फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Muzaffarnagar News ›   Principal Secretary Agriculture reached Fugana

छोटे गोवंश को लावारिस न छोड़ें, जैविक खेती पर जोर दें

Wed, 15 Jan 2020 12:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 12:54 AM IST
विज्ञापन
Principal Secretary Agriculture reached Fugana
बुढ़ाना में कस्बे की कान्हा गोशाला का निरीक्षण करते डीएम व प्रमुख सचिव। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
बुढ़ाना। जन चौपाल कार्यक्रम में गठवाला खाप के गांव फुगाना पहुंचे प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि किसान अपने छोटे-छोटे गोवंश को लावारिस न छोड़ें। उन्होंने किसानों से जैविक खेती करने पर जोर दिया। जन चौपाल कार्यक्रम में किसानों ने समस्याएं गिनवाते हुए समाधान की मांग की। डीएम ने किसानों की समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

गठवाला खाप के गांव फुगाना में जन चौपाल कार्यक्रम में पहुंचे प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने किसानों को संबोधित करते हुुए कहा कि कान्हा गोशाला बुढ़ाना में छोटे-छोटे गोवंश देखकर उन्हें अच्छा नही लगा। नर अथवा मादा छोटे गोवंश को छोड़ना बहुत गलत बात है। उन्होंने जैविक खेती करने पर जोर देते हुए कहा कि जैविक खेती से कम लागत पर अधिक पैदावार कर सकते हैं।
विज्ञापन

प्रमुख सचिव कृषि ने गांव के सरकारी स्कूलों की हालत जानी। स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बताया कि गांव में तीन स्कूल हैं। बच्चों की संख्या भी ठीक है। 80 प्रतिशत बच्चे रोजाना स्कूल आते है। उन्होंने गांव वालों से निजी स्कूल व सरकारी स्कूल में जाने वाले बच्चों की संख्या जानी। गांव वालों ने बताया कि प्राइवेट स्कूलों में बच्चे अधिक जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि मिड-डे- मील के कारण सरकारी स्कूल में बच्चे नहीं पढ़ पाते। मिड-डे-मील पर खर्च होने वाले पैसे बच्चों के खाते में भेजना उचित बताया।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रमुख सचिव ने फुगाना गांव के विकास कार्यों को देखते हुए ग्राम प्रधान जितेंद्र मलिक की पीठ थपथपाई और विकास कार्यों की सराहना की। इस मौके पर जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने किसानों व ग्रामीणों की समस्याओं का जवाब देते हुए कहा कि गन्ने का बकाया भुगतान मात्र 10 करोड़ रुपये बचा है, जिसे जल्दी दिलवाया जाएगा। उन्होंने गांव वालों से लावारिस गोवंश की समस्या के लिए निजी व सार्वजनिक गोशालाएं बनाने की अपील की। उन्होंने ग्रामीणों से सरकार की इस योजना का लाभ उठाने की बात कही। फुुगाना गांव के विकास कार्य देखकर जिलाधिकारी भी प्रभावित हुई।
किसानों ने समस्याएं गिनवाईं
बुढ़ाना। जन चौपाल कार्यक्रम में मंच से चौधरी मुकेश मलिक ने प्रमुख सचिव कृषि को बताया कि लावारिस पशु खेती बर्बाद कर रहे हैं। गन्ना आपूर्ति की समस्या गंभीर है। किसानों के गन्ने की समस्या के लिए अतिरिक्त सट्टे की व्यवस्था करवाई जाए। कॉरपरेटिव बैंक से फसली ऋण लेना बहुत महंगा हो गया है। उनका बैंक भी सरकारी बैंकों से अधिक पत्रावली की मांग करने लगा है। छोटा सा ऋण लेने के लिए किसानों को हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। कॉपरेटिव बैंक के वकील किसानों का उत्पीड़न कर रहे है। गांव में बिजली के जर्जर तार की समस्या गंभीर है। सेवानिवृत्त जिला वन अधिकारी ओमप्रकाश मलिक ने बताया कि उनके गांव की सीएचसी शामली जनपद से जुड़ी है। सीएचसी के जनपद मुजफ्फरनगर से ही जुड़वाया जाए। ग्रामीणों ने गांव के पानी की निकासी के लिए नाला बनवाने की मांग की और गन्ने की पत्ती को खेत में ही जलाने के लिए स्वीकृति देने की मांग उठाई।
तहसील में राजस्व अभिलेखागार का निरीक्षण किया
बुढ़ाना। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने तहसील का वार्षिक निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीएम कुमार भूपेन्द्र व तहसीलदार मनोज कुमार सिंह की मौजूदगी में राजस्व अभिलेखागार में अभिलेखों का निरीक्षण किया। उन्होंने किसान सम्मान निधि का रिकार्ड भी चेक किया। प्रमुख सचिव कृषि के तहसील मुख्यालय पहुंचने पर उन्हें सलामी दी गई। इसके बाद प्रमुख सचिव ने सीधे राजस्व अभिलेखागार में रिकार्ड के रखरखाव का निरीक्षण किया। दो गांवों के रिकार्ड का निरीक्षण करते हुए उन्होंने किसान सम्मान निधि की सूची देखी। उन्होने एसडीएम से तहसील के पात्र एवं अपात्र किसानों की जानकारी ली। उन्होंने बिना जमीन के राजस्व रिकार्ड में ग्रामीण का नाम कैसे पहुंचा, इसकी भी जानकारी ली। एसडीएम कुमार भूूपेन्द्र ने बताया कि यदि एक किसान की जमीन दो गांवों मेें है तो उसे किसान सम्मान निधि का एक ही लाभ मिलेगा।

गोशाला की व्यवस्था की प्रशंसा की
बुढ़ाना। तहसील का निरीक्षण करने के बाद प्रमुख सचिव कृषि कस्बे की कान्हा गोशाला पहुुंचे। इसी बीच डीएम सेल्वा कुमारी जे भी वहां पहुंच गई। प्रमुख सचिव व डीएम ने गोशाला में गोवंश को गुड़ खिलाया और चारे की व्यवस्था की जानकारी ली। गोशाला में पशुओं को मिलने वाला चारे व व्यवस्था देखकर उन्होंने चेयरपर्सन बाला त्यागी व ईओ ओमगिरी की प्रशंसा की। ईओ ने बताया कि गोशाला की क्षमता 150 पशुओं की है जबकि वर्तमान में 201 गोवंश मौजूद हैं। प्रमुख सचिव व डीएम ने गोशाला में गोवंश के गोबर से बनाए जाने वाली लकड़ी भी देखी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed