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रामपुर तिराहा कांड : मिलाप सिंह की पत्रावली पर हुई बहस
Thu, 14 Dec 2023 12:45 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
Updated Thu, 14 Dec 2023 12:45 AM IST
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मुजफ्फरनगर। रामपुर तिराहा कांड में बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने अदालत में बहस की। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अगली सुनवाई के लिए 15 दिसंबर की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को सीबीआई बनाम मिलाप सिंह के मुकदमे में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा और राज सिंह पंवार ने तर्क प्रस्तुत किए। लेकिन बहस पूरी नहीं होने के कारण अगली सुनवाई की तिथि नियत कई गई। अदालत मिलाप सिंह सहित दोनों आरोपी मौजूद रहे। सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह उपस्थित रहे।
यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार को सीबीआई बनाम मिलाप सिंह के मुकदमे में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सुरेंद्र शर्मा और राज सिंह पंवार ने तर्क प्रस्तुत किए। लेकिन बहस पूरी नहीं होने के कारण अगली सुनवाई की तिथि नियत कई गई। अदालत मिलाप सिंह सहित दोनों आरोपी मौजूद रहे। सीबीआई के अधिवक्ता धारा सिंह उपस्थित रहे।
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यह था मामला
एक अक्तूबर 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।
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