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मुजफ्फरनगर रामपुर तिराहा कांड: सफाई साक्ष्य का अवसर समाप्त, सीबीआई के डीआईजी-एसपी से मांगा स्पष्टीकरण

Tue, 31 Oct 2023 07:23 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर Published by: कपिल kapil Updated Tue, 31 Oct 2023 07:23 PM IST
सार

Muzaffarnagar Rampur Tiraha Kand: अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि मंगलवार को सुनवाई हुई। अदालत ने एक पत्रावली में बचाव पक्ष का सफाई साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया है।

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Rampur Tiraha Kand: Court ends opportunity for clarification evidence, seeks clarification from CBI DIG and SP
रामपुर तिराहा कांड: अदालत की सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में अदालत ने एक पत्रावली में बचाव पक्ष का सफाई साक्ष्य का अवसर समाप्त कर दिया है। जबकि दूसरी पत्रावली में सीबीआई के डीआईजी और एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए छह नवंबर की तिथि तय की है। 

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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि मंगलवार को सुनवाई हुई। सरकार बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में आरोपी मिलाप सिंह और वीरेंद्र प्रताप अपने बचाव में कोई सफाई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए। अब इस पत्रावली में बहस की प्रक्रिया शुरू होगी।

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सीबीआई बनाम राधा मोहन द्विवेदी की पत्रावली में सीबीआई ने अदालत में गवाह पेश  नहीं किया। अदालत ने आपत्ति जताते हुए सीबीआई के डीजीआई और एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है। यह भी पूछा कि क्या कोई गवाह सुरक्षा कारणों से अदालत में नहीं आ रहा है। अगर ऐसा है तो सुरक्षा प्रदान की जाए।

बचाव पक्ष के जिरह की प्रक्रिया पूरी
रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम बृजकिशोर की पत्रावली में बचाव साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में मीडियाकर्मी प्रदीप शर्मा को पेश किया गया। आरोपी  बृजकिशोर और गजराज न्यायालय में हाजिर हुए। जबकि आरोपी उमेश चंद शर्मा की ओर से हाजिरी माफी दी गई। अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी। विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने सुनवाई की।

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यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।

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