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उत्तम क्षमा पर्व पर क्रोध न करने का संकल्प

Wed, 31 Aug 2022 11:57 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 31 Aug 2022 11:57 PM IST
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Resolve not to get angry on the best pardon festival
वहलना के दिगंबर जैन मंदिर में दशलक्षण पर्व के शुभारंभ पर पूजा अर्चना करते श्रद्वालु। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। श्री दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र वहलना में दशलक्षण पर्व का शुभारंभ भक्ति भाव से किया गया। प्रथम पर्व उत्तम क्षमा का मनाया गया। क्रोध न करने का संकल्प लिया गया।
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वहलना में नित्य नियम पूजन प्रक्षाल एवं शांति धारा का आयोजन किया गया। प्रबंध कमेटी के महामंत्री संजय जैन ने बताया कि क्रोध एक विभाव है, एक तलवार है, जो मधुर संबंधों को काटता रहता है। क्रोध अग्नि की भट्टी है, पल भर का आवेश कई दिनों की शक्ति को नष्ट कर देता है। क्रोध के दुष्परिणामों को जानकर हर व्यक्ति को अपने अंदर क्षमा भाव रखना चाहिए। नित्य नियम पूजन प्रक्षाल में विजय जैन, मनीष जैन, विपिन जैन, सतीश जैन, विप्लव जैन, अमित जैन, वैभव
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उधर, नई मंडी स्थित एसएस जैन सभा जैन स्थानक में क्षमावाणी संवत्सरी महापर्व मनाया गया। सभा के संरक्षक मनमोहन जैन और संयोजक दीपक जैक ने बताया कि महासाध्वी के सानिध्य में श्रद्धालुओं ने पौषक व्रत की आराधना की। कार्यक्रम की शुरूआत महासाध्वी सीयल ने अंतगडदसा सुत का पाठ सुनाकर की। महिला तरुणी मंडल ने सती सुभद्रा पर आधारित नाटिका प्रस्तुत की। सुदेश जैन, नरेश चंद्र जैन, मीतू जैन ने धार्मिक भजन प्रस्तुत किए। इस दौरान कार्तिकेय जैन, घ्नजय जैन, नमन जैन, अनुराग जैन, सौरव जैन, राजीव जैन, राजेश जैन, प्रमोद जैन, हर्षवर्धन जैन, प्रियंका जैन, मीतू जैन, चचंल जैन आदि मौजूद रहे। संवाद
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क्रोध अहितकारी और क्षमा हितकारी
बुढ़ाना।गांव अटाली के श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में प्रथम पर्व उत्तम क्षमा का मनाया गया। बुधवार को मंदिर में झंडा रोहण, मांगलिक क्रियाएं, अभिषेक एवं शांति धारा की गई। विधिविधान से पूजा-अर्चना के साथ रिद्धि सिद्धि बीज मंत्रों के साथ भक्तामर महामंडल विधान का अयोजन हुआ। जैन श्रद्धालुओं ने महामंडल पर 48 श्रीफल चढ़ाए। पंडित मनोज शस्त्री ने प्रवचन में कहा कि क्षमा वीरों का आभूषण है। क्षमा बराबर तप नहीं है। क्षमा का धर्म आधार होता है। क्रोध सभी के लिए अहितकारी तथा क्षमा सदैव हितकारी होती है। कार्यक्रम में राकेश जैन, राजेंद्र जैन, हेमचंद्र जैन, शुभम जैन, अंकित जैन, शौर्य जैन, शिवानी जैन व प्रिया जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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