गोल्ड की पूरी उम्मीद: आज बर्मिंघम के अखाड़े में दांव लगाएगी अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान, परिजनों ने कही बड़ी
Divya Kakran Update: अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान के लिए आज दिन काफी महत्वपूर्ण है। उम्मीद है कि दिव्या काकरान बर्मिंघम के अखाड़े में शानदार प्रदर्शन करेंगी और गोल्ड जीतकर देश का नाम रोशन करेंगी।
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मुश्किल हालातों से निकलकर गोल्डन गर्ल बनीं अर्जुन अवार्डी दिव्या काकरान (Divya Kakran) आज बर्मिंघम में फिर पदक पर दांव लगाएगी। बहुप्रतीक्षित कुश्ती का खेल प्रेमियों को इंतजार है। 68 किलोग्राम भार वर्ग में दिव्या दमखम दिखाएगी।
महिला कुश्ती के अखाड़े में मुजफ्फरनगर जिले का नाम स्वर्णिम अक्षरों से लिख चुकीं पुरबालियान गांव की बेटी दिव्या काकरान ने चार साल पहले गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ में देश को कांस्य पदक दिलाया था। बर्मिंघम के लिए चयन हुआ तो दिव्या ने तैयारियों में ताकत झोंक दी। भारतीय कुश्ती टीम के साथ रवाना हुई पहलवान ने स्वर्ण पदक की उम्मीद जताई है। पेरिस ओलंपिक की तैयारियों में जुटी दिव्या का मानना है कि इस बार उसकी तैयारी पहले से बहुत अच्छी हुई है।
संघर्ष में तपकर कुंदन बनी हैं दिव्या काकरान
कॉमनवेल्थ के अखाड़े में अपना हुनर दिखाने जा रही दिव्या काकरान का जन्म मंसूरपुर क्षेत्र के पुरबालियान गांव में हुआ। वर्तमान में परिवार दिल्ली के गोकलपुर में रहता है। कुश्ती के शुरुआती दिनों में दिव्या ने संघर्ष किया है।वर्तमान में वह रेलवे में सीनियर टीटी के पद पर कार्यरत हैं। 2020 में दिव्या को अर्जुन अवार्ड दिया गया था।
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परिवार को पदक की पूरी उम्मीद
दिव्या के पिता सूरज पहलवान, माता संयोगिता, भाई देव काकरान व दीपक काकरान को उम्मीद है कि दिव्या पदक लेकर जरूर आएगी। शामली के सचिन प्रताप से दिव्या की शादी तय हो चुकी है। सचिन प्रताप ने दिव्या को ट्रेनिंग दी है। सचिन खुद बॉडी बिल्डर के नेशनल खिलाड़ी है।
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कुश्ती में पदक की पूरी उम्मीद : जगमिंद्र
भारतीय कुश्ती टीम के चीफ कोच रहे द्रोणाचार्य अवार्डी जगमिंद्र सिंह का कहना है कि दिव्या अच्छी खिलाड़ी है। महिला कुश्ती में जिले का नाम ऊंचा किया है। पदक की पूरी उम्मीद है।