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सब्जियों के दामों में जबरदस्त उछाल
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शहर की सब्जी मंडी में महगाई के चलते ग्राहक के इंजार करता दुकानदार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सब्जियों के दामों में जबरदस्त उछाल
मुजफ्फरनगर। बारिश के कारण सब्जियों के दामों में जबरदस्त उछाल आया है। लोगों के घरों का रसोई का बजट बिगड़ गया है। दाम बढ़ने से आलू, टमाटर तक खरीदना कठिन हो गया है। धनिया 80 से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बिक रहा है।
हमारी सेहत के लिहाज से सब्जियां रसोई की सबसे पहली और अहम जरूरत हैं। पिछले 15 दिनों में बढ़े सब्जियों के दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कोरोना के कारण पहले से कम आमदनी और खर्च से सामंजस्य बैठाने में आम आदमी की चक्करघिन्नी बनी हुई है। पिछले पंद्रह दिनों में सब्जी काफी महंगी हो गई है। आलू 20 से चढ़कर 40 रुपये किलो हो गया है। खीरा 20 से 50, टमाटर 30 से 50, तुरई 20 से 40, टिंडा 40 से 80, भिंडी 25 से 50, लौकी 30 से 50, बैंगन 30 से 50, शिमला मिर्च 60 से 80, गोभी 80, पेठा 20 से 30, करेला 20 से 40, पपीता 30 से 40, पालक 25 से 60 और धनिया 80 से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बिक रहा हैं। शहर मंडी के सब्जी विक्रेता आकाश ने बताया कि लॉकडाउन में इन्हीं सब्जियों की कहीं पूछ नहीं थी। तुरई, भिंडी और करेला 10 से 12, आलू 100 में पांच किलो, परमल 30 से 40, टिंडा 20, लौकी आठ, प्याज 10, टमाटर 10 रुपये प्रति किलो बिके थे। सब्जी विक्रेता प्रवीण ने बताया कि पालक एक हफ्ते में उछाल लेकर 24 रुपये से 60 रुपये किलो पहुंचा हैं। परमल के दाम एक सप्ताह में 20 रुपये बढे़ हैं। नई सब्जियां होने से गोभी, शलजम और चने का साग 80 रुपये किलो बिक रहा है। नई मंडी अलमासपुर के सब्जी विक्रेता बिजेंद्र ने बताया कि बरसात के कारण स्थानीय सब्जी खत्म हो गई है। उत्तराखंड में भी बारिश के कारण सब्जियां प्रभावित हुई हैं। पहले सब्जियां दिल्ली की आजादपुर मंडी आती है। उसके बाद जिले में आपूर्ति होती है। उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश से भी कम सब्जी आ रही है, इसी कारण से दाम बढ़ रहे हैं।
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मुजफ्फरनगर। बारिश के कारण सब्जियों के दामों में जबरदस्त उछाल आया है। लोगों के घरों का रसोई का बजट बिगड़ गया है। दाम बढ़ने से आलू, टमाटर तक खरीदना कठिन हो गया है। धनिया 80 से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बिक रहा है।
हमारी सेहत के लिहाज से सब्जियां रसोई की सबसे पहली और अहम जरूरत हैं। पिछले 15 दिनों में बढ़े सब्जियों के दामों ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। कोरोना के कारण पहले से कम आमदनी और खर्च से सामंजस्य बैठाने में आम आदमी की चक्करघिन्नी बनी हुई है। पिछले पंद्रह दिनों में सब्जी काफी महंगी हो गई है। आलू 20 से चढ़कर 40 रुपये किलो हो गया है। खीरा 20 से 50, टमाटर 30 से 50, तुरई 20 से 40, टिंडा 40 से 80, भिंडी 25 से 50, लौकी 30 से 50, बैंगन 30 से 50, शिमला मिर्च 60 से 80, गोभी 80, पेठा 20 से 30, करेला 20 से 40, पपीता 30 से 40, पालक 25 से 60 और धनिया 80 से बढ़कर 300 रुपये प्रति किलो की दर से बाजार में बिक रहा हैं। शहर मंडी के सब्जी विक्रेता आकाश ने बताया कि लॉकडाउन में इन्हीं सब्जियों की कहीं पूछ नहीं थी। तुरई, भिंडी और करेला 10 से 12, आलू 100 में पांच किलो, परमल 30 से 40, टिंडा 20, लौकी आठ, प्याज 10, टमाटर 10 रुपये प्रति किलो बिके थे। सब्जी विक्रेता प्रवीण ने बताया कि पालक एक हफ्ते में उछाल लेकर 24 रुपये से 60 रुपये किलो पहुंचा हैं। परमल के दाम एक सप्ताह में 20 रुपये बढे़ हैं। नई सब्जियां होने से गोभी, शलजम और चने का साग 80 रुपये किलो बिक रहा है। नई मंडी अलमासपुर के सब्जी विक्रेता बिजेंद्र ने बताया कि बरसात के कारण स्थानीय सब्जी खत्म हो गई है। उत्तराखंड में भी बारिश के कारण सब्जियां प्रभावित हुई हैं। पहले सब्जियां दिल्ली की आजादपुर मंडी आती है। उसके बाद जिले में आपूर्ति होती है। उत्तराखंड के देहरादून, ऋषिकेश से भी कम सब्जी आ रही है, इसी कारण से दाम बढ़ रहे हैं।
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