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17 साल की उम्र में भी चार साल का दिखता है राकेश
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
Updated Mon, 26 Feb 2018 12:12 AM IST
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खतौली में अपने मामा के यहां रह रहा राकेश।
- फोटो : अमर उजाला
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17 साल की उम्र में भी राकेश चार साल का बच्चा दिखाई पड़ता है। उसकी कम लंबाई को देखकर लोग अचरज में पड़ जाते हैं। हीमोग्लोबिन की कमी से उसकी लंबाई आज तक नहीं बढ़ सकी। उसका शारीरिक रूप से भी विकास नहीं हो सका है। वह लंबाई नहीं बढ़ने का दंश झेल रहा है। शारीरिक विकास नहीं होने की वजह से बिहार में कक्षा आठ के बाद स्कूलों ने उसे अपने यहां प्रवेश तक देने से इंकार कर दिया था।
बिहार प्रांत के जिला मोतीहारी क्षेत्र के गांव महारानी निवासी राकेश कुमार (17) पुत्र रामकिशोर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से प्रारंभ की थी। गांव के स्कूल में वह कक्षा आठ तक पढ़ा। इसके बाद उसकी लंबाई नहीं बढ़ने पर स्कूल वालों ने उसे अपने यहां दाखिला देने से इंकार कर दिया था।
राकेश के मामा बिहार निवासी गणेश खतौली में पिछले आठ साल से अपना व्यवसाय करता है। वह अपने परिवार का परवरिश आलू का पराठा बेचकर करता है। दो साल पूर्व गणेश अपने भांजे राकेश को शिक्षा दिलाने के लिए मोतीहारी से खतौली ले आया था। उसके मामा ने नगर के शिशु शिक्षा निकेतन स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश दिलाया।
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इस वर्ष राकेश ने इसी स्कूल से हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा दी है। वह फिलहाल 17 साल का है इसके बावजूद वह आज भी चार साल का बच्चा ही दिखाई देता है। चिकित्सक राकेश की लंबाई नहीं बढ़ने की वजह शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होना बताते हैं। उसके शारीरिक विकास के लिए अन्य कारण भी हो सकते हैं।
इलाज कराने पर भी नहीं बढ़ी लंबाई
मामा गणेश बताते हैं कि भांजे राकेश की लंबाई बढ़ाने के लिए उन्होंने खतौली में कई चिकित्सकों के यहां इलाज कराया। यहां तक कि होम्योपैथिक दवाई भी खिलाई। इसके बावजूद भांजे की लंबाई नहीं बढ़ सकी। चिकित्सक शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी बताते हैं। दवाईयों से भी हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ सका है।
लंबाई न बढ़ने का दुख
राकेश को लंबाई नहीं बढ़ने का बेहद दुख है। उसका कहना है वह शिक्षित होकर ऑफिसर बनना चाहता है, लेकिन ऑफिसर बनने की राह में लंबाई ही रोड़ा बन सकती है। उसकी लंबाई देखकर लोग जब हंसते हैं तो उसको दुख पहुंचता है। उसकी लंबाई बेशक नहीं बढ़ी हो, लेकिन वह अपने मामा के कामकाज में हाथ जरूर बंटाता है।
हीमोग्लोबिन की कितनी हो मात्रा
डॉक्टर शाह आलम ने बताया कि पुरुष के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 13.5 से 17.5 ग्राम होनी चाहिए। शरीर में लोहे की कमी होना भी सेहत के लिए हानिकारक है। माता-पिता को अपने बच्चों को बचपन से ही टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। टीकाकरण से बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर हो सकती है।
बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ने का कारण हीमोग्लोबिन की कमी के अलावा पोषक तत्वों की कमी, जलवायु का प्रभाव, अनुवांशिक, डीएनए में कमी की वजह से ग्रोथ रुक जाता है। इसके अलावा अन्य बहुत से कारण भी हो सकते हैं। इसके अलावा समय पर चिकित्सकों से उपचार न कराना भी बच्चों की लंबाई न बढ़ने का मुख्य कारण है - डा. राजीव निगम, सीएमएस।
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बिहार प्रांत के जिला मोतीहारी क्षेत्र के गांव महारानी निवासी राकेश कुमार (17) पुत्र रामकिशोर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के स्कूल से प्रारंभ की थी। गांव के स्कूल में वह कक्षा आठ तक पढ़ा। इसके बाद उसकी लंबाई नहीं बढ़ने पर स्कूल वालों ने उसे अपने यहां दाखिला देने से इंकार कर दिया था।
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राकेश के मामा बिहार निवासी गणेश खतौली में पिछले आठ साल से अपना व्यवसाय करता है। वह अपने परिवार का परवरिश आलू का पराठा बेचकर करता है। दो साल पूर्व गणेश अपने भांजे राकेश को शिक्षा दिलाने के लिए मोतीहारी से खतौली ले आया था। उसके मामा ने नगर के शिशु शिक्षा निकेतन स्कूल में कक्षा नौ में प्रवेश दिलाया।
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इस वर्ष राकेश ने इसी स्कूल से हाईस्कूल बोर्ड की परीक्षा दी है। वह फिलहाल 17 साल का है इसके बावजूद वह आज भी चार साल का बच्चा ही दिखाई देता है। चिकित्सक राकेश की लंबाई नहीं बढ़ने की वजह शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होना बताते हैं। उसके शारीरिक विकास के लिए अन्य कारण भी हो सकते हैं।
इलाज कराने पर भी नहीं बढ़ी लंबाई
मामा गणेश बताते हैं कि भांजे राकेश की लंबाई बढ़ाने के लिए उन्होंने खतौली में कई चिकित्सकों के यहां इलाज कराया। यहां तक कि होम्योपैथिक दवाई भी खिलाई। इसके बावजूद भांजे की लंबाई नहीं बढ़ सकी। चिकित्सक शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी बताते हैं। दवाईयों से भी हीमोग्लोबिन नहीं बढ़ सका है।
लंबाई न बढ़ने का दुख
राकेश को लंबाई नहीं बढ़ने का बेहद दुख है। उसका कहना है वह शिक्षित होकर ऑफिसर बनना चाहता है, लेकिन ऑफिसर बनने की राह में लंबाई ही रोड़ा बन सकती है। उसकी लंबाई देखकर लोग जब हंसते हैं तो उसको दुख पहुंचता है। उसकी लंबाई बेशक नहीं बढ़ी हो, लेकिन वह अपने मामा के कामकाज में हाथ जरूर बंटाता है।
हीमोग्लोबिन की कितनी हो मात्रा
डॉक्टर शाह आलम ने बताया कि पुरुष के शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा 13.5 से 17.5 ग्राम होनी चाहिए। शरीर में लोहे की कमी होना भी सेहत के लिए हानिकारक है। माता-पिता को अपने बच्चों को बचपन से ही टीकाकरण अवश्य कराना चाहिए। टीकाकरण से बच्चों में हीमोग्लोबिन की कमी दूर हो सकती है।
बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ने का कारण हीमोग्लोबिन की कमी के अलावा पोषक तत्वों की कमी, जलवायु का प्रभाव, अनुवांशिक, डीएनए में कमी की वजह से ग्रोथ रुक जाता है। इसके अलावा अन्य बहुत से कारण भी हो सकते हैं। इसके अलावा समय पर चिकित्सकों से उपचार न कराना भी बच्चों की लंबाई न बढ़ने का मुख्य कारण है - डा. राजीव निगम, सीएमएस।