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भाई से टिकट की बाजी मार ले गए सौरभ स्वरूप
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सौरव स्वरूप बंटी, रालोद प्रत्याशी
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
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भाई से टिकट की बाजी मार ले गए सौरभ स्वरूप
मुजफ्फरनगर। सपा-रालोद गठबंधन ने शहर सीट से सौरभ स्वरूप बंटी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सौरभ रालोद के चुनाव चिह्न पर वह चुनाव लड़ेंगे। उनका सगे भाई गौरव स्वरूप से ही टिकट को लेकर मुकाबला था, जिसमें बंटी बाजी मार ले गए।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने बताया कि पूर्व मंत्री स्वर्गीय चित्तरंजन स्वरूप के बेटे सौरभ स्वरूप को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। रालोद के चुनाव चिह्न पर वह मुजफ्फरनगर सदर सीट से गठबंधन के प्रत्याशी होंगे। सोमवार शाम को रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने उन्हें चुनाव चिह्न दिया। रालोद जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर ने पुष्टि करते हुए बताया कि सदर सीट के लिए सौरभ स्वरूप को टिकट दिया गया है। सौरभ के अलावा उनके भाई गौरव स्वरूप भी शहर सीट से टिकट के दावेदर थे।
पिता के लिए लौटा दिया था टिकट
सौरभ स्वरूप बंटी को सपा ने 2012 में भी सदर सीट से टिकट दिया था। लेकिन एन वक्त पर सौरभ ने अपने पिता पूर्व मंत्री चित्तरंजन स्वरूप के लिए टिकट लौटा दिया था। चित्तरंजन चुनाव जीतकर सपा सरकार में मंत्री बन गए थे। लेकिन उनके निधन के कारण 2016 मेें उपचुनाव हुआ था। सपा ने गौरव स्वरूप को दो बाद प्रत्याशी बनाया। 2016 के उपचुनाव के अलावा 2017 में गौरव स्वरूप को टिकट दिया गया था। दोनों ही बार गौरव स्वरूप चुनाव हार गए थे और भाजपा को जीत मिली थी।
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राकेश शर्मा और पायल भी थे दौड़ में
सदर सीट से राकेश शर्मा और पायल माहेश्वरी भी टिकट की दौड़ में थी। लेकिन सपा-रालोद गठबंधन ने सौरभ स्वरूप को टिकट दिया है। सपा-रालोद गठबंधन में पांच सीट पर प्रत्याशी रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि चरथावल सीट पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि बुढ़ाना विधानसभा सीट को छोड़ दें तो अन्य जगह सिंबल भले ही रालोद का हो, लेकिन प्रत्याशी सपा के खाते से चुनाव मैदान में खड़े हैं।
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मुजफ्फरनगर। सपा-रालोद गठबंधन ने शहर सीट से सौरभ स्वरूप बंटी को प्रत्याशी घोषित कर दिया है। सौरभ रालोद के चुनाव चिह्न पर वह चुनाव लड़ेंगे। उनका सगे भाई गौरव स्वरूप से ही टिकट को लेकर मुकाबला था, जिसमें बंटी बाजी मार ले गए।
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी ने बताया कि पूर्व मंत्री स्वर्गीय चित्तरंजन स्वरूप के बेटे सौरभ स्वरूप को प्रत्याशी घोषित कर दिया गया है। रालोद के चुनाव चिह्न पर वह मुजफ्फरनगर सदर सीट से गठबंधन के प्रत्याशी होंगे। सोमवार शाम को रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने उन्हें चुनाव चिह्न दिया। रालोद जिलाध्यक्ष प्रभात तोमर ने पुष्टि करते हुए बताया कि सदर सीट के लिए सौरभ स्वरूप को टिकट दिया गया है। सौरभ के अलावा उनके भाई गौरव स्वरूप भी शहर सीट से टिकट के दावेदर थे।
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पिता के लिए लौटा दिया था टिकट
सौरभ स्वरूप बंटी को सपा ने 2012 में भी सदर सीट से टिकट दिया था। लेकिन एन वक्त पर सौरभ ने अपने पिता पूर्व मंत्री चित्तरंजन स्वरूप के लिए टिकट लौटा दिया था। चित्तरंजन चुनाव जीतकर सपा सरकार में मंत्री बन गए थे। लेकिन उनके निधन के कारण 2016 मेें उपचुनाव हुआ था। सपा ने गौरव स्वरूप को दो बाद प्रत्याशी बनाया। 2016 के उपचुनाव के अलावा 2017 में गौरव स्वरूप को टिकट दिया गया था। दोनों ही बार गौरव स्वरूप चुनाव हार गए थे और भाजपा को जीत मिली थी।
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राकेश शर्मा और पायल भी थे दौड़ में
सदर सीट से राकेश शर्मा और पायल माहेश्वरी भी टिकट की दौड़ में थी। लेकिन सपा-रालोद गठबंधन ने सौरभ स्वरूप को टिकट दिया है। सपा-रालोद गठबंधन में पांच सीट पर प्रत्याशी रालोद के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे, जबकि चरथावल सीट पर सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा जाएगा। हालांकि बुढ़ाना विधानसभा सीट को छोड़ दें तो अन्य जगह सिंबल भले ही रालोद का हो, लेकिन प्रत्याशी सपा के खाते से चुनाव मैदान में खड़े हैं।