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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंची प्री-स्कूल किट
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर नहीं पहुंची प्री-स्कूल किट
मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार का आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल के रूप में तैयार करने की सोच पर अफसरशाही भारी पड़ रही है। शासन ने 30 जून तक जिले के 2016 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन सितंबर चल रहा है और अभी भी प्रक्रिया अधूरी पड़ी है।
मुख्यमंत्री ने सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में जिन कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया था, उनमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट दिया जाना भी शामिल था। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने 21 जून को जारी पत्र में 30 जून तक 2016 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट भेजने के आदेश दिए थे। सितंबर माह का दूसरा सप्ताह चल रहा है। योगी सरकार के 100 दिन पूरे हुए भी महीना बीत गया है। बावजूद इसके जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट नहीं पहुंच पाई है। अभी तक जिला स्तर पर गठित कमेटी टेंडर की प्रक्रिया पूरी ही नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर ही अफसर लापरवाह बने हुए हैं। प्री-किट के लिए जिले में दो टेंडर होने हैं, जिसमें एक टेंडर 24 लाख 50 हजार का और दूसरा 12 लाख 50 हजार का है। दो बार टेंडर की प्रक्रिया बीच में ही समाप्त की जा चुकी है।
प्री-स्कूल किट में यह सामान होगा शामिल
प्री-स्कूल किट में बच्चों के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक ढपली, पोषण मैनुअल, प्लास्टिक के बड़े मोतियों की माला, वर्णमाला वॉल चार्ट, एक ट्रंक ताले सहित, तीन से चार वर्ष के बच्चों के लिए गतिविधि पुस्तिका, छह वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग-अलग गतिविधि पुस्तिका की खरीद होनी है। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर खरीदारी के लिए शासन से गठित कमेटी में जिले के डीएम को अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम अधिकारी को सचिव, वरिष्ठ कोषाधिकारी, बीएसए, जिला उद्योग अधिकारी को सदस्य रखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गोंड ने बताया कि प्री-स्कूल किट आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजने को लेकर टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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मुजफ्फरनगर। प्रदेश सरकार का आंगनबाड़ी केंद्रों को प्री-स्कूल के रूप में तैयार करने की सोच पर अफसरशाही भारी पड़ रही है। शासन ने 30 जून तक जिले के 2016 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट भेजने के निर्देश दिए थे, लेकिन सितंबर चल रहा है और अभी भी प्रक्रिया अधूरी पड़ी है।
मुख्यमंत्री ने सरकार के 100 दिन के कार्यकाल में जिन कार्यों को पूरा करने का संकल्प लिया था, उनमें आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट दिया जाना भी शामिल था। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग ने 21 जून को जारी पत्र में 30 जून तक 2016 आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट भेजने के आदेश दिए थे। सितंबर माह का दूसरा सप्ताह चल रहा है। योगी सरकार के 100 दिन पूरे हुए भी महीना बीत गया है। बावजूद इसके जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्री-स्कूल किट नहीं पहुंच पाई है। अभी तक जिला स्तर पर गठित कमेटी टेंडर की प्रक्रिया पूरी ही नहीं कर पाई है। मुख्यमंत्री की घोषणा को लेकर ही अफसर लापरवाह बने हुए हैं। प्री-किट के लिए जिले में दो टेंडर होने हैं, जिसमें एक टेंडर 24 लाख 50 हजार का और दूसरा 12 लाख 50 हजार का है। दो बार टेंडर की प्रक्रिया बीच में ही समाप्त की जा चुकी है।
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प्री-स्कूल किट में यह सामान होगा शामिल
प्री-स्कूल किट में बच्चों के लिए प्रत्येक केंद्र पर एक ढपली, पोषण मैनुअल, प्लास्टिक के बड़े मोतियों की माला, वर्णमाला वॉल चार्ट, एक ट्रंक ताले सहित, तीन से चार वर्ष के बच्चों के लिए गतिविधि पुस्तिका, छह वर्ष तक के बच्चों के लिए अलग-अलग गतिविधि पुस्तिका की खरीद होनी है। जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों पर खरीदारी के लिए शासन से गठित कमेटी में जिले के डीएम को अध्यक्ष, जिला कार्यक्रम अधिकारी को सचिव, वरिष्ठ कोषाधिकारी, बीएसए, जिला उद्योग अधिकारी को सदस्य रखा गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश गोंड ने बताया कि प्री-स्कूल किट आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजने को लेकर टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
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