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समूह से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने में जुटी ग्रामीण महिलाएं

Thu, 30 Jul 2020 11:30 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2020 11:30 PM IST
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Rural women trying to become self-sufficient by joining the group
गांव सालारपुर महिला स्वयं सहायता समूह का आयोन में उपस्थित महिलाएं। - फोटो : KHATAULI
चरथावल। महिलाओं ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर हुनर तलाशने में रुचि दिखाई है। कोरोना के दौर में घर पर रहकर आचार मुरब्बा, राखियां और स्कूल ड्रेस बनाकर ग्रामीण परिवेश से जुड़ी महिलाएं आत्मनिर्भर बनने में जुटी है। लॉकडाउन में कुछ समूहों ने मास्क और सैनिटाइजर बनाए हैं।
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ग्रामीण परिवेश में सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की है। कम पूंजी में रोजगार अपनाने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है। लॉकडाउन में ब्लॉक के 50 महिलाओं के समूहों से स्कूल ड्रेस बनवाई गई। रक्षाबंधन पर गुनियाजुड्डी के श्रीकृष्णा महिला समूह, ज्ञानामाजरा के दुर्गा महिला समूह सहित 15 समूह की महिलाओं ने हस्तनिर्मित राखियां तैयार की है। लॉकडाउन में नवजागरण, श्रीदुर्गा ज्ञानामाजरा, फलक कुटेसरा ने मास्क बनाकर समय का सदुपयोग किया। गुनियाजुड्डी, रोनी हरजीपुर आदि ग्रुपों की महिलाएं अचार-मुरब्बा बना रही हैं। नगलां राई के भारत स्वयं सहायता ग्रुप नर्सरी के बाद ड़्ेस सिलाई में हाथ आजमा रहा है।
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गुनियाजुड्डी श्रीकृष्ण महिला समूह की सचिव लक्ष्मी सैनी और कोषाध्यक्ष सीमा बताती है कि एक साल पहले पंजीकृत हुए उनके समूह में 10 महिलाएं है। जून में तीन स्कूलों की ड्रेस बनाई है। रक्षाबंधन के लिए सुंदर राखियों के रूप में बहनों के प्यार को मोतियों में पिरोया है। आगामी नवरात्रों और दीपावली के लिए उनके ग्रुप से जुड़ी बबीता, सीमा, फूलमती, कमलेश, कुसुम, बीना, कमलेश, गीता और सुरजा ने पूजा सामग्री, अगरबत्ती, मोमबत्ती, धूपबत्ती एवं सजावट के समान बनाने की तैयारी की है।
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नवजागरण समूह ज्ञानामाजरा की अध्यक्ष पिंकी देवी ने कहा कि ग्रामीण परिवेश में हुनर के दम पर महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकती है। समूहों को ब्लॉक स्तर से काम दिलाया जा रहा है। जागरूक महिलाएं आत्मबल के साथ आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाएं। उन्होंने मास्क बनाने के बाद राखियां, दीपक और झालरें तैयार की है। प्रभारी बीडीओ राजेंद्र कुमार ने बताया कि 116 सक्रिय समूहों की महिलाओं को विभिन्न कार्यो के लिए माकूल प्रशिक्षण दिया जाता है। चरथावल ब्लॉक को इंसेंटिव जोन में चयनित किया गया है। कार्यों में निखार लाने के लिए शासन से हर ग्रुप को 1.10 सीआईएफ फंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है।
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