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Muzaffarnagar News: भाव मिला न भुगतान, मुश्किलें झेल रहे किसान
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पेराई सत्र के ढाई माह बीत गए, भाव अब तक घोषित नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गन्ने का पेराई सत्र शुरू हुए करीब ढाई माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया। किसानों का आरोप है कि सरकार की नीति और नियत में फर्क है। आय दोगुनी करने की बात करने वाली सरकार खुद ही किसानों की अनदेखी करने का काम कर रही है। सरकार का रवैया किसानों के प्रति संतोषजनक नहीं है।
सरकार की कथनी और करनी में अंतर
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। बुढ़ाना चीनी मिल का भुगतान पिछले पेराई सत्र का भी अब तक नहीं किया गया। वर्तमान सत्र का अब तक भाव घोषित नहीं किया गया। किसान सरकार की मंशा को पूरी तरह समझ चुके हैं।
हर मोर्चे पर फेल हो रही भाजपा
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश रवि का कहना है कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल हो रही है। किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। गन्ना मूल्य तक घोषित करने में सरकार नाकाम रही है। सरकार का रवैया बेहद असंतोषजनक है।
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सरकार बस जानती है बात बनाना
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि सरकार बस बात बनाना जानती है। गन्ना मूल्य, आवारा गोवंशीय पशु, बकाया भुगतान के मुद्दे पर सरकार नाकाम साबित हुई है। किसानों के बीच सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी है।
सरकार पशुओं को इंतजाम करें
रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक का कहना है कि सरकार अगर किसान हितैषी है तो लाभकारी मूल्य घोषित करें। खेतों में नुकसान पहुंचा रहे पशुओं को गोशाला तक भिजवाने का कार्य करें। सरकार की नीतियों से किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। इस रवैये को किसान कब तक बर्दाश्त करेंगे।
चार सौ रुपये से ज्यादा मिले भाव
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा मिलना चाहिए। सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के हिसाब से करें। किसान आवारा पशुओं से भी परेशान हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। गन्ने का पेराई सत्र शुरू हुए करीब ढाई माह बीत गए हैं, लेकिन अभी तक सरकार ने गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया। किसानों का आरोप है कि सरकार की नीति और नियत में फर्क है। आय दोगुनी करने की बात करने वाली सरकार खुद ही किसानों की अनदेखी करने का काम कर रही है। सरकार का रवैया किसानों के प्रति संतोषजनक नहीं है।
सरकार की कथनी और करनी में अंतर
सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी का कहना है कि भाजपा सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। बुढ़ाना चीनी मिल का भुगतान पिछले पेराई सत्र का भी अब तक नहीं किया गया। वर्तमान सत्र का अब तक भाव घोषित नहीं किया गया। किसान सरकार की मंशा को पूरी तरह समझ चुके हैं।
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हर मोर्चे पर फेल हो रही भाजपा
बसपा जिलाध्यक्ष सतीश रवि का कहना है कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर फेल हो रही है। किसानों को फसलों का वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। गन्ना मूल्य तक घोषित करने में सरकार नाकाम रही है। सरकार का रवैया बेहद असंतोषजनक है।
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सरकार बस जानती है बात बनाना
भाकियू जिलाध्यक्ष योगेश शर्मा का कहना है कि सरकार बस बात बनाना जानती है। गन्ना मूल्य, आवारा गोवंशीय पशु, बकाया भुगतान के मुद्दे पर सरकार नाकाम साबित हुई है। किसानों के बीच सरकार के रवैये को लेकर नाराजगी है।
सरकार पशुओं को इंतजाम करें
रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक का कहना है कि सरकार अगर किसान हितैषी है तो लाभकारी मूल्य घोषित करें। खेतों में नुकसान पहुंचा रहे पशुओं को गोशाला तक भिजवाने का कार्य करें। सरकार की नीतियों से किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। इस रवैये को किसान कब तक बर्दाश्त करेंगे।
चार सौ रुपये से ज्यादा मिले भाव
भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसानों को गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल से ज्यादा मिलना चाहिए। सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के हिसाब से करें। किसान आवारा पशुओं से भी परेशान हैं।