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Muzaffarnagar News: राममय शुकतीर्थ, बापू बोले...प्रगति के लिए पहुंचना होगा रामराज्य
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शुकतीर्थ में कथा सुनाते मोरारी बापू
मोरना (मुजफ्फरनगर)। मानस मर्मज्ञ मोरारी बापू के व्यास पीठ से आराध्य राम को शब्द देते ही मानस शुकतीर्थ में श्रद्धालु राममय हो गए। उन्होंने कहा कि प्रगति करनी है तो रामराज्य पहुंचना होगा। परमात्मा की व्याख्या करते हुए कहा कि वह पुरुष संत होगा, जिसमें साधु निष्ठा हो और उसका दर्शन हो जाए। साधु शरणागति प्रत्यक्ष रूप से नहीं कर सकते, जिसे साधु का दर्शन हो वह बड़भागी है।
युगांडा में बसे चेतन भाई के दिवंगत पुत्र रितेश की स्मृति में श्री शुकदेव आश्रम में प्रारंभ हुई राम कथा के पहले दिन बापू ने देशभर से आए श्रद्धालुओं को भक्ति की प्रेरक माला में पिरोया। उन्होंने कहा कि परमात्मा का दर्शन कठिन और साधु का दर्शन सरल है।
वेद का अर्थ ढूंढ़ने वालों के लिए दूसरा शास्त्र चाहिए। श्रद्धा मातृ स्वरूप है। अंतःकरण शुद्धता के लिए कथा सुनें। हम सनातनी परंपरा की संतान हैं। हमें अपना विवेक नहीं गंवाना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाएं। प्रकाश में जीवन का संकल्प रखें।
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हमारे दृष्टिकोण विशाल होने चाहिए। हमारी श्रद्धा खंडित ना हो मां दुर्गा की पूजा करें व रुद्राभिषेक करें। मानस मर्मज्ञ ने कहा कि गुरु के चरण कमल वंदना करते समय आंखें गुरु के प्रति नम हो जाए, ऐसा व्यक्ति किसी की निंदा नहीं करता। कर्म से ही महानता आती है। कभी-कभी जन्म की महानता होती है। साधु चरित्र की वंदना करें। साधु का अपमान राष्ट्र को जला देता है। किसी की भी निंदा नहीं होनी चाहिए।
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सुबह 10 बजे से शुरू होगी कथा
शुकतीर्थ राम कथा समिति के मुताबिक भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में तीन से 10 मई तक प्रतिदिन कथा समय सुबह 10 बजे डेढ़ बजे तक रहेगा।
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मोरारी बापू ने नाम दिया मानस शुकतीर्थ
मोरना। भागवत धरा के अध्यात्म में डूबे मोरारी बापू ने श्री शुकदेव आश्रम में बनाए भव्य पंडाल को मानस शुकतीर्थ राम कथा का नामकरण दिया। बापू बोले, यह कथा ऐतिहासिक है। शुकतीर्थ धाम में विकास के नए विस्तार से मन प्रफुल्लित हो रहा है, यह सब परम संत स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के तप, त्याग और साधना का फल है। शुकतीर्थ शुक पक्षियों का तीर्थ है और शुकदेव जी अमर हैं, शुकदेव जी परम साधु थे। मोक्ष की धरती पर पुण्य कर्म ही लाते हैं।
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राम चरितमानस आध्यात्मिक साहित्य का मुकुट : स्वामी ओमानंद
पीठाधीश्वर ने व्यास पीठ का पूजन कर बापू को किया सम्मानित
(फोटो समाचार)
मोरना। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने व्यासपीठ का पूजन कर मोरारी बापू को शाल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। बापू को महामुनि श्री शुकदेव जी का चित्र भेंट किया। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि आत्मकल्याण के लिए जितने भी साधन हैं, उनमें राम कथा सर्वोत्तम, सरल, सुविधाजनक एवं सबसे ज्यादा फलदायी है, जो सत्य और मर्यादा का आचरण करना सिखाती है।
राम चरितमानस विश्व के आध्यात्मिक साहित्य का मुकुट है। आध्यात्मिक साहित्य की अमर रचना है, जिसकी प्रत्येक चौपाई प्रेरक है। दीप प्रज्ज्वलन संयुक्त रूप से पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज, हनुमतधाम से महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज, दंडी आश्रम से जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। श्री शुकदेव आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त देव, कथा व्यास अंचल कृष्ण शास्त्री एवं सुमन कृष्ण शास्त्री, ठाकुर प्रसाद और दीपक मिश्रा मौजूद रहे।
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पीठाधीश्वर ने कथा यज्ञमान को किया सम्मानित
मोरना। युगांडा से पधारे कथा यज्ञमान चेतन भाई ने सपत्निक व्यास पीठ पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने यज्ञमान को शॉल भेंट कर आशीर्वाद दिया। मंच पर पधारे संतों को चेतन ने शॉल और दक्षिणा दी। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के बटुकों ने स्वस्तिवाचन किया। प्रधानाचार्य जीसी उप्रेती, हरिद्वार से कथावाचक आए हनुमान दास, मनोहर लाल शर्मा, आचार्य युवराज आदि उपस्थित रहे।
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कथा पंडाल पर फहराया तिरंगा
शुकतीर्थ। स्वामी कल्याणदेव हेलीपैड क्षेत्र में बनाए गए भव्य एसी पांडाल की चोटी पर तिरंगा फहरा कर देशभक्ति का संदेश दिया। राम कथा समिति के प्रदीप जिंदल, अरविंद पिंकी, जेके गर्ग, सर्वेश अग्रवाल, रूपेश व्यास, सत्य प्रकाश रेशू मौजूद रहे।
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संतों ने किया शंखनाद
मोरना। राम कथा के पहले दिन बापू ने वाणी को विराम दिया तो साधु-महात्माओं ने शंखनाद किया। प्रवासी भारतीय चेतन भाई और स्वजनों ने व्यास पीठ की आरती की और श्रद्धालु महिलाओं ने मंच के आगे लगाए गए स्थायी घण्टे को बजाया। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों और ब्राह्मणों को दक्षिणा दी। उधर, कथा श्रवण को बापू के अनुयायी लगातार शुकतीर्थ पहुंच रहे है।
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युगांडा में बसे चेतन भाई के दिवंगत पुत्र रितेश की स्मृति में श्री शुकदेव आश्रम में प्रारंभ हुई राम कथा के पहले दिन बापू ने देशभर से आए श्रद्धालुओं को भक्ति की प्रेरक माला में पिरोया। उन्होंने कहा कि परमात्मा का दर्शन कठिन और साधु का दर्शन सरल है।
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वेद का अर्थ ढूंढ़ने वालों के लिए दूसरा शास्त्र चाहिए। श्रद्धा मातृ स्वरूप है। अंतःकरण शुद्धता के लिए कथा सुनें। हम सनातनी परंपरा की संतान हैं। हमें अपना विवेक नहीं गंवाना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाएं। प्रकाश में जीवन का संकल्प रखें।
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हमारे दृष्टिकोण विशाल होने चाहिए। हमारी श्रद्धा खंडित ना हो मां दुर्गा की पूजा करें व रुद्राभिषेक करें। मानस मर्मज्ञ ने कहा कि गुरु के चरण कमल वंदना करते समय आंखें गुरु के प्रति नम हो जाए, ऐसा व्यक्ति किसी की निंदा नहीं करता। कर्म से ही महानता आती है। कभी-कभी जन्म की महानता होती है। साधु चरित्र की वंदना करें। साधु का अपमान राष्ट्र को जला देता है। किसी की भी निंदा नहीं होनी चाहिए।
सुबह 10 बजे से शुरू होगी कथा
शुकतीर्थ राम कथा समिति के मुताबिक भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में तीन से 10 मई तक प्रतिदिन कथा समय सुबह 10 बजे डेढ़ बजे तक रहेगा।
मोरारी बापू ने नाम दिया मानस शुकतीर्थ
मोरना। भागवत धरा के अध्यात्म में डूबे मोरारी बापू ने श्री शुकदेव आश्रम में बनाए भव्य पंडाल को मानस शुकतीर्थ राम कथा का नामकरण दिया। बापू बोले, यह कथा ऐतिहासिक है। शुकतीर्थ धाम में विकास के नए विस्तार से मन प्रफुल्लित हो रहा है, यह सब परम संत स्वामी कल्याणदेव जी महाराज के तप, त्याग और साधना का फल है। शुकतीर्थ शुक पक्षियों का तीर्थ है और शुकदेव जी अमर हैं, शुकदेव जी परम साधु थे। मोक्ष की धरती पर पुण्य कर्म ही लाते हैं।
राम चरितमानस आध्यात्मिक साहित्य का मुकुट : स्वामी ओमानंद
पीठाधीश्वर ने व्यास पीठ का पूजन कर बापू को किया सम्मानित
(फोटो समाचार)
मोरना। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज ने व्यासपीठ का पूजन कर मोरारी बापू को शाल एवं माला पहनाकर सम्मानित किया। बापू को महामुनि श्री शुकदेव जी का चित्र भेंट किया। स्वामी ओमानंद महाराज ने कहा कि आत्मकल्याण के लिए जितने भी साधन हैं, उनमें राम कथा सर्वोत्तम, सरल, सुविधाजनक एवं सबसे ज्यादा फलदायी है, जो सत्य और मर्यादा का आचरण करना सिखाती है।
राम चरितमानस विश्व के आध्यात्मिक साहित्य का मुकुट है। आध्यात्मिक साहित्य की अमर रचना है, जिसकी प्रत्येक चौपाई प्रेरक है। दीप प्रज्ज्वलन संयुक्त रूप से पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद महाराज, हनुमतधाम से महामंडलेश्वर स्वामी केशवानंद महाराज, दंडी आश्रम से जनार्दन स्वरूप ब्रह्मचारी ने किया। श्री शुकदेव आश्रम के ट्रस्टी ओमदत्त देव, कथा व्यास अंचल कृष्ण शास्त्री एवं सुमन कृष्ण शास्त्री, ठाकुर प्रसाद और दीपक मिश्रा मौजूद रहे।
पीठाधीश्वर ने कथा यज्ञमान को किया सम्मानित
मोरना। युगांडा से पधारे कथा यज्ञमान चेतन भाई ने सपत्निक व्यास पीठ पर पुष्प अर्पित कर पूजा की। पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने यज्ञमान को शॉल भेंट कर आशीर्वाद दिया। मंच पर पधारे संतों को चेतन ने शॉल और दक्षिणा दी। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के बटुकों ने स्वस्तिवाचन किया। प्रधानाचार्य जीसी उप्रेती, हरिद्वार से कथावाचक आए हनुमान दास, मनोहर लाल शर्मा, आचार्य युवराज आदि उपस्थित रहे।
कथा पंडाल पर फहराया तिरंगा
शुकतीर्थ। स्वामी कल्याणदेव हेलीपैड क्षेत्र में बनाए गए भव्य एसी पांडाल की चोटी पर तिरंगा फहरा कर देशभक्ति का संदेश दिया। राम कथा समिति के प्रदीप जिंदल, अरविंद पिंकी, जेके गर्ग, सर्वेश अग्रवाल, रूपेश व्यास, सत्य प्रकाश रेशू मौजूद रहे।
संतों ने किया शंखनाद
मोरना। राम कथा के पहले दिन बापू ने वाणी को विराम दिया तो साधु-महात्माओं ने शंखनाद किया। प्रवासी भारतीय चेतन भाई और स्वजनों ने व्यास पीठ की आरती की और श्रद्धालु महिलाओं ने मंच के आगे लगाए गए स्थायी घण्टे को बजाया। श्री शुकदेव संस्कृत विद्यालय के विद्यार्थियों और ब्राह्मणों को दक्षिणा दी। उधर, कथा श्रवण को बापू के अनुयायी लगातार शुकतीर्थ पहुंच रहे है।

शुकतीर्थ में कथा सुनाते मोरारी बापू

शुकतीर्थ में कथा सुनाते मोरारी बापू

शुकतीर्थ में कथा सुनाते मोरारी बापू