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उद्यान विज्ञान के छात्रों की मशरूम पर रिसर्च
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उद्यान विज्ञान के छात्रों की मशरूम पर रिसर्च
मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रिसर्च के तौर मशरूम उगाई जा रही है। उद्यान विज्ञान विभाग द्वारा यह रिसर्च की जा रही है। इसी के चलते मशरूम की तीसरी कटाई की गई।
उद्यान विज्ञान के छात्र जसप्रीत कौर, शुभम गुप्ता, एसके सिंह आदि के द्वारा मशरूम की खेती व्यावसायिक रूप से मुजफ्फरनगर जिले में कितनी लोकप्रिय हो सकती है और बटन मशरूम का जिले के लोगों में कितना क्रेज है, इसे लेकर रिसर्च किया जा रहा है। छात्रों द्वारा यह उत्पाद महाविद्यालय में ही उत्पादित करके आगे बड़े स्केल पर करने की रणनीति बनाई गई है। उद्यान विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ गिरिराज किशोर एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मलिक विगत दिनों 90 स्टूडेंट के साथ भ्रमण के लिए सोनीपत गए थे, जहां छात्रों ने मशरूम की खेती का बारीकी से अध्ययन किया। महाविद्यालय के पुरातन छात्र डॉक्टर भगत सिंह सहरावत डायरेक्टर उद्यान विज्ञान हरियाणा सरकार ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाविद्यालय के दो छात्रों को डायरेक्टर ने रोजगार भी दिया है और उन्हें मशरूम के लिए प्रशिक्षण में भी लगाया गया है। कई मशरूम फार्म, मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट, बेबी कार्न इकाई, पॉली हाउस इत्यादि का भ्रमण कराया गया। उद्यान विज्ञान से चार स्टूडेंट्स को 15 दिन की मशरूम ट्रेनिंग के लिए सोनीपत भेजा गया है।
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मुजफ्फरनगर। चौधरी छोटूराम स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रिसर्च के तौर मशरूम उगाई जा रही है। उद्यान विज्ञान विभाग द्वारा यह रिसर्च की जा रही है। इसी के चलते मशरूम की तीसरी कटाई की गई।
उद्यान विज्ञान के छात्र जसप्रीत कौर, शुभम गुप्ता, एसके सिंह आदि के द्वारा मशरूम की खेती व्यावसायिक रूप से मुजफ्फरनगर जिले में कितनी लोकप्रिय हो सकती है और बटन मशरूम का जिले के लोगों में कितना क्रेज है, इसे लेकर रिसर्च किया जा रहा है। छात्रों द्वारा यह उत्पाद महाविद्यालय में ही उत्पादित करके आगे बड़े स्केल पर करने की रणनीति बनाई गई है। उद्यान विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ गिरिराज किशोर एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार मलिक विगत दिनों 90 स्टूडेंट के साथ भ्रमण के लिए सोनीपत गए थे, जहां छात्रों ने मशरूम की खेती का बारीकी से अध्ययन किया। महाविद्यालय के पुरातन छात्र डॉक्टर भगत सिंह सहरावत डायरेक्टर उद्यान विज्ञान हरियाणा सरकार ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महाविद्यालय के दो छात्रों को डायरेक्टर ने रोजगार भी दिया है और उन्हें मशरूम के लिए प्रशिक्षण में भी लगाया गया है। कई मशरूम फार्म, मशरूम प्रोसेसिंग यूनिट, बेबी कार्न इकाई, पॉली हाउस इत्यादि का भ्रमण कराया गया। उद्यान विज्ञान से चार स्टूडेंट्स को 15 दिन की मशरूम ट्रेनिंग के लिए सोनीपत भेजा गया है।
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