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राजेंद्र राजन को सृजन मनीषी सम्मान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jan 2017 12:03 AM IST
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वेदपाठी भवन में आचार्य सीताराम चतुर्वेदी के जन्म दिवस पर गीतकार राजेंद्र राजन को सम्मानित करते प्रियशील चतुर्वेदी।
- फोटो : अमर उजाला
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मुजफ्फरनगर। हिंदी साहित्य को 200 से अधिक ग्रंथ रत्नों से समृद्ध करने वाले आचार्य सीताराम चतुर्वेदी के जन्मदिवस पर गीतकार राजेंद्र राजन को सृजन मनीषी सम्मान से अलंकृत किया गया। प्रियशील चतुर्वेदी ने उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया।
वेदपाठी भवन में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ प्रदीप जैन ने कहा कि यह हमारे जनपद का सौभाग्य है कि पंडित मदन मोहन मालवीय के सहयोगी रहे सीताराम चतुर्वेदी अंतिम समय में यहां रहे। चतुर्वेदी जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बिनानी कॉलेज कलकत्ता, भारतीय विद्या मंदिर मुंबई और बलिया के दोनों कॉलेजों में प्रोफेसर के रूप में शिक्षा दी। उन्होंने प्राचार्य के रूप में भी कार्य किया। आचार्य जी के 112वें जन्मदिवस पर देश के जाने-माने गीतकार राजेंद्र राजन को सृजन मनीषी सम्मान से अलंकृत किया गया। अखिल भारतीय विक्रम परिषद की ओर से प्रियशील चतुर्वेदी ने राजेंद्र राजन को सम्मानित किया।
संचालन कीर्ति भूषण अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन भी हुआ जिसमें नेमपाल प्रजापति, ओंकार गुलशन, शिवकुमार शुक, संतोष शर्मा ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में मूलचंद, डॉ गिरीश मोहन, सुरेद्र अग्रवाल, विश्वरतन, ज्योतिषाचार्य विष्णु शर्मा, अलका जैन, सुनील जैन, दीपक कुमार, नरेंद्र बॉस, सुशील बंटी, संजय सक्सेना, गुड्डू, सुनील बंसल, कल्पना जैन आदि का सहयोग रहा।
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वेदपाठी भवन में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ प्रदीप जैन ने कहा कि यह हमारे जनपद का सौभाग्य है कि पंडित मदन मोहन मालवीय के सहयोगी रहे सीताराम चतुर्वेदी अंतिम समय में यहां रहे। चतुर्वेदी जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, बिनानी कॉलेज कलकत्ता, भारतीय विद्या मंदिर मुंबई और बलिया के दोनों कॉलेजों में प्रोफेसर के रूप में शिक्षा दी। उन्होंने प्राचार्य के रूप में भी कार्य किया। आचार्य जी के 112वें जन्मदिवस पर देश के जाने-माने गीतकार राजेंद्र राजन को सृजन मनीषी सम्मान से अलंकृत किया गया। अखिल भारतीय विक्रम परिषद की ओर से प्रियशील चतुर्वेदी ने राजेंद्र राजन को सम्मानित किया।
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संचालन कीर्ति भूषण अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कवि सम्मेलन भी हुआ जिसमें नेमपाल प्रजापति, ओंकार गुलशन, शिवकुमार शुक, संतोष शर्मा ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम में मूलचंद, डॉ गिरीश मोहन, सुरेद्र अग्रवाल, विश्वरतन, ज्योतिषाचार्य विष्णु शर्मा, अलका जैन, सुनील जैन, दीपक कुमार, नरेंद्र बॉस, सुशील बंटी, संजय सक्सेना, गुड्डू, सुनील बंसल, कल्पना जैन आदि का सहयोग रहा।
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