{"_id":"5aac0f064f1c1bbd758b5ec2","slug":"red-s-memories-come-alive-28-years-ago","type":"story","status":"publish","title_hn":"28 साल पहले पड़ी रेड की यादें हुईं ताजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
28 साल पहले पड़ी रेड की यादें हुईं ताजा
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
Updated Sat, 17 Mar 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
film review
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुजफ्फरनगर। आयकर छापे की सच्ची घटनाओं पर बनी मशहूर फिल्म अभिनेता अजय देवगन की नई मूवी रेड में दर्शकों की दिलचस्पी दिखाई दी। कानपुर और मुजफ्फरनगर में पड़ी देश की सबसे बड़ी आयकर विभाग की रेड को सिने स्क्रीन पर देखकर 28 साल पहले की घटना पर मचे बवाल की यादें फिर ताजा हो गईं।
निर्देशक राजकुमार गुप्ता ने देश में पड़ी सबसे बड़ी आयकर रेड पर आधारित यह फिल्म बनाई है। फिल्म में मुजफ्फरनगर में 14 सितंबर 1989 को आयकर विभाग के 88 काबिल अफसरों ने दो बड़े कारोबारियों चितरंजन स्वरुप और हरीश छाबड़ा की फैक्ट्रियों, दफ्तरों और आवासों पर एक साथ रेड डाली थी।
आयकर अफसरों को विरोध झेलना पड़ा। मारपीट और हमले में कई आयकर अफसर घायल हो गए थे। मेरठ रोड स्थित छाबड़ा की फैक्ट्री समीर इस्पात कर्मचारियों ने आयकर टीम को पीटकर लहूलुहान कर दिया था। एटीओ आरएस चढ्डा समेत आयकर अधिकारियों को मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
ऐसी ही बड़ी आयकर रेड कानपुर में पड़ी थी। उन्हीं सच्ची घटनाओं पर बनी फिल्म द रेड में अजय देवगन ने आयकर कमिश्नर का किरदार निभाया है। फिल्म में अजय के किरदार से ज्यादा दर्शकों को ताऊ जी (सौरभ शुक्ला) के डायलॉग और एक्टिंग पसंद आई है। मूवी में कई रोमांचक सीन ने दर्शकों को बांधे रखा है। रेड पड़ते ही नेताओं में खलबली मचती है और हालात बिगड़ते जाते हैं। वित्त मंत्री भी नेताओं के दबाव में झुके नजर आए हैं, जो लगातार कमिश्नर बने देवगन का ट्रांसफर करते हैं। चंद्रा सिनेमा के मैनेजर आसिफ ने बताया कि पहले दिन शो अच्छे रहे हैं। चार शो में फिल्म प्रदर्शित की गई है।
बोले दर्शक, ऐसी रेड की आज भी जरूरत
ब्रह्मपुरी निवासी राकेश खुराना ने कहा कि फिल्म में रेड और कार्रवाई को बखूबी दिखाया गया है। मौजूदा समय में भी ऐसी रेड की जरूरत है, ताकि कालाधन जमा करने वालों की कमर टूट सके। मुरादाबाद निवासी अहसान ने कहा कि फिल्म में अजय देवगन और ताऊ जी का रोल जमा है।
इनकम टेक्स के छापे ऐसे पड़ते हैं, यह फिल्म देखकर पता चला है। फिल्म काफी अच्छी लगी है। शामली अड्डा निवासी राकेश कुमार ने कहा कि फिल्म ने पैसा वसूल कर दिया है। देश में आयकर रेड के लिए सरकार को भी प्लानिंग करनी चाहिए। फिल्म में सरकार, मंत्री की भूमिका भी देखना अच्छा लगा है। कुल मिलाकर फिल्म बेहतर रही है। खालापार निवासी फारुख ने कहा कि बड़े लोग किस तरह से टेक्स की चोरी करते हैं और छोटे लोगों को भड़काते हैं। यह फिल्म में देखने को मिला है। आयकर विभाग बेहतर कार्य करता है। यह आज के समय की भी जरूरत है।
विज्ञापन
निर्देशक राजकुमार गुप्ता ने देश में पड़ी सबसे बड़ी आयकर रेड पर आधारित यह फिल्म बनाई है। फिल्म में मुजफ्फरनगर में 14 सितंबर 1989 को आयकर विभाग के 88 काबिल अफसरों ने दो बड़े कारोबारियों चितरंजन स्वरुप और हरीश छाबड़ा की फैक्ट्रियों, दफ्तरों और आवासों पर एक साथ रेड डाली थी।
विज्ञापन
आयकर अफसरों को विरोध झेलना पड़ा। मारपीट और हमले में कई आयकर अफसर घायल हो गए थे। मेरठ रोड स्थित छाबड़ा की फैक्ट्री समीर इस्पात कर्मचारियों ने आयकर टीम को पीटकर लहूलुहान कर दिया था। एटीओ आरएस चढ्डा समेत आयकर अधिकारियों को मेरठ मेडिकल में भर्ती कराया गया था।
विज्ञापन
ऐसी ही बड़ी आयकर रेड कानपुर में पड़ी थी। उन्हीं सच्ची घटनाओं पर बनी फिल्म द रेड में अजय देवगन ने आयकर कमिश्नर का किरदार निभाया है। फिल्म में अजय के किरदार से ज्यादा दर्शकों को ताऊ जी (सौरभ शुक्ला) के डायलॉग और एक्टिंग पसंद आई है। मूवी में कई रोमांचक सीन ने दर्शकों को बांधे रखा है। रेड पड़ते ही नेताओं में खलबली मचती है और हालात बिगड़ते जाते हैं। वित्त मंत्री भी नेताओं के दबाव में झुके नजर आए हैं, जो लगातार कमिश्नर बने देवगन का ट्रांसफर करते हैं। चंद्रा सिनेमा के मैनेजर आसिफ ने बताया कि पहले दिन शो अच्छे रहे हैं। चार शो में फिल्म प्रदर्शित की गई है।
बोले दर्शक, ऐसी रेड की आज भी जरूरत
ब्रह्मपुरी निवासी राकेश खुराना ने कहा कि फिल्म में रेड और कार्रवाई को बखूबी दिखाया गया है। मौजूदा समय में भी ऐसी रेड की जरूरत है, ताकि कालाधन जमा करने वालों की कमर टूट सके। मुरादाबाद निवासी अहसान ने कहा कि फिल्म में अजय देवगन और ताऊ जी का रोल जमा है।
इनकम टेक्स के छापे ऐसे पड़ते हैं, यह फिल्म देखकर पता चला है। फिल्म काफी अच्छी लगी है। शामली अड्डा निवासी राकेश कुमार ने कहा कि फिल्म ने पैसा वसूल कर दिया है। देश में आयकर रेड के लिए सरकार को भी प्लानिंग करनी चाहिए। फिल्म में सरकार, मंत्री की भूमिका भी देखना अच्छा लगा है। कुल मिलाकर फिल्म बेहतर रही है। खालापार निवासी फारुख ने कहा कि बड़े लोग किस तरह से टेक्स की चोरी करते हैं और छोटे लोगों को भड़काते हैं। यह फिल्म में देखने को मिला है। आयकर विभाग बेहतर कार्य करता है। यह आज के समय की भी जरूरत है।