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Muzaffarnagar News: 70 स्कूलों के दो हजार शिक्षकों का वेतन रोका
Sat, 08 Feb 2025 12:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Sat, 08 Feb 2025 12:55 AM IST
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महावीर चौक स्थित कार्यालय में धरने को संबोधित करते शिक्षक : स्रोत शिक्षक
मुजफ्फरनगर। जिले में सहायता प्राप्त 70 माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत दो हजार शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों का जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया। स्कूलों की ओर से ऑडिट की आपत्तियां का निस्तारण न करने पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने यह कार्रवाई की है। शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र सत्यापन, नौकरी के दौरान विज्ञापन प्रकाशन समेत अन्य बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी। डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर 2024 में शिक्षकों के ऑडिट के लिए स्कूलों को डीआईओएस कार्यालय से पत्र जारी किया गया था। प्रधानाचार्य से चयन वेतनमान की अप्रूवल, स्कूलों की आय का स्रोत, जीपीएफ, वेतन, बच्चों के लिए आने वाले फंड समेत अन्य बिंदुओं पर सूचना मांगी गई थी। इसके दायरे में आए दो हजार शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारियों का डाटा उपलब्ध नहीं कराया गया। जिसके बाद डीआईओएस कार्यालय से जनवरी माह के वेतन को स्वीकृति नहीं मिली।
साल दिसंबर में सहारनपुर में मंडल के विद्यालयों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ऑडिट की आपत्तियों के विषय में जानकारी दी गई थी। डीआईओएस का कहना है कि निस्तारण नहीं होने से वित्तीय के अलावा अन्य आपत्तियां लगातार बढ़ रही है। डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने कहा कि वेतन रोकने का मूल कारण ऑडिट की आपत्तियों का समय से निस्तारण नहीं कराना है। सभी विद्यालयों को इस संबंध में दिसंबर में निर्देश भेज गए थे , लेकिन इस मामले में किसी भी विद्यालय ने संज्ञान नहीं लिया। इसलिए वेतन को रोका गया है
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साल दिसंबर में सहारनपुर में मंडल के विद्यालयों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें ऑडिट की आपत्तियों के विषय में जानकारी दी गई थी। डीआईओएस का कहना है कि निस्तारण नहीं होने से वित्तीय के अलावा अन्य आपत्तियां लगातार बढ़ रही है। डीआईओएस राजेश कुमार श्रीवास ने कहा कि वेतन रोकने का मूल कारण ऑडिट की आपत्तियों का समय से निस्तारण नहीं कराना है। सभी विद्यालयों को इस संबंध में दिसंबर में निर्देश भेज गए थे , लेकिन इस मामले में किसी भी विद्यालय ने संज्ञान नहीं लिया। इसलिए वेतन को रोका गया है
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