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Muzaffarnagar News: 50 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त करने की तैयारी
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मुजफ्फरनगर। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद के 50 गांव को पूर्ण रूप से टीबी मुक्त करने की तैयारी की जा रही है। कई दौर की कवायद के बाद अब स्वास्थ्य विभाग इन सभी ग्राम पंचायतों में सेंट्रल टीबी डिवीजन की ओर से तय किए गए छह मानकों का परीक्षण करा रहा है। मानक पर खरा उतरने वाली ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त करने की घोषणा की जाएगी।
पिछले वर्ष चलाए गए कार्यक्रम के बाद जनपद की 21 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस बार टीबी मुक्ति के लिए 50 ग्राम पंचायतों को लक्ष्य रखा गया है। जांच के लिए गठित की गई टीम में मेडिकल ऑफिसर, एडीओ पंचायत और जिला कोऑर्डिनेटर सभी ग्राम पंचायतों में जाकर सेंट्रल टीबी डिवीजन के छह बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
परीक्षण के दौरान जांचे जा रहे यह बिंदु : जिला क्षय रोग विभाग के निर्देशन में परीक्षण करने वाली टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। परीक्षण के दौरान देखा जा रहा है कि गांव में प्रति एक हजार की आबादी पर 30 या उससे अधिक टीबी जांच हो चुकी हो। गांव में टीबी का एक से अधिक केस न रहा हो।
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2023 में किये गए मरीजों की सफल उपचार दर कम से कम 85 प्रतिशत रही हो। यूडीएसटी (दवा-संवेदनशील टीबी) जांच कम से कम 60 प्रतिशत की गई हो। निक्षय पोषण योजना की पहली किस्त खातों में जा चुकी हो और 2024 में उपचार पाने वालों को एक माह की पोषण पोटली दी जा चुकी हो।
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पिछले वर्ष चलाए गए कार्यक्रम के बाद जनपद की 21 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया। इस बार टीबी मुक्ति के लिए 50 ग्राम पंचायतों को लक्ष्य रखा गया है। जांच के लिए गठित की गई टीम में मेडिकल ऑफिसर, एडीओ पंचायत और जिला कोऑर्डिनेटर सभी ग्राम पंचायतों में जाकर सेंट्रल टीबी डिवीजन के छह बिंदुओं पर भौतिक सत्यापन कर रहे हैं।
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परीक्षण के दौरान जांचे जा रहे यह बिंदु : जिला क्षय रोग विभाग के निर्देशन में परीक्षण करने वाली टीम विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है। परीक्षण के दौरान देखा जा रहा है कि गांव में प्रति एक हजार की आबादी पर 30 या उससे अधिक टीबी जांच हो चुकी हो। गांव में टीबी का एक से अधिक केस न रहा हो।
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2023 में किये गए मरीजों की सफल उपचार दर कम से कम 85 प्रतिशत रही हो। यूडीएसटी (दवा-संवेदनशील टीबी) जांच कम से कम 60 प्रतिशत की गई हो। निक्षय पोषण योजना की पहली किस्त खातों में जा चुकी हो और 2024 में उपचार पाने वालों को एक माह की पोषण पोटली दी जा चुकी हो।