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कोरोना को मात देकर ड्यूटी पर लौटे पीआरवी जवान
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कोरोना को मात देकर ड्यूटी पर लौटे पीआरवी जवान
मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना काल में अग्रिम मोर्चे पर रहकर कई कर्मी लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए कुछ कर्मचारी तो ऐसे भी हैं जो कोरोना का शिकार हुए, लेकिन बीमारी को मात देते ही फिर से ड्यूटी पर लौट आए। वहीं, दो फॉर्मासिस्ट ऐसे भी हैं जो घर-परिवार से सैकड़ों किमी दूर रहकर इस जंग को लड़ रहे हैं।
डायल-112 की भोपा क्षेत्र की पीआरवी-2232 पर पायलट के रूप में तैनात कांस्टेबल पंकज भाटी की पत्नी गर्भवती होने के बाद कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गई थी। इस पर पंकज भाटी छुट्टी लेकर घर पहुंचा, जहां पति के सहयोग के चलते उसकी पत्नी ने संक्रमण को मात देकर बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म लेने के बाद पंकज भाटी फिर से कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में ड्यूटी पर लौट आया। ड्यूटी पर लौटने के बाद पंकज भाटी ने चार दिन पूर्व एक कुएं में गिरे पहाड़े को भी बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी। इसी पीआरवी पर तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार भी कुछ दिन पूर्व कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया था, जिसे बेगराजपुर कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन तक भर्ती रहने के बाद कोराना को मात देकर सुनील फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट आया है। उधर, पीएचसी भोकरहेड़ी पर तैनात फॉर्मासिस्ट सतेंद्र दूबे और पीएचसी तेवड़ा पर तैनात फॉर्मासिस्ट नरेंद्र सिंह मूल रूप से जिला इटावा के रहने वाले हैं। दोनों कर्मचारी करीब ढाई माह से अपने घर नहीं गए हैं और घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर कोरोना के खिलाफ इस जंग में पूर्ण जज्बे से काम करते हुए लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं।
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मुजफ्फरनगर, भोपा। कोरोना काल में अग्रिम मोर्चे पर रहकर कई कर्मी लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके लिए कुछ कर्मचारी तो ऐसे भी हैं जो कोरोना का शिकार हुए, लेकिन बीमारी को मात देते ही फिर से ड्यूटी पर लौट आए। वहीं, दो फॉर्मासिस्ट ऐसे भी हैं जो घर-परिवार से सैकड़ों किमी दूर रहकर इस जंग को लड़ रहे हैं।
डायल-112 की भोपा क्षेत्र की पीआरवी-2232 पर पायलट के रूप में तैनात कांस्टेबल पंकज भाटी की पत्नी गर्भवती होने के बाद कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गई थी। इस पर पंकज भाटी छुट्टी लेकर घर पहुंचा, जहां पति के सहयोग के चलते उसकी पत्नी ने संक्रमण को मात देकर बेटी को जन्म दिया। बेटी के जन्म लेने के बाद पंकज भाटी फिर से कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में ड्यूटी पर लौट आया। ड्यूटी पर लौटने के बाद पंकज भाटी ने चार दिन पूर्व एक कुएं में गिरे पहाड़े को भी बाहर निकालकर उसकी जान बचाई थी। इसी पीआरवी पर तैनात कांस्टेबल सुनील कुमार भी कुछ दिन पूर्व कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गया था, जिसे बेगराजपुर कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कई दिन तक भर्ती रहने के बाद कोराना को मात देकर सुनील फिर से अपनी ड्यूटी पर लौट आया है। उधर, पीएचसी भोकरहेड़ी पर तैनात फॉर्मासिस्ट सतेंद्र दूबे और पीएचसी तेवड़ा पर तैनात फॉर्मासिस्ट नरेंद्र सिंह मूल रूप से जिला इटावा के रहने वाले हैं। दोनों कर्मचारी करीब ढाई माह से अपने घर नहीं गए हैं और घर-परिवार से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर कोरोना के खिलाफ इस जंग में पूर्ण जज्बे से काम करते हुए लोगों की जान बचाने में जुटे हुए हैं।
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