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Muzaffarnagar News: जीएसटी के फर्जी बिल काटने वालों की संपत्ति होगी कुर्क

Thu, 26 Sep 2024 05:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Sep 2024 05:48 AM IST
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Property of those who cut fake GST bills will be confiscated
मुजफ्परनगर/ खतौली। फर्जी कंपनी बनाकर बिलिंग करने वाले लोग जीएसटी अधिकारियों के निशाने पर आ गए हैं। डिप्टी कमिश्नर जीएसटी डीके गौतम तथा इंस्पेक्टर कामता ठाकुर ने खतौली जीएसटी कार्यालय पहुंच कर ऐसी फर्मों के बारे में जानकारी मांगी। खतौली क्षेत्र में राज्य कर की 2516 तथा केंद्रीय कर की 1429 फर्म रजिस्टर्ड हैं। इनमें करीब 50 फर्म संदिग्ध हैं। एसपी देहात आदित्य बंसल ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।
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फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करा कर 925 करोड़ रुपये के बिल काटने वाले गिरोह के सात सदस्यों को साइबर क्राइम, बुढ़ाना और रतनपुरी पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा है। इसके बाद जीएसटी अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। बुधवार को डिप्टी कमिश्नर डीके गौतम तथा इंस्पेक्टर कामता ठाकुर ने जीएसटी कार्यालय पहुंच कर ऐसी फर्मों के बारे में जानकारी मांगी। इसके साथ ही फर्जी फर्म रजिस्टर्ड करा कर बिलिंग करने वाले कई और लोग जीएसटी के निशाने पर हैं।
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जीएसटी अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि खतौली क्षेत्र में करीब 50 फर्म संदिग्ध हैं, जिनकी जांच पड़ताल की जा रही है। फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड करा कर बिलिंग करने वाले लोगों का डाटा खंगाला जा रहा है। खतौली क्षेत्र में राज्य कर की 2516 तथा केंद्रीय कर की 1429 फर्म रजिस्टर्ड हैं। पकड़े गए लोगों के माध्यम से कितने लोगों की फर्म के बिल काटे गए हैं तथा बिल से किन व्यक्तियों ने कारोबार किया है, इसकी भी जानकारी की जा रही है।
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फिलहाल तमाम डाटा पुलिस के पास है। पुलिस से डाटा मिलने पर जीएसटी विभाग बिलिंग करने वाले लोगों की कुंडली खंगालेगा। पकड़े गए गिरोह के सदस्यों ने जिन लोगों की फर्म के बिल काटे हैं, इनमें अधिकतर फर्म दिल्ली की हैं। दिल्ली की फर्माें से मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ आदि क्षेत्रों में बिलिंग किए जाने की जानकारी मिल रही है।
इस मामले में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने के निर्देश देकर डिप्टी कमिश्नर लौट गए। जीएसटी अधीक्षक केपी सिंह ने बताया कि फर्जी बिलिंग के मामले में बड़े स्तर पर जांच शुरू की गई है।
कुछ ही वर्षों में अर्जित की करोड़ों की संपत्ति
रतनपुरी। क्षेत्र के गांव भनवाडा निवासी तस्लीम एवं उसके भाई वहादत ने पिछले कुछ ही वर्षों में फर्जी जीएसटी तथा ई-वे बिल बनाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित की है। ग्रामीणों की माने तो तस्लीम ने पिछले कुछ सालों में ही गांव में एक तीन मंजिला मकान बनाया है। उसके दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद में भी आवासीय प्लाट व मकान हैं। कुछ साल पहले उसके पिता का दूध का काम था लेकिन पिछले कई सालों से उसके पिता ने यह काम बंद कर दिया है।
तस्लीम के तीन भाई शहादत, वहादत एवं मुजीब हैं। तस्लीम चार भाइयों में दूसरे नंबर का है। सभी भाई गांव में ही रहते हैं। तस्लीम के फर्जी जीएसटी बिलिंग के मामले में गिरफ्तार होने के बाद ग्रामीणों को तस्लीम की असलियत का पता चला। तस्लीम का भाई वहादत भी उसके साथ इस काम में शामिल था।

पुलिस को मिली एक दर्जन से अधिक व्यापारियों की जानकारी
एसपी देहात आदित्य बंसल ने बताया कि पुलिस को इस मामले में एक दर्जन से अधिक व्यापारियों के बारे में जानकारी मिली है, जो आरोपियों से जीएसटी चोरी करने के बिल खरीदते थे। गिरोह के सात सदस्य पकड़े गए है। इस गलत कार्य से अर्जित की गई अवैध संपत्ति के बारे में जानकारी जुटा कर उसे कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी। तस्लीम के फरार भाई व अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जीएसटी व आयकर विभाग टीम के साथ संपर्क किए जा रहे है।
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