{"_id":"5edbcfce8ebc3e904032f2ef","slug":"report-filed-against-ration-dealer-in-black-market-khatauli-news-mrt485178867","type":"story","status":"publish","title_hn":"कालाबाजारी में राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कालाबाजारी में राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
विज्ञापन
कालाबाजारी में राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
मुजफ्फरनगर, रतनपुरी। पूर्ति निरीक्षक ने गांव नंगला में कालाबाजारी के आरोप में राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रतनपुरी के गांव नंगला निवासी रेशमा पत्नी इस्तकार के नाम उचित दर की दुकान आवंटित है। दुकान पर एक जून से राशन का वितरण किया जा रहा था। कई ग्रामीणों ने राशन डीलर पर यूनिट के सापेक्ष कम राशन देने एवं नि:शुल्क चने का भी वितरण नहीं करने की शिकायत जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी बुढ़ाना से की। उपजिलाधिकारी बुढ़ाना ने पूर्ति निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह को जांच के लिए भेजा। जांच में मौके पर राशन डीलर के पास उपलब्ध खाद्यान्न और स्टॉक रजिस्टर में अंकित खाद्यान्न में काफी अंतर पाया गया। राशन डीलर के स्टॉक में स्वीकृत राशन में 7.45 क्विंटल गेहूं अधिक मिला। जबकि 37.40 क्विंटल चावल और करीब 80 किलो चना मशीन के अनुसार किए गए वितरण से कम मिला। जब राशन डीलर रेशमा और उसके पति इस्तकार से खाद्यान्न में पाए गए इस अंतर के विषय में पूछा, तो दोनों में से कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। जांच में राशन डीलर द्वारा सरकारी अनुदानित खाद्यान्न की कालाबाजारी करने का आरोप सही पाया गया। इस पर पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना ने राशन डीलर के यहां मिले गेहूं, चावल एवं चने के स्टॉक को नंगला के दूसरे उचित दर विक्रेता महजहां पत्नी हामिद के सुपुर्द कर दुकान को सील कर दिया। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना नरेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम की अनुमति के बाद राशन डीलर रेशमा पत्नी इस्तकार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया है।
विज्ञापन
मुजफ्फरनगर, रतनपुरी। पूर्ति निरीक्षक ने गांव नंगला में कालाबाजारी के आरोप में राशन डीलर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि रतनपुरी के गांव नंगला निवासी रेशमा पत्नी इस्तकार के नाम उचित दर की दुकान आवंटित है। दुकान पर एक जून से राशन का वितरण किया जा रहा था। कई ग्रामीणों ने राशन डीलर पर यूनिट के सापेक्ष कम राशन देने एवं नि:शुल्क चने का भी वितरण नहीं करने की शिकायत जिलाधिकारी एवं उपजिलाधिकारी बुढ़ाना से की। उपजिलाधिकारी बुढ़ाना ने पूर्ति निरीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह को जांच के लिए भेजा। जांच में मौके पर राशन डीलर के पास उपलब्ध खाद्यान्न और स्टॉक रजिस्टर में अंकित खाद्यान्न में काफी अंतर पाया गया। राशन डीलर के स्टॉक में स्वीकृत राशन में 7.45 क्विंटल गेहूं अधिक मिला। जबकि 37.40 क्विंटल चावल और करीब 80 किलो चना मशीन के अनुसार किए गए वितरण से कम मिला। जब राशन डीलर रेशमा और उसके पति इस्तकार से खाद्यान्न में पाए गए इस अंतर के विषय में पूछा, तो दोनों में से कोई भी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। जांच में राशन डीलर द्वारा सरकारी अनुदानित खाद्यान्न की कालाबाजारी करने का आरोप सही पाया गया। इस पर पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना ने राशन डीलर के यहां मिले गेहूं, चावल एवं चने के स्टॉक को नंगला के दूसरे उचित दर विक्रेता महजहां पत्नी हामिद के सुपुर्द कर दुकान को सील कर दिया। इस संबंध में पूर्ति निरीक्षक बुढ़ाना नरेंद्र प्रताप सिंह ने डीएम की अनुमति के बाद राशन डीलर रेशमा पत्नी इस्तकार के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया है।