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पुरकाजी विधानसभा सीट : नजदीकी मुुकाबले मेें अनिल ने मारी बाजी
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मुजफ्फरनगर में मतगणना स्थल पर पहुंचे गठबंधन प्रत्याशी अनिल कुमार।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
मुजफ्फरनगर। पुरकाजी विधानसभा सीट पर सपा-रालोद गठबंधन के अनिल कुमार ने जीत हासिल कर इस सीट पर अपनी पकड़ साबित की है। पहले राउंड से लेकर अंत तक कड़ा संघर्ष चला। अनिल ने भाजपा के प्रमोद ऊटवाल को पराजित किया। अनिल 2007 और 2012 में विधायक रहे हैं।
विधानसभा सीट पुरकाजी पर रालोद प्रत्याशी अनिल कुमार एक बार फिर परचम लहरा दिया है। शुरू के राउंड से ही कड़े मुकाबले के बीच अनिल कुमार ने भाजपा के प्रमोद ऊटवाल को पराजित किया। 2017 के चुनाव में प्रमोद ऊटवाल इस सीट पर जीते थे, उस समय अनिल कुमार बसपा से लड़े थे और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2007 में अनिल कुमार चरथावल से चुनाव जीते थे। चरथावल सीट का एक बड़ा हिस्सा काटकर पुरकाजी सीट बनाई गई। पुरकाजी सुरक्षित पर पहली बार 2012 में चुनाव हुआ तो अनिल कुमार यहां बसपा के टिकट पर चुनाव जीते। अनिल कुमार इस क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बने हैं। पुरकाजी सीट पर शहर से सटा एक बड़ा हिस्सा भी आता है। इस सीट पर खास बात यह रही कि मुस्लिमों और जाट समाज का अधिकतम वोट सीधे रालोद प्रत्याशी के खाते में जाता दिखाई दिया। अति पिछड़ा वर्ग और सवर्ण मतदाताओं ने भाजपा पर विश्वास जताया। अनिल की जीत का आधार उन्हे मिले दलित वोट माने जा रहे हैं। अनिल कुमार का दावा है कि उन्हें लगभग आठ हजार दलित वोट मिला है।
प्रमोद ऊटवाल का सपना टूटा
पुरकाजी से चुनाव लड़ रहे प्रमोद ऊटवाल को लग रहा था कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो मंत्री बन सकते हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार आ रही है, लेकिन कड़े मुकाबले में चुनावी हारने उनका सपना तोड़ दिया।
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विधानसभा सीट पुरकाजी पर रालोद प्रत्याशी अनिल कुमार एक बार फिर परचम लहरा दिया है। शुरू के राउंड से ही कड़े मुकाबले के बीच अनिल कुमार ने भाजपा के प्रमोद ऊटवाल को पराजित किया। 2017 के चुनाव में प्रमोद ऊटवाल इस सीट पर जीते थे, उस समय अनिल कुमार बसपा से लड़े थे और वह तीसरे स्थान पर रहे थे। इससे पहले 2007 में अनिल कुमार चरथावल से चुनाव जीते थे। चरथावल सीट का एक बड़ा हिस्सा काटकर पुरकाजी सीट बनाई गई। पुरकाजी सुरक्षित पर पहली बार 2012 में चुनाव हुआ तो अनिल कुमार यहां बसपा के टिकट पर चुनाव जीते। अनिल कुमार इस क्षेत्र से तीसरी बार विधायक बने हैं। पुरकाजी सीट पर शहर से सटा एक बड़ा हिस्सा भी आता है। इस सीट पर खास बात यह रही कि मुस्लिमों और जाट समाज का अधिकतम वोट सीधे रालोद प्रत्याशी के खाते में जाता दिखाई दिया। अति पिछड़ा वर्ग और सवर्ण मतदाताओं ने भाजपा पर विश्वास जताया। अनिल की जीत का आधार उन्हे मिले दलित वोट माने जा रहे हैं। अनिल कुमार का दावा है कि उन्हें लगभग आठ हजार दलित वोट मिला है।
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प्रमोद ऊटवाल का सपना टूटा
पुरकाजी से चुनाव लड़ रहे प्रमोद ऊटवाल को लग रहा था कि यदि वह चुनाव जीतते हैं तो मंत्री बन सकते हैं। प्रदेश में भाजपा की सरकार आ रही है, लेकिन कड़े मुकाबले में चुनावी हारने उनका सपना तोड़ दिया।
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