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आलू उत्पादकों को दुगुने दाम पर खरीदना पड़ेगा बीज
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गोदाम में आलू।
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
आलू उत्पादकों को दुगुने दाम पर खरीदना पड़ेगा बीज
मुजफ्फरनगर। सब्सिडी खत्म होने के कारण किसानों को दुगुने दाम पर आलू का बीज खरीदना पड़ेगा। जिलेभर में इस बार 400 हेक्टेयर में आलू उत्पादन का लक्ष्य है। मौसम के अनुकूल होने के कारण यह लक्ष्य पूरा होने का अनुमान है। पिछले साल मौसम की मार के कारण विभाग द्वारा बीज खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था।
जिले में रामराज, खतौली, बुढ़ाना और जानसठ ब्लॉक में आलू का उत्पादन किसान करते हैं। शासन से जिले को चिप्सोना, बहार, सूर्या और पुखराज वैरायटी का 50-50 क्विंटल बीज आवंटित हुआ है। नकद मूल्य वितरण के लिए आलू के बीज 3150 रुपये निर्धारित है। जिला उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 400 क्विंटल आलू का बीज 1745 रुपये क्विंटल की दर पर मुहैया हुआ था। बेमौसमी बरसात के कारण पिछले वर्ष बीज बिक्री का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था और करीब 125 क्विंटल बीज बच गया था। पिछले साल किसानों ने आलू कम लगाया था। यही वजह है उत्पादन की कमी में इस बार तिगुने रेट पर आलू खरीदना पड़ रहा है। चरथावल के किसान सुनिल दत्त त्यागी और पिंटू कश्यप कहते हैं कि आलू का बेहतर उत्पादन अच्छे मौसम में होता है। गहरे खेतों में पानी भरने के कारण चरथावल में लोगों ने आलू की पैदावार कम कर दी है, जबकि पड़ोसी शामली जनपद के जलालाबाद और थानाभवन में आलू की पैदावार अच्छी होती है। जिला उद्यान अधिकारी सतेंद्र पाल मान ने बताया कि अनुकूल मौसम है। पैदावार के प्रति इस बार आलू उत्पादकों में उत्साह है। बीज के रेट बढ़ने के बावजूद आलू उत्पादन का लक्ष्य पूरा होगा।
पैदावार कमजोर होने से महंगा है आलू
चरथावल। चरथावल में आलू गोदाम के स्वामी शहजाद मेंबर और शमीम ने बताया कि प्रदेश के अलावा पंजाब में भी आलू की पैदावार कम रही थी। कोविड के चलते कोल्ड स्टोर में स्टाक नहीं लगा पाए। इन दिनों मंदा बिकने वाला आलू तिगुने रेट पर बाजार में बिक रहा है। स्टॉकिस्ट आगरा और पंजाब से आलू लाकर चरथावल में स्टॉक करते थे। हालांकि रेट की अनिश्चितता के चलते स्टॉक कमजोर रहा और आलू के थोक व्यापारियों ने जोखिम उठाने से परहेज रखा। थोक भाव में आलू की वैरायटी डायमंड 1400 रुपये 50 किलो, 3397 का बैग 1300 रुपये, चिप्सोना 1400-1450 और फ्राइसोना 1400 से 1450 रुपये प्रति बैग 50 किलो है। नवंबर के पहले पखवाड़े में नए आलू की आवक के बाद रेट में कमी आएगी।
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मुजफ्फरनगर। सब्सिडी खत्म होने के कारण किसानों को दुगुने दाम पर आलू का बीज खरीदना पड़ेगा। जिलेभर में इस बार 400 हेक्टेयर में आलू उत्पादन का लक्ष्य है। मौसम के अनुकूल होने के कारण यह लक्ष्य पूरा होने का अनुमान है। पिछले साल मौसम की मार के कारण विभाग द्वारा बीज खरीद का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था।
जिले में रामराज, खतौली, बुढ़ाना और जानसठ ब्लॉक में आलू का उत्पादन किसान करते हैं। शासन से जिले को चिप्सोना, बहार, सूर्या और पुखराज वैरायटी का 50-50 क्विंटल बीज आवंटित हुआ है। नकद मूल्य वितरण के लिए आलू के बीज 3150 रुपये निर्धारित है। जिला उद्यान विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 400 क्विंटल आलू का बीज 1745 रुपये क्विंटल की दर पर मुहैया हुआ था। बेमौसमी बरसात के कारण पिछले वर्ष बीज बिक्री का लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया था और करीब 125 क्विंटल बीज बच गया था। पिछले साल किसानों ने आलू कम लगाया था। यही वजह है उत्पादन की कमी में इस बार तिगुने रेट पर आलू खरीदना पड़ रहा है। चरथावल के किसान सुनिल दत्त त्यागी और पिंटू कश्यप कहते हैं कि आलू का बेहतर उत्पादन अच्छे मौसम में होता है। गहरे खेतों में पानी भरने के कारण चरथावल में लोगों ने आलू की पैदावार कम कर दी है, जबकि पड़ोसी शामली जनपद के जलालाबाद और थानाभवन में आलू की पैदावार अच्छी होती है। जिला उद्यान अधिकारी सतेंद्र पाल मान ने बताया कि अनुकूल मौसम है। पैदावार के प्रति इस बार आलू उत्पादकों में उत्साह है। बीज के रेट बढ़ने के बावजूद आलू उत्पादन का लक्ष्य पूरा होगा।
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पैदावार कमजोर होने से महंगा है आलू
चरथावल। चरथावल में आलू गोदाम के स्वामी शहजाद मेंबर और शमीम ने बताया कि प्रदेश के अलावा पंजाब में भी आलू की पैदावार कम रही थी। कोविड के चलते कोल्ड स्टोर में स्टाक नहीं लगा पाए। इन दिनों मंदा बिकने वाला आलू तिगुने रेट पर बाजार में बिक रहा है। स्टॉकिस्ट आगरा और पंजाब से आलू लाकर चरथावल में स्टॉक करते थे। हालांकि रेट की अनिश्चितता के चलते स्टॉक कमजोर रहा और आलू के थोक व्यापारियों ने जोखिम उठाने से परहेज रखा। थोक भाव में आलू की वैरायटी डायमंड 1400 रुपये 50 किलो, 3397 का बैग 1300 रुपये, चिप्सोना 1400-1450 और फ्राइसोना 1400 से 1450 रुपये प्रति बैग 50 किलो है। नवंबर के पहले पखवाड़े में नए आलू की आवक के बाद रेट में कमी आएगी।
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