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गंगनहर पटरी मार्ग पर दूसरी ओर भी बनेगी सड़क

Tue, 13 Jul 2021 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jul 2021 11:36 PM IST
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Road will be built on the other side on Ganganahar track route
गंगनहर पटरी मार्ग पर दूसरी ओर भी बनेगी सड़क
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मुजफ्फरनगर/खतौली। दिल्ली-दून नेशनल हाईवे और गंगनहर पटरी मार्ग से वाहनों का दबाव कम करने के लिए गंगनहर के दूसरी ओर भी सड़क का निर्माण किया जाएगा। मुरादनगर से उत्तराखंड तक प्रस्तावित सड़क निर्माण के लिए जनपद की करीब 80 किलोमीटर की सीमा में 15 हजार से अधिक पेड़ काटे जाएंगे। वन विभाग ने पीडब्लूडी व एनएचएआई के माध्यम से पेड़ चिह्नित कर कटान का प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है, जहां से हरी झंडी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्ली-देहरादून मार्ग पर वाहनों का दबाव कम करने और यात्रा सुगम करने के लिए सरकार द्वारा गंगनहर पटरी मार्ग के दूसरी ओर भी सड़क निर्माण की योजना तैयार की गई है। मुरादनगर से उत्तराखंड तक बनने वाली 18 मीटर चौड़ाई वाली इस सड़क का निर्माण गंगनहर के बंधे से नौ मीटर की दूरी पर किया जाएगा। सड़क निर्माण के लिए सर्वे पूरा किया जा चुका है, जिसके तहत जनपद की खतौली-मेरठ बॉर्डर से पुरकाजी बॉर्डर तक करीब 80 किलोमीटर की दूरी में गंगनहर के दूसरे किनारे पर स्थित 15,500 पेड़ों का कटान किया जाएगा। वन विभाग द्वारा कटान होने वाले सभी पेड़ों को चिह्नीकरण किया जा चुका है, जिनके कटान का प्रस्ताव भी पीडब्लूडी और एनएचएआई के माध्यम से सरकार को भेजा जा चुका है। क्षेत्रीय वनाधिकारी मोहन बहुखंडी ने बताया कि जैसे ही सरकार की ओर से हरी झंडी मिलेगी, वन निगम को पेड़ों के कटान का जिम्मा सौंप दिया जाएगा। कटान से मिलने वाली लकड़ी की नीलामी कर उसका पैसा वन विभाग के खाते में जमा किया जाएगा।
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चीतल पार्क हो जाएगा पूरी तरह विलुप्त
खतौली। कस्बे का एकमात्र पिकनिक प्वाइंट रहा चीतल पार्क गंगनहर के दूसरे किनारे पर प्रस्तावित सड़क का निर्माण होने पर पूरी तरह से विलुप्त हो जाएगा। दरअसल, चीतल पार्क की गंगनहर किनारे की पूरी जमीन सड़क निर्माण में चली जाएगी, जिसके बाद पार्क का केवल वह हिस्सा ही शेष रह जाएगा, जहां कभी चीतल बाड़ा हुआ करता था। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि सड़क निर्माण होने के बाद शेष रही जमीन के बारे में निर्णय लिया जाएगा।
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