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भव्य रूप में बनकर तैयार हुआ रेलवे स्टेशन
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मुजफ्फरनगर। रेलवे स्टेशन भव्य और मन को आकर्षित करने वाले रूप में बनकर तैयार हो गया है। नई इमारत आम आदमी को सीधे प्रभावित करती दिखाई दे रही है। रेलवे स्टेशन को यह भव्य रूप 15 करोड़ में मिलने जा रहा है। इसी माह के अंत में भव्य समारोह में स्टेशन का लोकार्पण होगा।
मुजफ्फरनगर का रेलवे स्टेशन लगभग 100 साल पुराना था और एक बड़ा हिस्सा जीर्ण-शीर्ण स्थिति में था। स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने तत्कालीन रेल मंत्री मनोज सिन्हा के सामने रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। 2018 में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया और आठ करोड़ में टेंडर छोड़े जाने के बाद शिलान्यास भी मनोज सिन्हा ने ही किया। चार साल से लगातार काम चलने के बाद अब बिल्डिंग भव्य रूप में सामने आई है। स्टेशन की इमारत किशनगढ रेलवे स्टेशन के जैसी बनाई गई है। राजस्थान के पत्थरों से ईमारत को भव्य रूप मिला है। चार साल से लगातार काम चलने के बाद इसकी लागत भी बढ़ती गई। आठ करोड़ के बाद 12 करोड़ हुई, फिर 14 करोड़ तक पहुंच गई, अब यह 15 करोड़ पर पहुंच रही है। इस समय निर्माण का सभी कार्य हो गया है, केवल कुछ जगह पर नीचे पत्थर लगना बाकी रह गया है। इसी माह के अंत तक इसका लोकार्पण हो जाएगा।
इसी माह होगा लोकार्पण
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने बताया कि चार साल में ईमारत बनकर तैयार हुई है। खर्च भी आठ से 15 करोड़ पहुंच गया है। मुझे इस बात की खुशी है कि निर्माण कार्य शुरू भी मेरे कार्यकाल में हुआ और लोकार्पण भी मेरे कार्यकाल में हो रहा है। इसी माह के अंत में लोकार्पण होगा।
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मुजफ्फरनगर का रेलवे स्टेशन लगभग 100 साल पुराना था और एक बड़ा हिस्सा जीर्ण-शीर्ण स्थिति में था। स्थानीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने तत्कालीन रेल मंत्री मनोज सिन्हा के सामने रेलवे स्टेशन की नई बिल्डिंग बनाए जाने का प्रस्ताव रखा। 2018 में इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया गया और आठ करोड़ में टेंडर छोड़े जाने के बाद शिलान्यास भी मनोज सिन्हा ने ही किया। चार साल से लगातार काम चलने के बाद अब बिल्डिंग भव्य रूप में सामने आई है। स्टेशन की इमारत किशनगढ रेलवे स्टेशन के जैसी बनाई गई है। राजस्थान के पत्थरों से ईमारत को भव्य रूप मिला है। चार साल से लगातार काम चलने के बाद इसकी लागत भी बढ़ती गई। आठ करोड़ के बाद 12 करोड़ हुई, फिर 14 करोड़ तक पहुंच गई, अब यह 15 करोड़ पर पहुंच रही है। इस समय निर्माण का सभी कार्य हो गया है, केवल कुछ जगह पर नीचे पत्थर लगना बाकी रह गया है। इसी माह के अंत तक इसका लोकार्पण हो जाएगा।
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इसी माह होगा लोकार्पण
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ संजीव बालियान ने बताया कि चार साल में ईमारत बनकर तैयार हुई है। खर्च भी आठ से 15 करोड़ पहुंच गया है। मुझे इस बात की खुशी है कि निर्माण कार्य शुरू भी मेरे कार्यकाल में हुआ और लोकार्पण भी मेरे कार्यकाल में हो रहा है। इसी माह के अंत में लोकार्पण होगा।
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