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बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत
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बुढ़ाना में गन्ने की दुर्गती दिखाता कोल्हू मालिक।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
बारिश ने बढ़ाई किसानों की मुसीबत
बुढ़ाना। बेमौसम बारिश ने इस वर्ष किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। गन्ने की फसल की दुर्गति हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण गन्ने की अगेती फसल जमीन से नहीं निकल पा रही। ओलावृष्टि के कारण सरसों की अगेती फसल को 90 प्रतिशत नष्ट कर दिया है। गेहूं की अगेती फसल भी जमीन पर लेट गई है। बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। इस वर्ष बारिश के कारण किसान की 20-30 प्रतिशत पेड़ी खेत में खड़ी है।
- गन्ने की अधिक पैदावार बढ़ाना भी किसान के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ है। गन्ने की 0238 प्रजाति में रिकवरी व पैदावार बहुत है। गन्नेे की बढ़ी पैदावार खर्च की पूर्ति नहीं कर पाती। इस प्रजाति में चीनी की रिकवरी अधिक होने से भी बाजार में चीनी के दाम नहीं बढ़े। रामनिवास सहरावत, सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी।
- सरकार की नीतियों के कारण किसान को गन्ने का दाम सही नहीं मिला। बारिश के कारण गन्नेे की फसल में रोग लग गई है। फसलों के बर्बाद होने से किसान कर्ज में डूब जाएगा। - चौ. मुकेश मलिक, फुगाना।
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बारिश ने गन्ने के साथ-साथ किसानों की अगेती सरसों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। गेहूं की अगेती फसल बारिश के कहर से जमीन पर लेट गई है। गेहूं की अगेती फसल में किसान को 20-30 प्रतिशत का नुकसान होगा। चौ. अतहर हसन, ग्राम प्रधान, उमरपुर।
अब बेमौसम बारिश ने किसानों की सभी फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसान के लिए खेती घाटे का सौदा साबित होने लगी है। सरकार व बारिश की मार को किसान नहीं झेल पाएगा। - चौ. हाजी जमशेद, ग्राम प्रधान के पति जौला।
कोल्हू मालिक भी हुए बर्बाद
बुढ़ाना। इस बार कोल्हू मालिक भी बर्बाद हो गए हैं। गठवाला खाप के गांव खरड़ व सरनावली के अलावा गांव भौराकलां, सावटू, नंगला व इटावा गांव में सैकड़ों की संख्या में कोल्हू का संचालन होता है। कोल्हू मालिक ठेकेदार कासिम, रामपाल, महेंद्र, जयपाल, नीरज, मदन व नूरदीन आदि ने बताया कि बरसात के कारण उनकी कोल्हू नहीं चल रहे हैं। एक कोल्हू में 15-20 परिवारों का घर चलता है। बरसात के कारण रोजी रोटी के भी लाले पड़े है।
किसानों को सरकार का नहीं मिल रहा सहयोग
बुढ़ाना। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान एवं भाकियू नेता संजीव पंवार वैल्ली, अनुज बालियान गढ़ीनौआबाद, चौधरी थाम सिंह फुगाना, चौ. रामनिवास सहरावत गढ़ीसखावतपुर आदि का कहना है कि भाजपा की योगी सरकार द्वारा किसान के हित में कि गई घोषणाएं खोखली साबित हो रही है।
किसान का गन्ना खेत में नही रहने दिया जाएगा
इस वर्ष गन्ने की बुवाई व पैदावार गत वर्ष के मुकाबले अधिक है। खेत में खडेे़ हुए गन्ने का पुन: सर्वे करवाकर गन्ने की पर्चिया जारी की जाएगी। किसान का एक-एक गन्ना खरीदा जाएगा। - बी के राय, सचिव गन्ना समिति बुढ़ाना।
बारिश के कारण रिकवरी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। बारिश से चीनी मिल व किसान दोनों को नुकसान है। - राज सिंह चौधरी, उपाध्यक्ष- बजाज चीनी मिल भैंसाना।
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बुढ़ाना। बेमौसम बारिश ने इस वर्ष किसानों की मुसीबतें बढ़ा दी है। गन्ने की फसल की दुर्गति हो गई है। लगातार हो रही बारिश के कारण गन्ने की अगेती फसल जमीन से नहीं निकल पा रही। ओलावृष्टि के कारण सरसों की अगेती फसल को 90 प्रतिशत नष्ट कर दिया है। गेहूं की अगेती फसल भी जमीन पर लेट गई है। बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई है। इस वर्ष बारिश के कारण किसान की 20-30 प्रतिशत पेड़ी खेत में खड़ी है।
- गन्ने की अधिक पैदावार बढ़ाना भी किसान के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ है। गन्ने की 0238 प्रजाति में रिकवरी व पैदावार बहुत है। गन्नेे की बढ़ी पैदावार खर्च की पूर्ति नहीं कर पाती। इस प्रजाति में चीनी की रिकवरी अधिक होने से भी बाजार में चीनी के दाम नहीं बढ़े। रामनिवास सहरावत, सेवानिवृत्त अपर जिला कृषि अधिकारी।
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- सरकार की नीतियों के कारण किसान को गन्ने का दाम सही नहीं मिला। बारिश के कारण गन्नेे की फसल में रोग लग गई है। फसलों के बर्बाद होने से किसान कर्ज में डूब जाएगा। - चौ. मुकेश मलिक, फुगाना।
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बारिश ने गन्ने के साथ-साथ किसानों की अगेती सरसों की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। गेहूं की अगेती फसल बारिश के कहर से जमीन पर लेट गई है। गेहूं की अगेती फसल में किसान को 20-30 प्रतिशत का नुकसान होगा। चौ. अतहर हसन, ग्राम प्रधान, उमरपुर।
अब बेमौसम बारिश ने किसानों की सभी फसलों को बर्बाद कर दिया है। किसान के लिए खेती घाटे का सौदा साबित होने लगी है। सरकार व बारिश की मार को किसान नहीं झेल पाएगा। - चौ. हाजी जमशेद, ग्राम प्रधान के पति जौला।
कोल्हू मालिक भी हुए बर्बाद
बुढ़ाना। इस बार कोल्हू मालिक भी बर्बाद हो गए हैं। गठवाला खाप के गांव खरड़ व सरनावली के अलावा गांव भौराकलां, सावटू, नंगला व इटावा गांव में सैकड़ों की संख्या में कोल्हू का संचालन होता है। कोल्हू मालिक ठेकेदार कासिम, रामपाल, महेंद्र, जयपाल, नीरज, मदन व नूरदीन आदि ने बताया कि बरसात के कारण उनकी कोल्हू नहीं चल रहे हैं। एक कोल्हू में 15-20 परिवारों का घर चलता है। बरसात के कारण रोजी रोटी के भी लाले पड़े है।
किसानों को सरकार का नहीं मिल रहा सहयोग
बुढ़ाना। क्षेत्र के प्रगतिशील किसान एवं भाकियू नेता संजीव पंवार वैल्ली, अनुज बालियान गढ़ीनौआबाद, चौधरी थाम सिंह फुगाना, चौ. रामनिवास सहरावत गढ़ीसखावतपुर आदि का कहना है कि भाजपा की योगी सरकार द्वारा किसान के हित में कि गई घोषणाएं खोखली साबित हो रही है।
किसान का गन्ना खेत में नही रहने दिया जाएगा
इस वर्ष गन्ने की बुवाई व पैदावार गत वर्ष के मुकाबले अधिक है। खेत में खडेे़ हुए गन्ने का पुन: सर्वे करवाकर गन्ने की पर्चिया जारी की जाएगी। किसान का एक-एक गन्ना खरीदा जाएगा। - बी के राय, सचिव गन्ना समिति बुढ़ाना।
बारिश के कारण रिकवरी पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। बारिश से चीनी मिल व किसान दोनों को नुकसान है। - राज सिंह चौधरी, उपाध्यक्ष- बजाज चीनी मिल भैंसाना।