाले हैं।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के चलते आने वाली बर्फीली हवाओं की वजह से शीतलहर बनी है। ठंड का असर यहां बाजारों में देखने को मिला। बाजार ही दोपहर को खुले। शाम को ठंड के कारण बाजार शाम ढ़लते ही बंद हो गए। ठंडी हवाओं के चलते बाजारों में अधिक चहल-पहल नहीं रही।
चार जनवरी तक स्कूलों की छुट्टी
मुजफ्फरनगर। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों का चार जनवरी तक अवकाश कर दिया है। पांच जनवरी से स्कूल यथावत खुलेंगे।
सभी ट्रेन रही लेट
मुजफ्फरनगर। सोमवार को घने कोहरे के कारण मुजफ्फरनगर को आने-जाने वाली सभी ट्रेनें लेट रही। अंबाला इंटर सिटी एक्सप्रेस जहां दो घंटे लेट चली, वहीं छत्तीसगढ़ नौ घंटे लेट रही। इसी तरह अन्य सभी रेल गाड़ियां भी देरी से चल रही हैं।
कोहरे ने रोक दी रोडवेज की रफ्तार
मुजफ्फरनगर। सोमवार को घने कोहरे के कारण रोडवेज पर अधिक प्रभाव पड़ा। सुबह के समय यात्रियों की संख्या काफी कम रही। दोपहर तक ठंड के चलते यही हाल रहा। इसके चलते काफी संख्या में गाड़ियों के चक्कर कम करने पड़े।
कड़ाके की ठंड से लोग अपने घरों में दुबके
खतौली। सर्दी के मौसम में सोमवार का दिन सबसे ठंडा रहा। हाड़ कंपकंपा देने वाली वाली ठंड से बचने के लिए लोग दिन छिपते ही अपने घरों में दुबक गए। दिनभर सूर्यदेवता के भी दर्शन नहीं हो सके। रविवार की रात से ही कोहरा पड़ना शुरु हो गया था। सोमवार को दिनभर कोहरा नहीं छंटा, जिससे मौसम में ठंडक रही।
शाम के समय शीतलहर चलनी प्रारंभ हो गई थी। कड़ाके की ठंड पड़ने से दुपहिए वाहन सवार भी सड़क पर कम नजर आए। ठंड की वजह से बाजारों में भी लोग कम ही दिखाई दिए। कुछ स्कूलों में ठंड की वजह से बच्चों की छुट्टी पहले ही कर दी गई थी। दिन छिपने से पहले लोग अपने घरों में दुबक गए थे। तहसील प्रशासन व पालिका प्रशासन की ओर से नगर के चौराहों पर अलाव जलाने के लिए शाम चार बजे ही लकड़ियां डलवा दी गई।
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नववर्ष 2018 का आगाज ठिठुरन और गलन भरी सर्दी के साथ हुआ तो जनजीवन ठहरता नजर आया। नए साल के आगाज से पहले मौसम में जहां खिली धूप के कारण गर्माहट बनी हुई थी, वहीं पहली जनवरी ने ही ठंड ने लोगों को हिलाकर रख दिया।
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पूरा शहर ही कोहरे की चादर से ढका हुआ नजर आया। यह कोहरा आधे दिन तक बरसता रहा, जिस कारण लोगों को शहर में गली-मोहल्लों तक अलाव जलाकर हाथ सेंकते हुए देखा गया। धुंध और कोहरे से दोपहर तक अंधेरा सा छाया रहा। बाजार में भी ज्यादा चहल पहल नजर नहीं आई। नए साल के पहले ही दिन लोग घरों में ही दुबकने को मजबूर हो गए। ज्यादातर स्कूलों एवं कालेजों में विंटर वैकेशन है, इसलिए पहली जनवरी की इस ठंड को सभी ने अपने घरों पर रहकर एंजॉय किया।
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रात में जब लोग सोए थे तो आसमान साफ था, लेकिन सुबह जब उनकी नींद खुली तो घना कोहरा था। सुबह होते ही गांव-देहात के साथ ही शहर में भी घना कोहरा रिकार्ड किया गया है। कोहरे ने जनजीवन की चाल को थोड़ा धीमा कर दिया है। सोमवार से शुरू हुए इस नए साल के पहले ही दिन शहर से लेकर पूरे अंचल में सुबह से अलाव जलते हुए दिखाई दिए। लोग सुुबह जब उठे तो कोहरे और कड़कड़ाती सर्दी ने उनका स्वागत किया।
धुंध भरा कोहरा दिन भर टप-टप होता रहा, तो वहीं गलन बढ़ने से लोग कांपते रहे। सर्दी के इस भीषण प्रहार से बचने के लिए लोगों ने सुबह से ही अलाव जला दिए और गलियों व मोहल्लों में टोलियां बनाकर इन अलाव के सहारे सर्दी से जूझते नजर आये। अलाव के पास गेट-टू-गेदर हो गया। मौसम के जानकार बता रहे हैं कि हिमालय के प्रभाव से शहर में सर्दी बढ़ी है और आने वाले दिनों में भी सर्दी के तेवर ऐसे ही तीखे रहने वाले हैं।
पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के चलते आने वाली बर्फीली हवाओं की वजह से शीतलहर बनी है। ठंड का असर यहां बाजारों में देखने को मिला। बाजार ही दोपहर को खुले। शाम को ठंड के कारण बाजार शाम ढ़लते ही बंद हो गए। ठंडी हवाओं के चलते बाजारों में अधिक चहल-पहल नहीं रही।
चार जनवरी तक स्कूलों की छुट्टी
मुजफ्फरनगर। बीएसए चंद्रकेश यादव ने बताया कि अत्यधिक ठंड को देखते हुए डीएम जीएस प्रियदर्शी ने कक्षा आठ तक के सभी स्कूलों का चार जनवरी तक अवकाश कर दिया है। पांच जनवरी से स्कूल यथावत खुलेंगे।
सभी ट्रेन रही लेट
मुजफ्फरनगर। सोमवार को घने कोहरे के कारण मुजफ्फरनगर को आने-जाने वाली सभी ट्रेनें लेट रही। अंबाला इंटर सिटी एक्सप्रेस जहां दो घंटे लेट चली, वहीं छत्तीसगढ़ नौ घंटे लेट रही। इसी तरह अन्य सभी रेल गाड़ियां भी देरी से चल रही हैं।
कोहरे ने रोक दी रोडवेज की रफ्तार
मुजफ्फरनगर। सोमवार को घने कोहरे के कारण रोडवेज पर अधिक प्रभाव पड़ा। सुबह के समय यात्रियों की संख्या काफी कम रही। दोपहर तक ठंड के चलते यही हाल रहा। इसके चलते काफी संख्या में गाड़ियों के चक्कर कम करने पड़े।
कड़ाके की ठंड से लोग अपने घरों में दुबके
खतौली। सर्दी के मौसम में सोमवार का दिन सबसे ठंडा रहा। हाड़ कंपकंपा देने वाली वाली ठंड से बचने के लिए लोग दिन छिपते ही अपने घरों में दुबक गए। दिनभर सूर्यदेवता के भी दर्शन नहीं हो सके। रविवार की रात से ही कोहरा पड़ना शुरु हो गया था। सोमवार को दिनभर कोहरा नहीं छंटा, जिससे मौसम में ठंडक रही।
शाम के समय शीतलहर चलनी प्रारंभ हो गई थी। कड़ाके की ठंड पड़ने से दुपहिए वाहन सवार भी सड़क पर कम नजर आए। ठंड की वजह से बाजारों में भी लोग कम ही दिखाई दिए। कुछ स्कूलों में ठंड की वजह से बच्चों की छुट्टी पहले ही कर दी गई थी। दिन छिपने से पहले लोग अपने घरों में दुबक गए थे। तहसील प्रशासन व पालिका प्रशासन की ओर से नगर के चौराहों पर अलाव जलाने के लिए शाम चार बजे ही लकड़ियां डलवा दी गई।